दिग्विजय सिंह का बड़ा आरोप, बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नोट और वोट चोरी दोनों में शामिल
यात्रा की जानकारी देने के लिए उन्होंने शनिवार, 17 अक्टूबर को इंदौर में मीडिया से चर्चा की। इस दौरान शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे, पूर्व शहराध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा, केके मिश्रा, प्रवक्ता अमित चौरसिया और नीलाभ शुक्ला भी उपस्थित थे।
ज्ञानेश कुमार पर नोट और वोट चोरी में शामिल होने का आरोप
दिग्विजय सिंह ने इस यात्रा को लेकर कहा कि राम मंदिर में शिलालेख पूजन के समय 1990-92 के दौरान और राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में नोट चोरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में हुई नोट चोरी के मामले में वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी ट्रस्टी के रूप में शामिल रहे हैं। वह एसआईआर के जरिए चुनाव में वोट चोरी में भी शामिल रहे हैं। सिंह ने कहा कि उनकी मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और राम मंदिर में दान की राशि चोरी होने के मामले में केस भी दर्ज किया जाए।
एसआईआर में इस बार नाम कैसे घटे?
सिंह ने कहा कि विशेष परिस्थितियों में देश में पहले भी एसआईआर हुए हैं, लेकिन हर बार मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है। यह पहली बार है जब 13 करोड़ 37 लाख मतदाता कम हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे साफ है कि मतदाताओं के वोट चोरी किए गए हैं। अब आयोग 17 राज्यों में स्पेशल समरी रिवीजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में एसआईआर के दौरान 22 लाख 69 हजार नाम काटे गए थे। जब उन्होंने इसे चुनौती दी तो 99 फीसदी नाम वापस जुड़ गए।
चौहान और सीएम के बीच मामा-भांजा वाला विवाद
वहीं, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के आदिवासी मामले में धरने पर बैठने से जुड़े विवाद पर सिंह ने कहा कि यह मामा-भांजा (शिवराज सिंह चौहान और सीएम डॉ. मोहन यादव) के बीच का मामला है। इस पर मैं कुछ नहीं कहूंगा।
ओबीसी आरक्षण पर क्या बोले?
सिंह ने ओबीसी आरक्षण को लेकर कहा कि कांग्रेस का इस मामले में रुख साफ है। ओबीसी वर्ग को आबादी के हिसाब से 27 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। मेरे कार्यकाल में तीन बार इसके प्रस्ताव पास हुए। इस मामले में बीजेपी सरकार को हमारी जो भी मदद चाहिए होगी, वह हम करेंगे। कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ाई लड़ेगी।
डेली कॉलेज को लेकर सुलह बैठक
इंदौर के डेली कॉलेज में लगातार हो रहे राजनीतिक आयोजनों को रोकने के लिए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पत्र लिख रहे हैं। एक बार फिर संघ की 28 अक्टूबर से बैठक है। इन सभी बातों को देखते हुए दिग्विजय सिंह ने डेली कॉलेज बोर्ड को पत्र लिखकर इन आयोजनों पर आपत्ति जताई थी।
इसके बाद शुक्रवार दोपहर देवास में सुलह बैठक हुई। यह बैठक देवास विधायक गायत्री देवी के पुत्र और डेली कॉलेज बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह पंवार के घर पर हुई। इसमें पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह लंच पर पहुंचे। उनके साथ प्रियव्रत सिंह, पूर्व बोर्ड मेंबर देवराज बड़गरा और अन्य सदस्य भी शामिल थे।
बैठक में यह मुद्दा उठा
बैठक में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि डेली कॉलेज में लगातार राजनीतिक आयोजन हो रहे हैं। जब मैं सीएम था, तब भी कॉलेज में कांग्रेस का कोई आयोजन नहीं कराया गया। शैक्षणिक परिसर को राजनीतिक आयोजनों से मुक्त रखना चाहिए। यहां किसी भी दल के राजनीतिक आयोजनों पर रोक लगनी चाहिए। यह गलत हो रहा है। इसके लिए गाइडलाइन होनी चाहिए और बोर्ड को सख्त फैसला लेना चाहिए।
फिर इस मुद्दे पर बनी सहमति
जानकारी के अनुसार, बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि आगे से राजनीतिक आयोजनों पर रोक लगाई जाएगी और डेली कॉलेज में राजनीतिक आयोजन नहीं होंगे। इस मामले में बोर्ड विचार करके आगे गाइडलाइन बनाएगा और फिर फैसला करेगा।