भगवा हिंद की तैयारी में जुटे धीरेंद्र शास्त्री, बोले- चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के 4 क्यों नहीं?
Shivpuri. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गुरुवार, 27 नवंबर को एमपी के शिवपुरी पहुंचे हैं। यहां श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, जब चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के 4 बच्चे क्यों नहीं?
साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को गजवा-ए-हिंद बनने से बचाना है। उनका उद्देश्य भारत को भगवा हिंद बनाना है। इसके लिए उन्हें किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की जरूरत नहीं है। न ही उन्हें संसद में जाने की आवश्यकता है।
हिंदू एकता के लिए कोई राजनीतिक इरादा नहीं
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हिंदुओं को बच्चों की संख्या बढ़ाने की सलाह
धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज को बच्चों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए, तभी समाज बनेगा। उदाहरण देते हुए शास्त्री ने कहा कि एक चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के 4 बच्चे क्यों नहीं हो सकते? शास्त्री ने सेकुलरिज्म पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ हिंदू इसे समानता का मुद्दा मानते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
धीरेंद्र शास्त्री की खबर पर एक नजर...
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दो बच्चे रखो, एक देश सेवा को भेजो
बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू परिवारों से एक अहम अपील की है। उन्होंने कहा, हर परिवार को दो बच्चे अपने पास रखने चाहिए। एक को देश सेवा में भेजें और दूसरे को साधु-संतों को दें, जो हिंदू राष्ट्र के लिए काम करेंगे। इसके साथ ही, शास्त्री ने नारी सम्मान की भी आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में माताओं को सर्वोच्च सम्मान मिलता है।
बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने की सलाह
शास्त्री ने सोशल मीडिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया अब सिर्फ एक माध्यम नहीं है, यह सोशल जिहाद बन गया है। शास्त्री ने हिंदू परिवारों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल से बचाएं। इससे उनका मानसिक विकास सही दिशा में हो सकेगा।
आतंकवाद से निपटने के लिए शिक्षा जरूरी
दिल्ली में आतंकवादी हमलों पर शास्त्री ने कहा, इस्लाम धर्म के अनुयायी अपने बच्चों को आतंकवाद से बचाएं और सही दिशा में शिक्षा दें। शास्त्री ने उदाहरण देते हुए कहा, अपने बच्चों को अब्दुल कलाम बनाएं, आतंकवादी नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसा नहीं करना चाहते, वे लाहौर जा सकते हैं।