डेली कॉलेज पूर्व छात्र का पत्र- संघ के पदाधिकारी ले रहे डेली कॉलेज के कॉन्ट्रैक्ट, प्रबंधन से सांठगांठ
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सौ साल पूरे होने पर डेली कॉलेज के एक पूर्व छात्र राजेश अग्रवाल ने संघ के नाम खुला पत्र लिखा है। इसमें डेली कॉलेज बोर्ड प्रबंधन और संघ के एक पदाधिकारी पर सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस सांठगांठ के जरिए करोड़ों के ठेके संघ के पदाधिकारी को दिए जा रहे हैं। बदले में बोर्ड द्वारा कई कामों में उनकी मदद ली जा रही है।
यह लिखा है पत्र में
विश्व की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संस्था, लाखों पूर्णकालिक सदस्य, इनके उद्देश्य, राष्ट्रीयता, सामाजिक विकास एवं निस्वार्थ सेवा के कारण मैं आरएसएस का प्रशंसक रहा हूं।
संघ से जुड़ी संस्था वन बंधु परिषद (Friends of Tribal Society), इंदौर का अध्यक्ष भी रहा हूं।…बदलते सामाजिक समीकरणों से चुनौतियां कम नहीं हैं। हाल ही में हम सब ने राम मंदिर अयोध्या में घटी घटना को देखा है।
मैं यह लेख इस भावना से लिख रहा हूं कि जिस संस्था का मैं आदर करता हूं, जो राष्ट्र हित में सतत काम कर रही है। उसका अगर गलत फायदा उठाया जा रहा है, तो हमारा यह कर्तव्य है कि इसकी जानकारी सभी को दी जाए।
करीब साल भर पहले मुझे डेली कॉलेज इंदौर में हो रही अनियमितताओं के बारे में पता चला। और यह भी जानकारी में आया कि स्कूल का प्रबंधन, इन अनियमितताओं के निराकरण के लिए संघ के एक पदाधिकारी की मदद ले रहा है।
मैं संघ के पदाधिकारी से मिला भी
पत्र में आगे लिखा कि डेली कॉलेज के एक पूर्व छात्र एवं संघ के हितैषी होने के नाते मैं कुछ साथियों के साथ उक्त पदाधिकारी से मिला एवं समस्या को विस्तार से बताया। हमें जवाब दिया गया कि संघ केवल स्कूल का परिसर अपनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहा है और स्कूल के संचालन में न उसकी इच्छा है और न ही संघ दखल दे रहा है।
वह पदाधिकारी एक कॉन्ट्रैक्टर भी है
अग्रवाल ने आगे लिखा कि यह बताना आवश्यक है कि संघ का उपरोक्त पदाधिकारी एक भवन निर्माता/कॉन्ट्रैक्टर है और इनका स्कूल के प्रबंधन से गहरा नाता है। हाल ही में स्कूल ने उक्त अधिकारी की फर्म को करोड़ों के कॉन्ट्रैक्ट भी दिए हैं।
यह सारी बात हमने संघ के अन्य उच्च अधिकारियों को भी समय-समय पर बतलाई। हमने कई संघ हितैषियों के माध्यम से भी खबर संघ तक पहुंचाई, पर कोई भी जवाब न अभी तक मिला, ना ही कोई कार्रवाई हुई।
इन्हीं पदाधिकारी ने बोर्ड में दो मेंबर बनवाए
अग्रवाल ने पत्र में लिखा कि डेली कॉलेज जो कि 150 वर्ष पुरानी संस्था है, इसका सालाना बजट करीब 100 करोड़ रुपए का है। संस्था संचालन के तौर-तरीकों पर प्रश्न चिन्ह लगे हुए हैं और कई मामले कोर्ट में हैं।
संघ पदाधिकारी ने कहा कि उनका बोर्ड संचालन में कोई रुचि नहीं है, लेकिन हाल ही में उन्होंने ही प्रदेश सरकार से बोलकर बोर्ड में दो सदस्य नामांकित कराए हैं। इसमें एक हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस और एक शासकीय अधिवक्ता है।
तब तक देर न हो जाए
पत्र में आगे लिखा गया है कि जब तक मामले का पटाक्षेप होगा, तब तक कई बड़ी आर्थिक अनियमितताएं सामने आएंगी। केवल डेली कॉलेज के करीब 6000 पूर्व छात्र ही इन गतिविधियों से आहत नहीं हैं, समाज में भी इसका अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। समय रहते संघ को इस विषय में जानकारी लेनी चाहिए एवं उचित निर्णय लेना जरूरी है कि किसी एक व्यक्ति विशेष के कारण पूरी संस्था को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
समय आने पर नाम का भी करूंगा खुलासा
इस संबंध में 'द सूत्र' ने राजेश अग्रवाल से संघ के पदाधिकारी का नाम पूछा तो इस पर उन्होंने कहा कि जब समय आएगा तो नाम भी ओपन करूंगा। जब पत्र लिख सकता हूं तो नाम भी बता सकता हूं, लेकिन समय आने पर। उल्लेखनीय है कि इस बार डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव में भी ओडीए में एक गुट अलग उतरा था। इसमें राजेश अग्रवाल भी उम्मीदवार थे।
ये खबरें भी पढ़ें...
डेली कॉलेज बोर्ड के नीतिगत फैसले लेने पर HC की रोक जारी, जांच आदेश में राहत
डेली कॉलेज केस सुप्रीम कोर्ट में, एक पक्ष ने बताया जीत, दूसरे ने कहा भ्रामक प्रचार, आखिर हुआ क्या?
डेली कॉलेज में क्या बैठेगा रिसीवर? हाईकोर्ट ने सुनवाई में कहा- लग रहा है चुनाव में किसी का फेवर हुआ
डेली कॉलेज बोर्ड के नीतिगत फैसले लेने पर हाईकोर्ट से रोक, विक्रम और प्रियव्रत की जीत खतरे में आई