कार्यकर्ताओं के बीच रोने लगी कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा, बोलीं- इस बार हार गई तो..........
Pratibha Rana | Oct 25, 2023, 24:00 IST
कार्यकर्ताओं के बीच रोने लगी कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा, बोलीं- इस बार हार गई तो..........
राजस्थान के चुनाव में प्रत्याशियों के अलग-अलग रंग सामने आने लगे हैं। इसी बीच जयपुर की मालवीय नगर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी बनाई गई अर्चना शर्मा का एक वीडियो सामने आया है।
मनीष गोधा@ JAIPUR.
राजस्थान के चुनाव में प्रत्याशियों के अलग-अलग रंग सामने आने लगे हैं। इसी बीच जयपुर की मालवीय नगर सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी बनाई गई अर्चना शर्मा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कार्यकर्ताओं के बीच फफक-फफक कर रोती दिख रही हैं। वह कहते हुए दिखाई दे रही है कि इस बार चुनाव हारी तो यह मेरा अंतिम चुनाव होगा।
नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश में पार्टी
दरअसल अर्चना शर्मा मालवीय नगर सीट से तीसरी बार प्रत्याशी बनाई गई है। वे पहले दो बार इस सीट से चुनाव हार चुकी है। 2013 में जब उन्हें इस सीट पर टिकट दिया गया था, तब भी वह लगभग तीस हजार वोट से हारी थी और 2018 का चुनाव बहुत कम मार्जिन लगभग 1700 वोटो से हारी थी। इस बार भी उनके टिकट को लेकर काफी हंगामा हुआ है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेहद नजदीकी माने जाने वाले राजीव अरोड़ा, जयपुर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश शर्मा और दूसरे कई नेता जो इस सीट से टिकट मांग रहे थे, वह स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के दौरान दिल्ली पहुंच गए थे। वहां उन्होंने बड़े नेताओं से मुलाकात कर अर्चना शर्मा को टिकट नहीं दिए जाने की मांग की थी। इसके बावजूद पार्टी ने अर्चना शर्मा पर फिर से दांव खेला है और इसके विरोध में विप्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश शर्मा ने पद से इस्तीफा तक दे दिया है। पार्टी के नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश पार्टी में जारी है। अर्चना शर्मा ने कहा है कि सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं और उनसे मिलने के लिए मैं खुद जाऊंगी।
मंच पर रोने लगीं अर्चना
इस बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कार्यकर्ताओं के बैठक के दौरान उनके आंसू निकल पड़े। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर इस बार मैं हार गई तो यह मेरा अंतिम चुनाव होगा। अर्चना शर्मा विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता रहे आचार्य धर्मेंद्र की पुत्रवधू है। उनके पति सोमेंद्र शर्मा कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं। अर्चना शर्मा पार्टी की उपाध्यक्ष और मीडिया चेयरपर्सन रह चुकी है। इस समय समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है। दरअसल मालवीय नगर सीट परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इसे भारतीय जनता पार्टी की सबसे मजबूत सीटों में गिना जाता है। यहां से मौजूदा विधायक कालीचरण सराफ को पार्टी ने आठवीं बार टिकट दिया है। यह सीट ब्राह्मण और वैश्य समुदाय के मतदाताओं की सीट है, जो परमरगत तौर पर बीजेपी से जुड़े हुए हैं।
राजस्थान के चुनाव में प्रत्याशियों के अलग-अलग रंग सामने आने लगे हैं। इसी बीच जयपुर की मालवीय नगर सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी बनाई गई अर्चना शर्मा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कार्यकर्ताओं के बीच फफक-फफक कर रोती दिख रही हैं। वह कहते हुए दिखाई दे रही है कि इस बार चुनाव हारी तो यह मेरा अंतिम चुनाव होगा।
नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश में पार्टी
दरअसल अर्चना शर्मा मालवीय नगर सीट से तीसरी बार प्रत्याशी बनाई गई है। वे पहले दो बार इस सीट से चुनाव हार चुकी है। 2013 में जब उन्हें इस सीट पर टिकट दिया गया था, तब भी वह लगभग तीस हजार वोट से हारी थी और 2018 का चुनाव बहुत कम मार्जिन लगभग 1700 वोटो से हारी थी। इस बार भी उनके टिकट को लेकर काफी हंगामा हुआ है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेहद नजदीकी माने जाने वाले राजीव अरोड़ा, जयपुर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश शर्मा और दूसरे कई नेता जो इस सीट से टिकट मांग रहे थे, वह स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के दौरान दिल्ली पहुंच गए थे। वहां उन्होंने बड़े नेताओं से मुलाकात कर अर्चना शर्मा को टिकट नहीं दिए जाने की मांग की थी। इसके बावजूद पार्टी ने अर्चना शर्मा पर फिर से दांव खेला है और इसके विरोध में विप्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश शर्मा ने पद से इस्तीफा तक दे दिया है। पार्टी के नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश पार्टी में जारी है। अर्चना शर्मा ने कहा है कि सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं और उनसे मिलने के लिए मैं खुद जाऊंगी।
मंच पर रोने लगीं अर्चना
इस बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कार्यकर्ताओं के बैठक के दौरान उनके आंसू निकल पड़े। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर इस बार मैं हार गई तो यह मेरा अंतिम चुनाव होगा। अर्चना शर्मा विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता रहे आचार्य धर्मेंद्र की पुत्रवधू है। उनके पति सोमेंद्र शर्मा कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं। अर्चना शर्मा पार्टी की उपाध्यक्ष और मीडिया चेयरपर्सन रह चुकी है। इस समय समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है। दरअसल मालवीय नगर सीट परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इसे भारतीय जनता पार्टी की सबसे मजबूत सीटों में गिना जाता है। यहां से मौजूदा विधायक कालीचरण सराफ को पार्टी ने आठवीं बार टिकट दिया है। यह सीट ब्राह्मण और वैश्य समुदाय के मतदाताओं की सीट है, जो परमरगत तौर पर बीजेपी से जुड़े हुए हैं।
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