EOW ने बंधक प्लॉट बेचने पर DHL इन्फ्राबुल्स संचालकों पर दर्ज की FIR

Sanjay Gupta | Dec 11, 2025, 15:21 IST
eow-bhopal-dhl-infabul-case-fir
ईओडब्ल्यू ने DHL इन्फ्राबुल्स इंटरनेशनल के खिलाफ बंधक भूमि बेचने की FIR दर्ज की है। आरोपियों ने बिना अनुमति के 15 भूखंड बेचे थे। ईओडब्ल्यू की जांच में कंपनी के संचालकों की संलिप्तता पाई गई है।

INDORE. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने डीएचएल इन्फ्राबुल्स इंटरनेशनल प्रा. लि. के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला बंधक प्लॉट बेचने से संबंधित है। इस मामले में ईओडब्ल्यू भोपाल को शिकायत मिली थी। शिकायत क्रमांक 266/2025 की जांच के बाद यह केस दर्ज कर लिया गया है।



गलत तरीके से बेचे गए प्लॉट



ये खबर भी पढ़िए...EOW की कार्रवाई : बैंक कर्मचारियों समेत 7 पर FIR, Finacle सिस्टम का गलत उपयोग कर 44 लाख रुपए की धोखाधड़ी



यह हैं तीनों आरोपी

डीएचएल इन्फ्राबुल्स्स इंटरनेशनल प्रा. लि. के संचालकगण



  1. संतोष कुमार सिंह पिता शिवप्रसाद सिंह, डायरेक्टर, डीएचएल इन्फ्राबुल्स्स इंटरनेशनल प्रा. लि., 301, मेगापेलिस टॉवर, 579, एम.जी. रोड, इंदौर
  2. संजीव पिता अशोक जायसवाल, डायरेक्टर, डीएचएल इन्फ्राबुल्स्स इंटरनेशनल प्रा. लि., 301, मेगापेलिस टॉवर, 579, एम.जी. रोड, इंदौर
  3. अनिरुद्ध पिता मधुकर देव, डायरेक्टर, डीएचएल इन्फ्राबुल्स्स इंटरनेशनल प्रा. लि., 301, मेगापेलिस टॉवर, 579, एम.जी. रोड, इंदौर एवं अन्य

ये खबर भी पढ़िए...MP News: बिजली कंपनी में 700 पदों की जॉइनिंग उलझी, हाईकोर्ट का आदेश- आंसर की पर आपत्तियां सुनें, बदलें मेरिट



इतने प्लॉट बेच डाले

आरोपी कंपनी डीएचएल इन्फ्राबुल्स्स ने 249 भूखंड कॉलोनी सेल इंदौर में बंधक रखे थे। ये भूखंड आईकॉनस लैण्डमार्क-01 और 02 के थे। इन भूखंडों को कंपनी ने विकास के बदले बंधक रखा था। शासन में बंधक रखे गए भूखंडों का स्वामित्व कॉलोनी सेल / शासन का है। कंपनी के जरिए बंधक भूखंड को मुक्त नहीं किया गया था।



इसके बावजूद कंपनी ने शासन के बंधक भूखंडों को बिना अनुमति बेचा था। उन्होंने अपर कलेक्टर से कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लिया था। फिर भी, जानबूझकर 15 भूखंडों को बेच दिया था। इन भूखंडों की रजिस्ट्री अन्य पक्षकारों के नाम कर दी गई।



ये खबर भी पढ़िए...एमपी कर्मचारी चयन मंडल ESB का परीक्षा कैलेंडर इस दिन होगा जारी, इतनी परीक्षाएं होंगी



ये खबर भी पढ़िए...एआईजी राजेश मिश्रा पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप, सबूत के बाद भी जांच का ड्रामा कर रही मध्यप्रदेश पुलिस



एमपी सरकार के दो साल पूरे होने पर सर्वे में शामिल होने के लिए फोटो पर करें क्लिक...



Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ
  • EOW
  • डीएचएल इन्फ्राबुल