खंडवा में आई बाढ़ में बह गए थे बैल, फिर फसल सूखे के चलते हो रही थी बर्बाद, किसान ने कीटनाशक पीकर कर लिया सुसाइड
Chandresh Sharma | Sept 05, 2023, 24:00 IST
खंडवा जिले के एक किसान ने अपने ही खेत में जहर पीकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मामला पुनासा तहसील के देतगांव का है । परिजनों का कहना है कि सुखराम फसल बर्बादी को लेकर मानसिक तनाव में था।
KHANDWA. खंडवा जिले के एक किसान ने अपने ही खेत में जहर पीकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मामला पुनासा तहसील के देतगांव का है । परिजनों का कहना है कि सुखराम फसल बर्बादी को लेकर मानसिक तनाव में था। डेढ़ महीने पहले बाढ़ आने की वजह से उसके बैल भी बह गए थे, उसका भी कोई मुआवजा नहीं मिला, बाद में बारिश नहीं होने की वजह से फसल सूख रही थी। इसी के चलते मानसिक तनाव में आकर उसने जहर पी लिया। परिजन उसे मूंदी अस्पताल लाए बाद में उसे खंडवा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया । देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम किया है और मामले की जांच कर रही है।
6 एकड़ जमीन पर लगी थी फसल
खंडवा की पुनासा तहसील के देत गांव में लगभग 26 वर्ष के युवा किसान सुखराम की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसने कीटनाशक पिया था। सुखराम के भाई का कहना है कि पिछले देड़ महीने भारी बारिश की वजह से बाढ़ आई थी जिसमें उसकी फसल बर्बाद हुई थी साथ ही उसके बैल भी बह गए थे । जिला प्रशासन ने उसका मुआवजा प्रकरण भी बनाया था लेकिन अभी तक कोई राहत राशि नहीं मिल पाई थी। इसके बाद लंबे समय से बारिश नहीं होने की वजह से बची खुची फसल भी सूख रही थी। इसी के कारण वह तनाव में था और उसने कीटनाशक पी लिया। वह उसकी और उसके भाई की 6 एकड़ जमीन जोतता था।
कपास और सोयाबीन की फसल हुई बर्बाद
पुलिस ने इस मामले में फिलहाल मर्ग कायम किया है। उसका पोस्टमार्टम किया जा रहा है साथ ही मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। परिजनों ने बताया कि सुखराम को गांव में किसी से झगड़ा नहीं था। उसने 4 लाख रुपए की लागत से कपास और सोयाबीन की फसल लगाई थी लेकिन सूखे के कारण फसल बर्बाद हो चुकी है। कर्ज के चलते ही उसने यह कदम उठाया है।
6 एकड़ जमीन पर लगी थी फसल
खंडवा की पुनासा तहसील के देत गांव में लगभग 26 वर्ष के युवा किसान सुखराम की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसने कीटनाशक पिया था। सुखराम के भाई का कहना है कि पिछले देड़ महीने भारी बारिश की वजह से बाढ़ आई थी जिसमें उसकी फसल बर्बाद हुई थी साथ ही उसके बैल भी बह गए थे । जिला प्रशासन ने उसका मुआवजा प्रकरण भी बनाया था लेकिन अभी तक कोई राहत राशि नहीं मिल पाई थी। इसके बाद लंबे समय से बारिश नहीं होने की वजह से बची खुची फसल भी सूख रही थी। इसी के कारण वह तनाव में था और उसने कीटनाशक पी लिया। वह उसकी और उसके भाई की 6 एकड़ जमीन जोतता था।
कपास और सोयाबीन की फसल हुई बर्बाद
पुलिस ने इस मामले में फिलहाल मर्ग कायम किया है। उसका पोस्टमार्टम किया जा रहा है साथ ही मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। परिजनों ने बताया कि सुखराम को गांव में किसी से झगड़ा नहीं था। उसने 4 लाख रुपए की लागत से कपास और सोयाबीन की फसल लगाई थी लेकिन सूखे के कारण फसल बर्बाद हो चुकी है। कर्ज के चलते ही उसने यह कदम उठाया है।
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