कफ सिरप मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन की 2 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त

Amresh Kushwaha | Dec 04, 2025, 10:36 IST
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छिंदवाड़ा कफ सिरप मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक जी. रंगनाथन की संपत्ति ED ने जब्त कर ली है। रंगनाथन की कंपनी पर मिलावटी कफ सिरप बनाने के आरोप लगे हैं। जानें क्या है पूरा मामला...

छिंदवाड़ा में खांसी की सिरप पीने से बच्चों की मौत हो गई थी। अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। ED ने श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक गोविंदन रंगनाथन की 2.04 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई MP और चेन्नई पुलिस की एफआईआर के आधार पर की गई है।



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जहरीले कफ सिरप से हुई थी बच्चों की मौत

एफआईआर में आरोप है कि श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के कोल्ड्रिफ कफ सिरप में जहरीले ग्लाइकोल थे। इन जहरीले उत्पादों के सेवन से बच्चों में किडनी फेल होने की घटनाएं सामने आई थीं। वहीं, कथित तौर पर इस सिरप के कारण 20 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है।



कफ सिरप मामले में ED की बड़ी कार्रवाई की खबर...

  • ED ने श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक जी. रंगनाथन की 2.04 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है।
  • यह कार्रवाई छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत से जुड़ी एफआईआर के आधार पर की गई है। इसमें मिलावटी कफ सिरप बनाने का आरोप है।
  • कफ सिरप में जहरीले ग्लाइकोल की अधिक मात्रा (48.6% DEG और 46.28% EG) पाई गई है। इससे बच्चों की मौत और किडनी फेल होने की घटनाएं हुईं थी।
  • श्रीसन फार्मास्युटिकल्स ने उद्योग ग्रेड कच्चे माल का उपयोग किया और इसकी गुणवत्ता की जांच नहीं कराई थी।
  • ED ने 10 स्थानों पर सर्चिंग की और कई अहम वित्तीय और मिलावट से जुड़े सबूत जब्त किए हैं।

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प्रयोगशाला के नतीजो ने खोला बड़ा राज

ED के मुताबिक, लैब के नतीजों में डाईएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) की बहुत ज्यादा मात्रा पाई गई थी। DEG 48.6% और EG 46.28% थे, जो कि सुरक्षित सीमा से बहुत ऊपर थे। इसके कारण बच्चों में जहर फैलने की घटनाएं हुईं। यह सिरप सुरक्षा मानकों से काफी नीचे था।



दवाओं को बनाने में हुई थी मिलावटखोरी

इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए हैं। ED की जांच में पता चला कि श्रीसन फार्मास्युटिकल्स ने दवाइयां बनाने के लिए फार्मा ग्रेड की जगह उद्योग ग्रेड कच्चे माल का इस्तेमाल किया था। इस कच्चे माल की गुणवत्ता की कोई जांच नहीं कराई गई थी। इसके अलावा, अधिकारियों ने बिना बिल के नकद में कच्चे माल खरीदे, ताकि कोई रिकॉर्ड न बने।



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ED ने की सर्चिंग कर जब्त किए कई अहम सबूत

ED ने श्रीसन फार्मास्युटिकल के मालिक, ड्रग कंट्रोल अधिकारियों और अन्य लोगों के 10 स्थानों पर सर्चिंग की थी। सर्चिंग में कई अहम सबूत जब्त किए गए हैं। ये सबूत वित्तीय लेन-देन और दवा बनाने में मिलावटीखोरी से जुड़े हैं।



रद्द हो चुका दवा कंपनी का लाइसेंस

जांच के बाद, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने यह पुष्टि की कि कफ सिरप में DEG मिलाया गया था। इसके बाद कई राज्यों ने इस सिरप के वितरण पर रोक लगा दी है। अपने औषधि नियंत्रण अधिकारियों को भी सतर्क कर दिया है। इसके अलावा, तमिलनाडु के अधिकारियों ने श्रेसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस रद्द कर दिया है और कंपनी को बंद कर दिया है।



क्या है कफ सिरप कांड?

छिंदवाड़ा समेत मध्यप्रदेश के कई जिलों में बीते कुछ महीनों से 20 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी। इसमें गंभीर बीमारियों और मौत के पीछे कफ सिरप को जिम्मेदार माना जा रहा है।



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