इंदौर शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे की कुर्सी पर खतरा, दिग्विजय सिंह ने मप्र प्रभारी से कहा एक पद वापस लो
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- चिंटू चौकसे के पास कांग्रेस के दो बड़े पद हैं।
- दिग्विजय सिंह ने एक पद छोड़ने की मांग की है।
- यह बात मप्र प्रभारी हरीश चौधरी से भी कही गई है।
- पहले भी चिंटू और दिग्विजय सिंह के बीच विवाद हो चुका है।
- कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद की चर्चा फिर तेज हो गई है।
इंदौर में शनिवार और रविवार को पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का दौरा रहा। रविवार दोपहर वे लंच के लिए अपने करीबी और पूर्व शहराध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा के घर पहुंचे। इस लंच में कुछ कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे। लेकिन जब उन्हें चिंटू चौकसे नहीं दिखे तो उन्होंने उनके बारे में पूछा और फिर नया खुलासा किया।
चौकसे से 6-7 बार एक पद से इस्तीफा देने को कहा
दिग्विजय सिंह ने चिंटू के न आने पर सुरजीत से पूछा कि वो क्यों नहीं आए। सुरजीत ने बताया कि वह बाहर हैं और राजू भदौरिया आए हैं। फिर सिंह ने कहा कि चिंटू के पास दो पद हैं, शहराध्यक्ष और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष। मैंने मप्र प्रभारी हरीश चौधरी से कहा है कि एक आदमी को एक पद रखना चाहिए, इसलिए चिंटू को एक पद से इस्तीफा देना चाहिए। रतलाम में भी शांतिलाल वर्मा के पास दो-दो पद हैं। चिंटू से भी 6-7 बार कहा जा चुका है कि वह एक पद छोड़ दें।
लिखकर नहीं देते हैं चिंटू, बोले दिग्गी
दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि मैंने जब भी चिंटू से कहा कि पद से इस्तीफा दो, तो वह कह जरूर देते हैं कि दे दूंगा, लेकिन देते नहीं। उन्होंने कहा कि एक बार मैंने कहा था कि चिंटू लिखकर दो कि इस्तीफा दोगे, लेकिन आज तक न इस्तीफा दिया और न ही लिखकर दिया। मैंने कहा कि जिसे तुम चाहो उसे दूसरा पद दे दो। इस पर बात राजू भदौरिया की निकली। कहा गया कि चाहे तो उन्हें एक पद दे दो, वह आपके करीबी हैं, लेकिन चिंटू ही लिखकर नहीं देते।
राजू के कारण ही हुआ था विवाद
बता दें कि राजू भदौरिया की वजह से चिंटू चौकसे (Indore Congress) ने पहले दिग्विजय सिंह को लेकर विवादित बातें कह दी थीं। दरअसल, दिग्गी ने राजू भदौरिया को फटकार लगाई थी, जो चिंटू को बिल्कुल पसंद नहीं आया। उनका एक ऑडियो भी सामने आया था, जिसमें वह दिग्विजय सिंह के बारे में कुछ विवादित बातें कर रहे थे।
इसके अलावा, जब दिग्विजय सिंह शीतला माता बाजार के दौरे पर गए थे, तब चिंटू ने सभी कांग्रेसियों को कहा कि ये दौरा आधिकारिक नहीं है और कोई उनके साथ नहीं जाएगा। बाद में गांधी भवन पार्टी दफ्तर में भी उन्होंने (चिंटू चौकसे न्यूज इंदौर) साफ कहा कि कोई राष्ट्रीय नेता बिना बताए कहीं भी दौरा नहीं कर सकता, पहले शहराध्यक्ष को बताना होगा।
हालांकि, बाद में चिंटू अपनी बातों पर खेद जताने भोपाल भी गए और फिर दिग्विजय सिंह के अगले इंदौर दौरे में उनके साथ रहे।
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