दैनिक वेतनभोगियों की संख्या और पात्रता की जानकारी खंगाल रहे विभाग
News in Short
- मध्यप्रदेश दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण से जुड़ी जानकारी मांगी गई।
- सरकार ने सात श्रेणियों को समाप्त कर तीन कैडर बनाए।
- जीएडी ने पुराने नियमितीकरण मामलों की जानकारी जुटाने का आदेश दिया।
- विभागीय पत्रों में हाईकोर्ट के 2007 के आदेश का हवाला।
- लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी।
News in Detail
BHOPAL: मध्यप्रदेश में दिसंबर 2025 के बाद केवल तीन कर्मचारी कैडर ही रह गए हैं। सरकारी कार्यालयों में ये कर्मचारी नियमित, संविदा और आउटसोर्स कैडर में कार्यरत हैं। इसके अलावा दैनिक वेतनभोगी, अंशकालीन, स्थायीकर्मी जैसे कैडर में अब किसी भी भर्ती का प्रावधान पूरी तरह समाप्त हो चुका है। सरकार के इस आदेश के बाद पूर्व से कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों की स्थिति अधर में उलझी हुई थी। अब तीन महीने बाद जीएडी द्वारा इन कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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दैवेभो की जानकारी जुटा रहे हैं विभाग
जीएडी के निर्देश पर विभाग अपने कार्यालयों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों की जानकारी जुटा रहे हैं। इसके लिए विभाग और उनकी इकाइयों द्वारा कार्यालय प्रमुखों को पत्र जारी किए गए हैं। इन पत्रों में भी जीएडी द्वारा पिछले साल यानी फरवरी 2025 में जारी एक आदेश के संदर्भ में जानकारी संकलित करने का उल्लेख है।
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कोर्ट के निर्देशों पर अमल से पहले मांगा ब्योरा
दैनिक वेतनभोगियों की जानकारी जुटाने के लिए जो पत्र जारी किया गया है उसमें साल 2007 यानी 19 साल पहले नियमितीकरण के निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। इसमें हाईकोर्ट के आदेशों के संदर्भ में विभागीय स्तर पर निर्णय लेने से पहले दैनिक वेतनभोगियों (स्थायीकर्मी) की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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डीईओ कार्यालय भेजी चिट्ठी
लोक शिक्षण संचालनालय ने संभाग स्तर पर स्थित संयुक्त संचालक कार्यालयों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है। संचालनालय ने संयुक्त संचालकों से कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा है। यह ब्यौरा जिला शिक्षा अधिकारियों और विभाग प्रमुखों के माध्यम से भेजा जाएगा। कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवाकाल की जानकारी जीएडी को भेजी जाएगी।
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मांगी जा रही यह जानकारी
जीएडी के पत्र के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारियों को एक प्रपत्र जारी किया गया है। इसके जरिए दैनिक वेतनभोगियों का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। प्रोफार्मा में विभाग के नाम के अलावा, कार्यालय, पदनाम, कार्यालय में कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों की कुल संख्या दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। जनवरी 2025 के आधार पर 10 वर्ष पूरी करने और मई 2007 के निर्देशों के तहत नियमितीकरण की पात्रता वाले दैनिक वेतनभोगियों की जानकारी भी मांगी गई है।