कर्बला में मेले का विवाद गरमाया, महापौर ने रात को अर्जेंट MIC बैठक की, मंजूरी संशोधन का आदेश
इंदौर में कर्बला मैदान पर मेले का विवाद राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद बन गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंजूरी देने से मना कर दिया था। लेकिन इसके बाद एक दिन पहले गुरुवार शाम को निगम ने मंजूरी दे दी।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर शिवम वर्मा ने बीती मंजूरी को देखते हुए इसमें दखल दिया और इंदौर निगमायुक्त आईएएस क्षितिज सिंघल को फोन किया। इसके बाद यह मंजूरी दी गई।
महापौर ने अर्जेंट एमआईसी बुलाई
महापौर ने मंजूरी की खबर लगते ही रात को ही अर्जेंट एमआईसी वर्चुअली बुलाई। इसमें सभी एमआईसी सदस्य और निगमायुक्त व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
महापौर ने पूछा मंजूरी क्यों और कैसे दी गई। इस पर बात आई की प्रशासन के फोन के चलते दी गई महापौर ने सख्त आपत्ति ली कि जब बीती बार 2025 में मंजूरी दी और उनकी शर्तों का उल्लंघन किया गया तो इस बार मंजूरी कैसे दे सकते हैं। इस मंजूरी देने के कृत्य को निंदनीय बताया गया।
एमआईसी ने किया यह प्रस्ताव पास
इसके बाद एमआईसी सदस्यों ने भी आपत्ति ली और कहा कि इसे रद्द किया जाना चाहिए। आखिर में प्रस्ताव पास किया गया कि इस जारी मंजूरी को संशोधित किया जाए और केवल वहां ताजिए ठंडे करने की ही मंजूरी दी जाए।
मेला और दुकान नहीं लग सकती है। कारण है कि यह निगम की जमीन है और बीती बार भी इन्होंने दुकानें लगाई और इसका किराया भी निगम के खाते में जमा नहीं कराकर शर्तों का उल्लंघन किया था। इस बार भी मंजूरी के पहले ही मौके पर दुकानें लगने लगी है, जो नियम विरूद्द है।
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