जुर्माना पुरानी बात, अब लगेगा हर्जाना, अपराध वाले 60 नियम बदलेगी सरकार
Harish Divekar | Dec 07, 2024, 17:49 IST
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मध्यप्रदेश की मोहन सरकार चारों विभागों के अलग-अलग नियमों में बदलाव कर अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी करने के बजाए जनविश्वास बिल लेकर आ रही है, इस बिल में एक साथ चारों विभागों के 60 नियमों में बदलाव कर दिया जाएगा।
BHOPAL. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार आम जनता के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। सरकारी विभागों में लंबे समय से चले आ रहे सख्त नियमों और उनके तहत लगाए जाने वाले जुर्माने को अब तर्कसंगत और सरल बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार 'जनविश्वास बिल 2024' विधानसभा में पेश करने जा रही है। इस बिल के जरिए चार प्रमुख विभागों के 60 नियमों को बदला जाएगा। जनविश्वास बिल को सरकार ने कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। अब इसे शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। चर्चा के बाद इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
मोहन सरकार चारों विभागों के अलग-अलग नियमों में बदलाव कर अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी करने के बजाए जनविश्वास बिल लेकर आ रही है, इस बिल में एक साथ चारों विभागों के 60 नियमों में बदलाव कर दिया जाएगा।
जनविश्वास बिल के जरिए नगरीय प्रशासन, श्रम, ऊर्जा और उद्योग विभागों के 60 नियमों को बदला जाएगा। इससे आम लोगों और छोटे व्यवसायियों की जिंदगी आसान होगी। छोटे उल्लंघनों के लिए लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जुर्माने की सजा से बचते हुए हर्जाने के जरिए मामलों को निपटाया जाएगा।
सालों पहले बनाए गए नियम आज की परिस्थितियों में सख्त और अव्यवहारिक लगते थे। जुर्माने की सजा के डर से आम लोग अक्सर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और भारी जुर्माना भरने को मजबूर हो जाते थे। लेकिन अब मोहन सरकार ने तय किया है कि जनता को राहत दी जाए। यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और जनता की भलाई के लिए बेहद जरूरी है।
मोहन सरकार चारों विभागों के अलग-अलग नियमों में बदलाव कर अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी करने के बजाए जनविश्वास बिल लेकर आ रही है, इस बिल में एक साथ चारों विभागों के 60 नियमों में बदलाव कर दिया जाएगा।
क्या है जनविश्वास बिल?
इस बिल का मकसद उन नियमों को सरल बनाना है, जो जनता के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। अभी तक कई मामूली नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाता था, जो एक तरह की सजा मानी जाती है। अब नए नियमों में जुर्माने की जगह हर्जाना शब्द इस्तेमाल किया जाएगा। जुर्माना सजा का प्रतीक है, जबकि हर्जाना सिर्फ हुए नुकसान की भरपाई है। इससे आम लोगों को कोर्ट-कचहरी जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें आसानी से राहत मिलेगी।
किन नियमों में होगा बदलाव?
- सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर गड्ढा खोदना या कचरा फेंकना
निकाय की अनुमति के बिना पहले इसके लिए 500 रुपए का जुर्माना तय था। अब इसे बढ़ाकर 5 हजार रुपए हर्जाना कर दिया जाएगा। यानी ऐसे मामलों में अब हर्जाना भरकर एक तरह से मुक्त हो जाएंगे। - बिना अनुमति के तार या केबल डालना
पहले इस तरह की गलती पर 500 रुपए का जुर्माना था। अब इसके लिए सरकार 5 रुपए का हर्जाना वसूल करेगी। विभाग में ही राशि जमा हो जाएगी। - अवैध निर्माण
पहले अवैध निर्माण पर 500 रुपए जुर्माना और नोटिस के बाद हर दिन 200 रुपए जुर्माने का प्रावधान था। अब इसे हर्जाने में बदल दिया गया है। - बिना अनुमति के पोस्टर लगाना
किसी के मकान पर पोस्टर, नोटिस या विज्ञापन लगाने पर पहले 2 हजार रुपए जुर्माना था। अब इसे हर्जाना कर दिया गया है। - लाउडस्पीकर और सीटी का दुरुपयोग
पहले 500 रुपए जुर्माना और हर दिन 50 रुपए अतिरिक्त जुर्माना था। अब इसे 2 हजार रुपए हर्जाना और हर दिन 100 रुपए का हर्जाना किया जाएगा। - खतरनाक आतिशबाजी या डेटोनेटर इस्तेमाल करना
कोई भी आतिशबाजी, डेटोनेटर, जिससे गुजरने वाले लोगों या पड़ोस में रहने या काम करने वाले लोगों के लिए खतरा या नुकसान हो सकता है, या संपत्ति को चोट पहुंचाने का जोखिम हो सकता है, उसमें 200 रुपए तक के जुर्माने की सजा है, इसे अब हर्जाने के तौर पर प्रस्तावित किया गया है।
कैसे बदलेगी आम जनता की जिंदगी?
क्यों जरूरी था ये बदलाव?
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