/sootr/media/media_files/2026/01/12/indore-baghirathpura-water-contamination-death-22nd-2026-01-12-10-12-43.jpg)
News In Short
भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त से 22वीं मौत
मृतका 59 वर्षीय कमलाबाई, एमवाय अस्पताल के ICU में भर्ती थीं।
6 जनवरी को शुरू हुई थी तबीयत बिगड़ना
40 से ज्यादा मरीज अभी भी अस्पतालों में भर्ती
12 से अधिक मरीजों की हालत गंभीर
News In Detail
आईसीयू में तोड़ा दम
नयापुरा जीवन की फेल, भागीरथपुरा निवासी कमलाबाई (59), पति तुलसीराम की गुरुवार सुबह एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। वह पिछले दो दिनों से आईसीयू में भर्ती थीं। परिजनों के मुताबिक, कमलाबाई एक माह पहले ही अपने पति के साथ इंदौर आई थीं।
पहले क्लिनिक, फिर अस्पताल
6 जनवरी को कमलाबाई को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। उन्हें स्थानीय संजीवनी क्लिनिक ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दवाइयां देकर घर भेज दिया गया। वहीं, अगले दिन यानी 7 जनवरी को हालत तेजी से बिगड़ी, जिसके बाद परिजन उन्हें एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए तुरंत आईसीयू में भर्ती किया।
दो दिन चला संघर्ष
आईसीयू में दो दिनों तक इलाज चला, लेकिन संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सका। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान कमलाबाई ने दम तोड़ दिया। इस मौत के साथ ही भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त से जान गंवाने वालों की संख्या 22 पहुंच गई है।
जड़ से खत्म नहीं हुई समस्या
भागीरथपुरा में नलों से आ रहा दूषित पानी इस पूरे संकट की मुख्य वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने राहत और नियंत्रण के दावे जरूर किए हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही मौतें और नए मरीज यह दिखा रहे हैं कि समस्या अब भी जमीनी स्तर पर बनी हुई है।
अभी भी हालात गंभीर
रोजाना 15 से अधिक नए मरीज सामने आ रहे हैं।
40 से ज्यादा मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती
12 से अधिक मरीज ICU में, हालत नाजुक
डॉक्टरों के मुताबिक, दूषित पानी से फैलने वाला संक्रमण कई मामलों में गंभीर रूप ले रहा है। इससे इलाज लंबा और जटिल हो रहा है।
Sootr Alert
अगर आप भागीरथपुरा या आसपास के इलाके में रहते हैं-
नल का पानी बिना उबाले न पिएं
बच्चों और बुजुर्गों पर खास नजर रखें
उल्टी-दस्त, बुखार या कमजोरी के लक्षण दिखते ही अस्पताल पहुंचें
निष्कर्ष
भागीरथपुरा में 22वीं मौत यह साफ कर देती है कि यह सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता है। जब तक दूषित पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं होती और जमीनी सुधार नहीं होता, तब तक यह संकट थमने वाला नहीं है।
ये खबर भी पढ़िए...
भागीरथपुरा से मिला सबक, जल अभियान में सुधारे 1100 से ज्यादा लीकेज
भागीरथपुरा कांड के बाद सरकार ने शुरू किया स्वच्छ जल अभियान, जानें क्या है
भागीरथपुरा में दूषित पानी ने ली एक और जान, 4 मरीज वेंटिलेटर पर कर रहे मौत से संघर्ष
भागीरथपुरा कांड: अधूरा इलाज बन रहा नई परेशानी, हालात सामान्य होने के दावों के बीच फिर मिले 12 मरीज
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us