कॉलोनाइजर के सामने बेबस टीएंडसीपी, नोटिस देने वाले अफसर नहीं रोक पा रहे निर्माण
Sanjay Sharma | Jun 20, 2024, 19:35 IST
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राजधानी भोपाल में दबंग कॉलोनाइजर और बिल्डर्स ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को झूठा शपथ पत्र देकर कॉलोनी का नक्शा पास कराया। एक माह पहले नोटिस जारी कर जिम्मेदार भूल ही गए, वहीं मौके पर जांच करने एक बार भी नहीं पहुंचे...
बेबस टीएंडसीपी : भोपाल में कॉलोनाइजर और बिल्डर्स के रसूख के सामने पूरा प्रशासन नतमस्तक है। बात बिना अनुमति कॉलोनी बनाने की हो या फिर नियमों में हेरफेर से मनमाने निर्माण की। हर बार टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और नगर-निगम जैसी एजेंसियां कॉलोनाइजर और बिल्डरों के सामने बेबस दिखती हैं। ताजा मामला टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से जुड़ा है। दस्तावेजों में हेरफेर कर कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत कराने वाले कॉलोनाइजर को अब टीएंडसीपी ही नहीं रोक पा रही है। कॉलोनाइजर एक महीने से आदेश का उल्लंघन कर रहा है और अफसर हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों की कॉलोनाइजर के सामने बेबसी का यह पूरा मामला क्या है आपको बताते हैं। दरअसल राजधानी के कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स ने भदभदा क्षेत्र में सूरजनगर के सेवानियां गौंड में कॉलोनी विकसित करने नक्शा पास कराया था। जो दस्तावेज सौंपे गए उनमें 12.85 हैक्टेयर में प्लाटिंग करने का उल्लेख था। साथ ही 31.77 हैक्टेयर का कोई हिस्सा बैंक या कंपनी में बंधक और विक्रय नहीं करने का शपथ पत्र भी कॉलोनाइजर ने दिया था।
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नक्शा स्वीकृत होते ही कॉलोनाइजर ने सेंट्रल पार्क नाम से कॉलोनी विकसित कर प्लाटिंग शुरू कर दी। इस बीच कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए जमीन का एक हिस्सा बेंचने की शिकायत टीएंडसीपी पहुंच गई। दस्तावेजों में हेराफेरी और गलत शपथ पत्र देने पर टीएंडसीपी ने नोटिस जारी कर दिया। लेकिन कॉलोनाइजर की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। बिल्डर के इस रवैए के चलते टीएंडसीपी ने जारी अनुमति पर रोक लगा दी थी।
टीएंडसीपी के दस्तावेज और शपथ पत्र के आधार पर 5 जनवरी 2022 को नक्शा स्वीकृत कर कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी थी। दो साल बाद तथ्यों को छिपाकर नक्शा स्वीकृत कराने की जानकारी पर टीएंडसीपी ने दो बार नोटिस जारी किए। पहला नोटिस 3 मई 2024 को भेजने पर बिल्डर ने समय की मांग की लेकिन जवाब पेश नहीं किया। दस दिन बाद दूसरा नोटिस 13 मई 2024 को भेजा गया। दो अवसरों के बाद भी बिल्डर के जबाव न देने पर 17 मई 2024 को कॉलोनी में काम बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया।
सेंट्रल पार्क में काम बंद कराने का नोटिस देने वाले अफसर इसे ही कर्तव्य की इतिश्री मान रहे हैं। टीएंडसीपी का कोई भी अधिकारी अपने आदेश के पालन में काम रुकने की जांच करने भी नहीं गया। राजधानी में टीएंडसीपी में दो ज्वाइंट डायरेक्टर और एक असिस्टेंट डायरेक्टर पदस्थ हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर सुनीता सिंह कार्यालय की प्रमुख हैं। सेंट्रल पार्क में काम चलने पर जवाब के लिए कॉल करने पर उन्होंने रिसीव ही नहीं किया। वहीं उनके अधीनस्थ भी इस सवाल पर चुप्पी साधे रहे।
टीएंडसीपी के आदेश को दरकिनार कर कुणाल बिल्डर द्वारा सेंट्रल पार्क में काम कराया जा रहा है। भदभदा क्षेत्र में बड़े तालाब के नजदीक इस कॉलोनी में प्लॉट की कीमत भी काफी ज्यादा है। झूठे शपथ पत्र और दस्तावेजों से नक्शा पास कराने वाली बिल्डर फर्म अब यहां सबसे अच्छी टाउनशिप बनाने का दावा कर रहा है।
नक्शा पास कराने दिया झूठा शपथ पत्र
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों की कॉलोनाइजर के सामने बेबसी का यह पूरा मामला क्या है आपको बताते हैं। दरअसल राजधानी के कुणाल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स ने भदभदा क्षेत्र में सूरजनगर के सेवानियां गौंड में कॉलोनी विकसित करने नक्शा पास कराया था। जो दस्तावेज सौंपे गए उनमें 12.85 हैक्टेयर में प्लाटिंग करने का उल्लेख था। साथ ही 31.77 हैक्टेयर का कोई हिस्सा बैंक या कंपनी में बंधक और विक्रय नहीं करने का शपथ पत्र भी कॉलोनाइजर ने दिया था।
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दो साल बाद सामने आई हेराफेरी
नक्शा स्वीकृत होते ही कॉलोनाइजर ने सेंट्रल पार्क नाम से कॉलोनी विकसित कर प्लाटिंग शुरू कर दी। इस बीच कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए जमीन का एक हिस्सा बेंचने की शिकायत टीएंडसीपी पहुंच गई। दस्तावेजों में हेराफेरी और गलत शपथ पत्र देने पर टीएंडसीपी ने नोटिस जारी कर दिया। लेकिन कॉलोनाइजर की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। बिल्डर के इस रवैए के चलते टीएंडसीपी ने जारी अनुमति पर रोक लगा दी थी।
बिल्डर ने टीएंडसीपी नहीं भेजा जवाब
टीएंडसीपी के दस्तावेज और शपथ पत्र के आधार पर 5 जनवरी 2022 को नक्शा स्वीकृत कर कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी थी। दो साल बाद तथ्यों को छिपाकर नक्शा स्वीकृत कराने की जानकारी पर टीएंडसीपी ने दो बार नोटिस जारी किए। पहला नोटिस 3 मई 2024 को भेजने पर बिल्डर ने समय की मांग की लेकिन जवाब पेश नहीं किया। दस दिन बाद दूसरा नोटिस 13 मई 2024 को भेजा गया। दो अवसरों के बाद भी बिल्डर के जबाव न देने पर 17 मई 2024 को कॉलोनी में काम बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया।
नोटिस देकर कर्तव्य की इतिश्री, देखने कोई नहीं पहुंचा
सेंट्रल पार्क में काम बंद कराने का नोटिस देने वाले अफसर इसे ही कर्तव्य की इतिश्री मान रहे हैं। टीएंडसीपी का कोई भी अधिकारी अपने आदेश के पालन में काम रुकने की जांच करने भी नहीं गया। राजधानी में टीएंडसीपी में दो ज्वाइंट डायरेक्टर और एक असिस्टेंट डायरेक्टर पदस्थ हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर सुनीता सिंह कार्यालय की प्रमुख हैं। सेंट्रल पार्क में काम चलने पर जवाब के लिए कॉल करने पर उन्होंने रिसीव ही नहीं किया। वहीं उनके अधीनस्थ भी इस सवाल पर चुप्पी साधे रहे।
नियमों तोड़कर पॉश कॉलोनी बनाने की तैयारी
टीएंडसीपी के आदेश को दरकिनार कर कुणाल बिल्डर द्वारा सेंट्रल पार्क में काम कराया जा रहा है। भदभदा क्षेत्र में बड़े तालाब के नजदीक इस कॉलोनी में प्लॉट की कीमत भी काफी ज्यादा है। झूठे शपथ पत्र और दस्तावेजों से नक्शा पास कराने वाली बिल्डर फर्म अब यहां सबसे अच्छी टाउनशिप बनाने का दावा कर रहा है।
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