बाबाओं के चक्कर में न पड़ें, बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ब्रज के संत विनोद बाबा से मुलाकात की। उन्होंने सनातन धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन और अद्भुत धर्म बताया। शास्त्री ने कहा कि अन्य धर्मों में लोग भगवान के दूतों की पूजा करते हैं, जबकि सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी कहा कि सनातन धर्म हर जाति और समुदाय को समान रूप से स्वीकार करता है। यह धर्म किसी एक जाति का नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज का है।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- क्या भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जातिवाद के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जातिवाद के नाम पर सनातन धर्म को खत्म करना चाहते हैं। उनका मानना था कि अगर हम जातिवाद के नाम पर अपने ही भाइयों का खून बहाते हैं, तो यह हमारे धर्म और समाज के लिए हानिकारक है।
धीरेंद्र शास्त्री ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया– अगर धर्म के नाम पर पाकिस्तान एक इस्लामिक देश बन सकता है, तो क्या भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता? शास्त्री ने आह्वान किया कि हिंदू राष्ट्र (Hindu Nation) का निर्माण करना चाहिए और हमें जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद से परे उठकर एकजुट होना चाहिए।
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भारत में लव जिहाद बनता जा रहा बड़ा खतरा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लव जिहाद (Love Jihad) के खतरे पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे बहन-बेटियों का मतांतरण कराया जा रहा है, जो सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।
बाबा बागेश्वर ने हिंदू समाज से एकजुट होकर इस खतरे से बचने की अपील की। उनका मानना था कि इस प्रकार के प्रयासों से सनातन धर्म को विलुप्त किया जा सकता है, और इसे रोकने के लिए सबको एक साथ आकर काम करना होगा।
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भगवान श्रीकृष्ण और सनातन धर्म का महत्व
शास्त्री ने श्रीमद्भागवत गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि वह ही ब्रह्म हैं और पूरा ब्रह्मांड उनसे उत्पन्न है। चराचर जगत में उनकी सत्ता है। फिर भी, सनातन धर्म के सबसे ज्यादा लोग मजारों और मौलवियों के पास अपने दुखों को मिटाने के लिए जाते हैं।
शास्त्री ने यह सवाल उठाया कि जब हम भगवान श्रीकृष्ण की उपासना कर सकते हैं, तो फिर हमें अपने दुखों के लिए मजारों पर क्यों जाना चाहिए? उन्होंने यह भी कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को समझना और अपनाना सनातन धर्म का एक अहम हिस्सा है। हमें दूसरों से ज्यादा अपने धर्म और भगवान पर विश्वास रखना चाहिए।
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सनातन धर्म की रक्षा और पुनर्निर्माण
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी बताया कि हमारे समाज में कुछ लोग सनातन धर्म के प्रति सही समझ नहीं रखते और इस वजह से वे अन्य धर्मों की ओर आकर्षित होते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को बचाने और पुनर्निर्माण करने के लिए हमें अपने मूल्यों, विश्वासों और आस्थाओं का पालन करना होगा।
धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी जोड़ा कि किसी अन्य बाबा या गुरु के चक्कर में न पड़कर हमें केवल सनातन धर्म में विश्वास रखना चाहिए। यह धर्म हम सभी के लिए है और हमें इसे पूरी दुनिया में फैलाना चाहिए।
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