FIITJEE कोचिंग के जिम्मेदार 4 करोड़ की ठगी कर भागने की फिराक में, पालकों के फोन नहीं उठा रहे, पुलिस में शिकायत
Pratibha ranaa | Jun 28, 2024, 10:13 IST
FIITJEE
फिटजी का मैडीकैप्स इंस्टीट्यूट से टाइअप था और यहां 11वीं व 12वीं की पढ़ाई के साथ आईआईटी जेईई की तैयारी कराई जा रही थी। इसमें 50 बच्चे थे, जो अब उलझ गए हैं। इनसे भी औसतन दो लाख रुपए की फीस एडवांस में ली गई थी।
आईआईटी- जेईई की कोचिंग FIITJEE के जिम्मेदार लोग भागने की फिराक में हैं। पालकों को दो दिन पहले वाट्सऐप पर एक एक्सेल शीट भेजकर तीन विकल्प दिए थे।
साथ ही 4 जिम्मेदारों के नंबर भी दिए थे, लेकिन इसमें सें कोई भी पालकों के फोन नहीं उठा रहे हैं। एक नंबर तो गलत ही बताया जा रहा है। वहीं इस ठगी का आंकड़ा इंदौर में ही करीब चार करोड़ का हो गया है।
एक पालक ने बताया कि उसने चार साल का कोर्स लिया था, यह 3.80 लाख रुपए का था, बच्चा होशियार था तो स्कालरशिप दी गई और 1.80 लाख रुपए लिए। दो साल पढ़ाई हुई और अब बंद हो गया है। एक मां ने बताया कि बेटे को चार साल के कोर्स में डाला था, बेटा 11वीं में हैं और 2.27 लाख की फीस बताकर 1.27 लाख ले चुके हैं, लेकिन कोचिंग बंद हो चुकी है। वहीं एक अन्य पालक ने बताया कि उनसे फीस के 3 लाख रुपए लिए जा चुके हैं, लेकिन अब कोचिंग बंद है। टीचर गायब हैं।
फिट्जी का मैडीकैप्स इंस्टीट्यूट से टाइअप था और यहां 11वीं व 12वीं की पढ़ाई के साथ आईआईटी जेईई की तैयारी कराई जा रही थी। इसमें 50 बच्चे थे, जो अब उलझ गए हैं।
इनसे भी औसतन दो लाख रुपए की फीस एडवांस में ली गई थी। इंदौर में कोचिंग के अन्नपूर्णा और पलासिया में दो सेंटर थे। इसमें करीब 300 बच्चों ने एडमीशन लिया हुआ था। यह सभी और इनके पालक उलझ गए हैं।
कोचिंग ने मामला बिगड़ने और प्रशासन की कार्रवाई के बाद पालकों को एक एक्सेल शीट भेजकर तीन विकल्प दिए थे कि वह या तो बच्चे को दिल्ली शिफ्ट कर सकते हैं या ऑनलाइन कोचिंग ले सकते हैं या फिर अप्रैल 2025 तक उन्हें रिफंड किया जा सकेगा। लेकिन यह विकल्प भी ऑफिशियल पत्राचार, ईमेल के जरिए नहीं किया और ना ही इस पर कहीं संस्थान की सील, साइन थे।
इसमें भी जो पदाधिकारी बताए गए और नंबर दिए गए, इन पर पालक फोन कर रहे हैं तो कोई नहीं उठा रहा है।
वहीं इस मामले में कुछ पालकों ने पुलिस को औपचारिक तौर पर शिकायत कर दी है और इस धोखाधड़ी में कार्रवाई करने और फीस वापस कराने की मांग की है। एसीपी संयोगितागंज तुषार सिंह ने कहा कि आवेदन मिला है और हम जांच कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि यह मामला मंगलवार को तब सामने आया, जब जनसुनवाई में कलेक्टोरेट में पालक पहुंचे और बताया कि फिट्जी कोचिंग में पढ़ाई नहीं हो रही और फीस नहीं लौटा रहे। कलेक्टर आशीष सिंह ने एसडीएम धनराज धनगर को पहुंचा कर जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई।
बताया गया कि चार माह से टीचर और स्टॉफ की भी फीस नहीं दी जा रही और टीचर छोड़ कर चले गए हैं। वहीं अभी पुलिस द्वारा इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के चलते आशंका हो रही है कि सभी जिम्मेदार यहां से भाग नहीं जाएं।
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साथ ही 4 जिम्मेदारों के नंबर भी दिए थे, लेकिन इसमें सें कोई भी पालकों के फोन नहीं उठा रहे हैं। एक नंबर तो गलत ही बताया जा रहा है। वहीं इस ठगी का आंकड़ा इंदौर में ही करीब चार करोड़ का हो गया है।
पालकों ने बताई द सूत्र को असलियत
मैडीकेप्स में भी चलती थी क्लास
इनसे भी औसतन दो लाख रुपए की फीस एडवांस में ली गई थी। इंदौर में कोचिंग के अन्नपूर्णा और पलासिया में दो सेंटर थे। इसमें करीब 300 बच्चों ने एडमीशन लिया हुआ था। यह सभी और इनके पालक उलझ गए हैं।
यह सभी नंबरों पर कोई नहीं दे रहा जवाब
इसमें भी जो पदाधिकारी बताए गए और नंबर दिए गए, इन पर पालक फोन कर रहे हैं तो कोई नहीं उठा रहा है।
- मनीष आनंद (मुख्य परिचालन अधिकारी, FIITJEE लिमिटेड) - संपर्क: 9871091469
- राजीव बब्बर (समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी, FIITJEE लिमिटेड)- संपर्क: 8527219866
- अतील अरोड़ा (प्रबंध भागीदार, FIITJEE इंदौर)-- संपर्क: 8770891159
- अरविंद भावसार (लेखा विभाग, FIITJEE इंदौर)- संपर्क: 9926068916
( द सूत्र ने इन सभी नंबरों पर फोन किए, मनीष आनंद ने फोन काट दिया, राजीव और अतील ने फोन नहीं उठाया और अरविंद का नंबर गलत बताया जा रहा है)
पालकों ने पुलिस से की शिकायत
उल्लेखनीय है कि यह मामला मंगलवार को तब सामने आया, जब जनसुनवाई में कलेक्टोरेट में पालक पहुंचे और बताया कि फिट्जी कोचिंग में पढ़ाई नहीं हो रही और फीस नहीं लौटा रहे। कलेक्टर आशीष सिंह ने एसडीएम धनराज धनगर को पहुंचा कर जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई।
बताया गया कि चार माह से टीचर और स्टॉफ की भी फीस नहीं दी जा रही और टीचर छोड़ कर चले गए हैं। वहीं अभी पुलिस द्वारा इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के चलते आशंका हो रही है कि सभी जिम्मेदार यहां से भाग नहीं जाएं।
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