प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर और सीएम मेधावी योजना के डेढ़ लाख छात्र परेशान, स्कॉलरशिप रजिस्ट्रेशन का पोर्टल बंद, कैसे भरें फीस
BP Shrivastava | Jan 03, 2024, 24:00 IST
प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर और सीएम मेधावी योजना के डेढ़ लाख छात्र परेशान, स्कॉलरशिप रजिस्ट्रेशन का पोर्टल बंद, कैसे भरें फीस
मध्यप्रदेश के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र स्कॉलरशिप के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पा रहे हैं। वजह है इससे जुड़े पोर्टल का बंद होना। गरीब छात्रों की परेशानी है कि वे फिस कैसे भरें?
BHOPAL. मध्यप्रदेश के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र स्कॉलरशिप के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पा रहे हैं। वजह है इससे जुड़े पोर्टल का बंद होना। गरीब छात्रों की परेशानी है कि वे फिस कैसे भरें? छात्रों को परीक्षा फिस के साथ एडमिशन फीस भी भरना है। जिसकी तारीख नजदीक आ गई है। अब छात्रों के सामने एक ही विकल्प है कि वे अपनी जेब से फीस चुकाएं। हालांकि, जिम्मेदारी अफसरों का कहना है कि पोर्टल चालू होते ही स्कॉलरशिप छात्रों के खाते में जमा कर दी जाएगी। अभी विभाग का सिक्योरिटी ऑडिट चल रहा है। इस कारण पोर्टल बंद है।
प्रदेश के डेढ़ लाख छात्र प्रभावित
पोर्टल नहीं खुलने से भोपाल के 10 हजार समेत प्रदेश के डेढ़ लाख विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। पीजी फर्स्ट ईयर में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को जनकल्याण योजना (संबल) का लाभ मिलता है। वहीं पीजी फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा की फीस जमा करने की अंतिम तारीख 5 जनवरी है। ऐसे में छात्रों को पहले फीस जमा करनी होगी और उसके बाद यह उनके खाते में वापस आएगी। इसमें परीक्षा फीस करीब 1400 रुपए देनी है, जबकि प्रवेश फीस ढाई हजार रुपए है।
मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के छात्र भी परेशान
इसी तरह मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के दायरे में आने वाले छात्र-छात्राएं अपना रजिस्ट्रेशन इसके लिए नहीं करवा पा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थी अब परेशान हो रहे हैं, क्योंकि इनकी फीस भी कॉलेजों को नहीं मिली है। ऐसे विद्यार्थी जो मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों के छात्र रहे हैं और जिनके 12वीं में 70 प्रतिशत अंक हों उन्हें इस योजना का लाभ मिलता है।
योजना के छात्रों की फीस सीधे कॉलेज खाते में जाती है
सीबीएसई और आईसीएसई में उनके 85 प्रतिशत अंक होना चाहिए। उनके परिवार की आय भी आठ लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस तरह से इस दायरे में आने वाले विद्यार्थियों को एडमिशन और परीक्षा फीस नहीं देना होती है, इसका भुगतान सरकार करती है। यह राशि सीधे कॉलेज के खाते में जाती है।
सिक्योरिटी ऑडिट के कारण पोर्टल बंद
इस योजना का नोडल तकनीकी शिक्षा विभाग है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सिक्योरिटी ऑडिट चल रहा है। इस वजह से पोर्टल बंद है। इसे बंद हुए 15 दिन का समय बीत चुका है। अब इसके 15 जनवरी के आसपास खुलने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि पहले छात्रों को फीस जमा करना होती है उसके बाद उन्हें यह राशि उनके खाते में जमा कर दी जाती है।
छात्र परेशान
छात्रों ने बताया कि अब तक स्कॉलरशिप के रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल ही नहीं खुला है। इधर, कॉलेज प्रबंधन फीस जमा करने के लिए कह रहा है। ऐसे में छात्रों को परेशानी हो रही है। अब छात्रों को अपनी जेब से फीस जमा करनी पड़ेगी।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलना है लाभ
हमीदिया कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. पुष्पलता चौकसे का कहना है कि मेधावी छात्र योजना का लाभ यूजी फर्स्ट ईयर और जन कल्याण योजना का लाभ पीजी में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलता है। इसके लिए अभी पोर्टल नहीं खुला है।
प्रदेश के डेढ़ लाख छात्र प्रभावित
पोर्टल नहीं खुलने से भोपाल के 10 हजार समेत प्रदेश के डेढ़ लाख विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। पीजी फर्स्ट ईयर में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को जनकल्याण योजना (संबल) का लाभ मिलता है। वहीं पीजी फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा की फीस जमा करने की अंतिम तारीख 5 जनवरी है। ऐसे में छात्रों को पहले फीस जमा करनी होगी और उसके बाद यह उनके खाते में वापस आएगी। इसमें परीक्षा फीस करीब 1400 रुपए देनी है, जबकि प्रवेश फीस ढाई हजार रुपए है।
मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के छात्र भी परेशान
इसी तरह मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के दायरे में आने वाले छात्र-छात्राएं अपना रजिस्ट्रेशन इसके लिए नहीं करवा पा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थी अब परेशान हो रहे हैं, क्योंकि इनकी फीस भी कॉलेजों को नहीं मिली है। ऐसे विद्यार्थी जो मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों के छात्र रहे हैं और जिनके 12वीं में 70 प्रतिशत अंक हों उन्हें इस योजना का लाभ मिलता है।
योजना के छात्रों की फीस सीधे कॉलेज खाते में जाती है
सीबीएसई और आईसीएसई में उनके 85 प्रतिशत अंक होना चाहिए। उनके परिवार की आय भी आठ लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस तरह से इस दायरे में आने वाले विद्यार्थियों को एडमिशन और परीक्षा फीस नहीं देना होती है, इसका भुगतान सरकार करती है। यह राशि सीधे कॉलेज के खाते में जाती है।
सिक्योरिटी ऑडिट के कारण पोर्टल बंद
इस योजना का नोडल तकनीकी शिक्षा विभाग है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सिक्योरिटी ऑडिट चल रहा है। इस वजह से पोर्टल बंद है। इसे बंद हुए 15 दिन का समय बीत चुका है। अब इसके 15 जनवरी के आसपास खुलने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि पहले छात्रों को फीस जमा करना होती है उसके बाद उन्हें यह राशि उनके खाते में जमा कर दी जाती है।
छात्र परेशान
छात्रों ने बताया कि अब तक स्कॉलरशिप के रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल ही नहीं खुला है। इधर, कॉलेज प्रबंधन फीस जमा करने के लिए कह रहा है। ऐसे में छात्रों को परेशानी हो रही है। अब छात्रों को अपनी जेब से फीस जमा करनी पड़ेगी।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलना है लाभ
हमीदिया कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. पुष्पलता चौकसे का कहना है कि मेधावी छात्र योजना का लाभ यूजी फर्स्ट ईयर और जन कल्याण योजना का लाभ पीजी में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलता है। इसके लिए अभी पोर्टल नहीं खुला है।
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