एमपी सरकार की पहल, गौकाष्ठ आधारित होलिका दहन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Sandeep Kumar | Feb 27, 2026, 20:10 IST
celebrate holi
मध्यप्रदेश सरकार ने इस वर्ष होली के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की है। सरकार ने निर्णय लिया है कि होलिका दहन के लिए लकड़ी के बजाय गौकाष्ठ और उपलों का उपयोग किया जाएगा।

News in Short

  • मध्यप्रदेश सरकार ने होली पर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश देने की पहल की।
  • होलिका दहन के लिए गौकाष्ठ का उपयोग बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।
  • सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों का निःशुल्क पंजीयन होगा।
  • सामूहिक सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भ्रमण किया जाएगा।
  • भविष्य में पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले संस्थाओं और पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

News in Detail

BHOPAL. मध्यप्रदेश सरकार ने इस वर्ष होली को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश के साथ मनाने की पहल की है। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिक पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। होली के अवसर पर गौकाष्ठ और उपलों का उपयोग किया जाएगा। यह कदम पर्यावरण के लिए सुरक्षित है और सामाजिक एकता का संदेश देता है। सरकार ने संभागायुक्तों और कलेक्टरों को दिशा निर्देश जारी किए हैं।



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होलिका दहन कार्यक्रमों का निःशुल्क पंजीयन

राज्य शासन ने होली पर सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों का निःशुल्क पंजीयन करने का निर्णय लिया है। पंजीयन सभी जिला मुख्यालयों, पंचायतों, नगरीय निकायों और तहसील क्षेत्रों में होगा। पंजीयन के दौरान आयोजकों से पदाधिकारी और संपर्क नंबर जैसी जानकारी ली जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा कि आयोजन शासकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार हो।



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होलिका दहन में गौकाष्ठ का प्रचार

गौकाष्ठ आधारित होलिका दहन को बढ़ावा देने के लिए शासकीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तर पर इस प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। हर आयोजन में जलाऊ और इमारती लकड़ी के बजाय गौकाष्ठ का ही प्रयोग होगा।



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गौकाष्ठ का उपयोग पर्यावरण संकट को कम करेगा

गौकाष्ठ का उपयोग पर्यावरण संकट को कम करेगा। यह संदेश देता है कि हम पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार हैं। लकड़ी की अराजक कटाई रोकी जाएगी। प्रदूषण की समस्या हल होगी। यह कदम प्रदेश की हरियाली और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करेगा।



सामूहिक सहभागिता बढ़ाई जाएगी

इस अभियान को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता बढ़ाई जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा होलिका दहन साइटों का भ्रमण किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल गौकाष्ठ का उपयोग हो। कोई अनियमितता न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।



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समाज में एकता का संदेश

होलिका दहन के आयोजन से समाज में एकता का संदेश मिलेगा। सभी वर्गों के लोग इस पहल में भाग ले सकते हैं। यह पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण में योगदान देगा।



पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रशस्ति पत्र

राज्य सरकार भविष्य में संस्थाओं और पदाधिकारियों को प्रोत्साहित करेगी। राज्य शासन "पर्यावरण संरक्षण" संबंधित प्रशस्ति पत्र प्रदान करेगा। यह इन संस्थाओं के योगदान को सराहेगा और प्रेरित करेगा।





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