भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के बाद अब लकवे का खतरा, दूषित पानी का संक्रमण पहुंचा दिमाग की नसों तक
News In Short
- भागीरथपुरा में दूषित पानी ने अब जानलेवा मोड़ ले लिया है।
- 70 वर्षीय देवकीबाई को संक्रमण के बाद लकवा मार गया।
- सीएचएल अस्पताल की जांच में दिमाग की नस में ब्लॉकेज मिला।
- एक वर्षीय बच्ची निहारिका की हालत भी संक्रमण से गंभीर हुई।
- विशेषज्ञों ने इसे न्यूरो हेल्थ इमरजेंसी करार दिया है।
News In Detail
INDORE. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और अंगों के फेल होने के बाद अब लकवे (पैरालिसिस) का पहला मामला सामने आया है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक चला संक्रमण अब न्यूरो सिस्टम को प्रभावित कर रहा है। यह संकेत है कि संकट अभी खत्म नहीं हुआ है।
दूषित पानी से ब्रेन स्ट्रोक
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से फैली बीमारी ने अब गंभीर न्यूरोलॉजिकल रूप लेना शुरू कर दिया है। इलाके की 70 वर्षीय महिला देवकीबाई को उल्टी-दस्त के बाद अचानक लकवे के लक्षण दिखाई दिए। हालत बिगड़ने पर उन्हें सीएचएल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में दिमाग की नस में ब्लॉकेज पाया गया।
दूषित पानी, हर उम्र पर भारी
परिजनों के अनुसार पहले कई दिनों तक उल्टी-दस्त चला, शरीर कमजोर होता गया और फिर शरीर के एक हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक चला डिहाइड्रेशन और संक्रमण बुजुर्ग मरीजों में दिमाग तक रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।स्थिति केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। बॉम्बे अस्पताल इंदौर में भर्ती एक वर्षीय बच्ची निहारिका की हालत भी गंभीर रही, हालांकि अब उसमें सुधार बताया जा रहा है। इससे साफ है कि दूषित पानी का खतरा उम्र नहीं देख रहा।
Sootr Knowledge
यदि उल्टी-दस्त के बाद ये लक्षण दिखें, तुरंत अस्पताल जाएं। • शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन • बोलने या देखने में दिक्कत • अचानक कमजोरी या चक्कर • लगातार लो ब्लड प्रेशर यह सिर्फ पेट की बीमारी नहीं रह गई है।
Sootr Expert
रामगुलाम राजधान , वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ ( भूतपूर्व एमजीएम डीन , एचओडी मनोरोग विभाग ) बताते हैं कि लंबे समय तक डिहाइड्रेशन से ब्लड प्रेशर गिरता है। बुजुर्गों में इससे दिमाग की नसों तक रक्त नहीं पहुंचता, जिससे लकवे का खतरा बढ़ता है। संक्रमण इस प्रक्रिया को तेज कर देता है।
निष्कर्ष
भागीरथपुरा का संकट अब पेट की बीमारी नहीं रहा। यह न्यूरो हेल्थ इमरजेंसी में बदल रहा है। अब भी इसे हल्का लिया गया, तो नुकसान स्थायी होगा। भागीरथपुरा कांड से जुड़ी खबरें पढ़िए... भागीरथपुरा कांड: उल्टी-दस्त से 22वीं मौत, जड़ से खत्म नहीं हुई दूषित पानी की समस्या भागीरथपुरा से मिला सबक, जल अभियान में सुधारे 1100 से ज्यादा लीकेज इंदौर न्यूज : भागीरथपुरा कांड के बाद सरकार ने शुरू किया स्वच्छ जल अभियान, जानें क्या है इंदौर भागीरथपुरा कांड में शहर की छवि से लेकर निगम, प्रशासन को डैमेज करने की साजिश की आशंका