देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के IMS में MBA के छात्रों से 300 बार लिखवाया- मैं नकल नहीं करूंगा
News In Short
- इंदौर के IMS में MBA परीक्षा के दौरान विवाद हुआ।
- कुछ छात्रों पर नकल का शक हुआ था।
- पूरी क्लास को 300 बार मैं नकल नहीं करूंगा लिखने की सजा दी गई।
- परिजनों की शिकायत के बाद मामला बढ़ गया है।
- अब प्रोफेसर के व्यवहार पर भी सवाल उठ रहे हैं।
News In Detail
DAVV IMS नकल विवाद क्या है?
इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में यह मामला सामने आया है। यहां के IMS संस्थान में परीक्षा के दौरान घटना हुई। कुछ छात्रों पर नकल का शक जताया गया, जिसके बाद पूरी क्लास को रोका गया।
छात्रों को क्यों दी गई 300 बार लिखने की सजा?
प्रोफेसर ने सभी छात्रों को सजा दी। उन्हें 300 बार लिखने को कहा गया। लिखना था कि मैं आगे नकल नहीं करूंगा। यह सजा पूरी क्लास पर लागू की गई।
परीक्षा के बाद क्या हुआ पूरा घटनाक्रम?
यह घटना परीक्षा खत्म होने के बाद हुई है। छात्रों को बाहर जाने से रोक दिया गया था। काफी देर तक छात्र वहीं रुके रहे, इससे परिजनों को चिंता होने लगी।
परिजनों को कैसे पता चला मामला?
जब छात्राएं घर नहीं पहुंचीं तो सवाल उठे। परिजनों ने संस्थान से संपर्क किया, तब इस घटना की जानकारी सामने आई। इसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत में क्या उठाए गए सवाल?
परिजनों ने सजा पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सबको सजा देना गलत है। सिर्फ दोषी छात्रों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी; पूरी क्लास को रोकना उचित नहीं था।
मामला कब का है और अब क्यों चर्चा में?
यह घटना 23 मार्च की बताई गई है। अब जाकर यह मामला सामने आया है। उस दिन MBA की परीक्षा हो रही थी। फाइनेंशियल मैनेजमेंट (या एडमिनिस्ट्रेशन) का पेपर था। शिकायत के बाद मामला और बढ़ गया। प्रोफेसर ने फिर नई सजा की बात कही। कहा गया कि शिकायत करने वाले का नाम बताओ, नहीं तो 1000 पन्नों का असाइनमेंट लिखो।
प्रोफेसर और संस्थान का क्या पक्ष?
प्रोफेसर ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। डायरेक्टर दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। वहीं शिकायतकर्ता नोटिस भेजने की तैयारी में है। संस्थान भी इसकी जांच कर सकता है।
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