भेड़िए से लड़ने वाली महिला से CM मोहन यादव ने की बात, एक लाख की मदद दी
छिंदवाड़ा में खेत में काम कर रही दो महिलाओं पर भेड़िये ने हमला कर दिया। महिलाओं ने भेड़िये को मार डाला। सीएम ने घायल महिला भुजलो बाई की बहादुरी की सराहना की। सीएम ने एयर एंबुलेंस से भोपाल लाने का आश्वासन दिया और एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को छिंदवाड़ा में भेड़िए के हमले में घायल भुजलो बाई से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने भुजलो बाई का इलाज भोपाल में कराने के लिए एयर एम्बुलेंस भेजने की बात कही और उनके साहस की सराहना करते हुए मदद का आश्वासन दिया। सीएम ने भुजलो बाई के लिए एक लाख की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की और कलेक्टर को अस्पताल जाकर महिला से मिलने और उनका हालचाल जानने के निर्देश दिए।
जानें क्या है पूरा मामला
पिछले शुक्रवार को छिंदवाड़ा के सिंगोड़ी के पास खकरा चौरई गांव में भुजलो बाई और दुर्गा नाम की महिला खेत में काम कर रही थीं, तभी एक भेड़िए ने उन पर हमला कर दिया। दोनों ने आधे घंटे तक साहसपूर्वक भेड़िए का मुकाबला किया और आखिरकार फावड़े से वार कर उसे मार डाला। दुर्गा को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि भुजलो बाई का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने किया साहस को सलाम
मुख्यमंत्री ने भुजलो बाई की बहादुरी की प्रशंसा की और कहा, “आप पर प्रदेश को गर्व है, आप हमारी शान हैं।” उन्होंने भुजलो बाई को 1 लाख की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से देने की घोषणा की। इसके अलावा, भुजलो बाई के बेटे रामकुमार की मदद का भी वादा किया।
कलेक्टर ने किया अस्पताल का दौरा
कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह अस्पताल पहुंचे और भुजलो बाई तथा उनके परिजनों से मुलाकात की। डॉक्टरों को विशेष इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस खबर से जुड़े सामान्य सवाल
भेड़िए का हमला किस जगह पर हुआ था?
भेड़िए का हमला छिंदवाड़ा जिले के सिंगोड़ी के पास खकरा चौरई गांव में हुआ था।
मुख्यमंत्री ने भुजलो बाई के लिए क्या सहायता की घोषणा की?
मुख्यमंत्री ने भुजलो बाई को इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से भोपाल लाने और एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
भुजलो बाई के परिवार को और क्या मदद मिलेगी?
मुख्यमंत्री ने भुजलो बाई के बेटे रामकुमार को रोजगार में सहायता देने का भी आश्वासन दिया है।
भुजलो बाई और दुर्गा बाई ने भेड़िए से कैसे मुकाबला किया?
भुजलो बाई और दुर्गा बाई ने फावड़े से हमला कर भेड़िए को मार गिराया और अपनी जान बचाई।
कलेक्टर का अस्पताल में क्या उद्देश्य था?
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने अस्पताल में जाकर भुजलो बाई का हाल-चाल पूछा और डॉक्टरों को विशेष इलाज के निर्देश दिए।