जिला पंचायत अध्यक्ष ने रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह के खिलाफ खोला मोर्चा, पति संग धरने पर बैठीं
आमीन हुसैन @ रतलाम
Ratlam. बीजेपी जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी और उनके पति शंभुलाल का आरोप है कि उन्होंने कई बार कलेक्टर मिशा सिंह से मिलने की कोशिश की, लेकिन उनकी एक भी नहीं सुनी गई।
दोनों ने कलेक्टर से मिलने के लिए घंटों इंतजार किया, लेकिन जब मुलाकात का कोई समय नहीं मिला, तो उन्होंने वहीं कलेक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। बाद में तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर धरना समाप्त कराया।
तहसीलदार ने शांत कराया मामला
लालाबाई का आरोप है कि सोमवार सुबह 11:30 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक कलेक्टर कार्यालय में बैठने के बावजूद कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो पाई। इस दौरान उन्होंने 2-3 बार अपना विजिटिंग कार्ड भी भेजा, लेकिन कलेक्टर से मुलाकात का कोई जवाब नहीं मिला।
फिर निराश होकर, उन्होंने शाम 4 बजे फिर से कलेक्ट्रेट का रुख किया, लेकिन फिर भी कलेक्टर (आईएएस मिशा सिंह) ने मिलने का समय नहीं दिया। इस पर नाराज होकर लालाबाई चंद्रवंशी ने कलेक्टर के खिलाफ धरना शुरू कर दिया, जिससे प्रशासन में हलचल मच गई।
इसलिए मिलना था कलेक्टर से
लालाबाई चंद्रवंशी का कहना है कि उन्हें कलेक्टर से कुछ सचिवों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करनी थी, जिसके लिए उन्होंने कलेक्टर से बार-बार मुलाकात की मांग की थी।
उनका आरोप है कि (रतलाम बीजेपी न्यूज) जब एक जनप्रतिनिधि को कलेक्टर से मिलने के लिए इस तरह धरना प्रदर्शन करना पड़े, तो यह प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद की कमी को दर्शाता है।
विरोध के बाद मिला समय
इस घटनाक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। तहसीलदार ऋषभ सिंह ठाकुर को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति से बातचीत की और उन्हें समझाइश दी। बाद में कलेक्टर मिशा सिंह ने अगले दिन (आज, 24 मार्च) मिलने का समय दिया।
पार्टी और प्रशासन के बीच बढ़ती दूरी
यह घटना (MP News) प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद की कमी को उजागर करती है। जब एक चुनी हुई प्रतिनिधि को इस प्रकार अपना हक मांगने के लिए धरने पर बैठना पड़े, तो यह प्रशासनिक विफलता (मध्य प्रदेश समाचार) के तौर पर देखा जा सकता है।
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