मध्य प्रदेश का वन विभाग ही कर रहा हाथियों पर कब्जा !
Neel Tiwari | Aug 13, 2024, 18:56 IST
STYLESHEET THESOOTR - 2024-08-13T182135.945
वन्य प्राणी संरक्षण के लिए बनाए गए वन विभाग का मध्य प्रदेश में यह हाल है कि यदि कोई हाथी गलती से भी मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश भी कर जाए तो वन विभाग उस पर कब्जा कर उसे दोबारा कभी जंगल में नहीं जाने देता।
अनूपपुर से मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर गए हाथी को वन विभाग के द्वारा कब्जे में लेकर अपने टाइगर रिजर्व में इस्तेमाल करने के लिए ट्रेनिंग में लगा दिया गया। अधिनियम के अनुसार उसे वापस पुनर्वास की कोशिश न किए जाने के खिलाफ लगी याचिका में यह सामने आया कि पिछले 7 सालों से वन विभाग में जितने भी हाथियों को पकड़ा है। उसमें से एक भी हाथी वापस जंगलों में नहीं छोड़ा गया।
![3c3ff75a-799]()
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में चीफ जस्टिस की युगल पीठ के सामने एक जनहित याचिका की सुनवाई हुई रायपुर छत्तीसगढ़ के निवासी नितिन संघवी की ओर से दायर की गई। इस याचिका में हुई पिछली सुनवाई के दौरान अनूपपुर से पकड़े गए हाथी की स्टेटस रिपोर्ट जमा करने के लिए आदेशित किया गया था। आज एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और विनय सराफ की युगल पीठ में हुई इस मामले की सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्य प्रदेश वन विभाग के प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर शुभ रंजन सेन उपस्थित हुए। उन्होंने बताया के अनूपपुर से पकड़े गए हाथी का स्वास्थ्य अभी ठीक है एवं जांच कमेटी के स्टेटस रिपोर्ट के बाद उसे मुक्त करने पर फैसला लिया जाएगा। इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने ऐसे तथ्य रखे जिससे यह सामने आ गया कि पिछले 7 सालों से वन विभाग जिस भी हाथी को पकड़ता है उसे कभी भी वापस जंगलों में नहीं छोड़ता।
केंद्र और राज्य सरकार कि गाइड लाइंस के अनुरूप ही कार्य कर रहें हैं। याचिककर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट के सामने लिस्ट पेश करते हुए बताया कि साल 2017 से वन विभाग ने जितने भी हाथी पकड़े हैं। उनमे से एक भी हाथी का पुनर्वास नहीं किया गया। बल्कि वन विभाग इनकी ट्रैनिंग करके इन्हे वन विभाग कि सेवा मे लगा दिया जाता है। वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम कि धारा 11 (क) के अनुसार अगर कोई जंगली जानवर मानव जीवन के खतरा बनता है और उसे पकड़ लिया जाता है। तो पहले उसके पुनर्वास यानि वापस प्राकृतिक आवास मे छोड़ने कि कोशिश कि जानी चाहिए। लेकिन मध्य प्रदेश का वन विभाग ऐसा ना करके पकड़े हुए हाथियों को अपनी सम्पत्ति बनाकर इस्तेमाल कर रहा है।
![dfcb3730-c14]()
छतीसगढ़ राज्य से सरगुजा क्षेत्र मे आने वाले एक हाथी को पकड़ा गया था । इस मामले मे याचिकाकर्ता ने बताया कि 24 जुलाई 2017 मे संजय गांधी टाइगर रिसर्व के पास से इस हाथी को पकड़ कर बांधवगढ़ टाइगर रिसर्व को ट्रैनिंग के लिए दे दिया गया और फिर इसे भी बाघों कि निगरानी की ड्यूटी पर लगा दिया गया । इस हाथी के किसी भी प्रकार से हानी करने कि कोई भी सूचना कभी नहीं मिली थी उसके बाद भी सिर्फ बॉर्डर क्रॉस करने पर हाथी कि आजादी छीन कर वन विभाग ने उस पर कब्जा कर लिया ।
एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ़ की युगलपीठ ने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के मुख्य सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया है की पिछले 30 सालों मे पकड़े गए हाथियों कि लिस्ट के साथ यह जानकारी दें, कि कितने हाथियों के पुनर्वास कि कोशिश हुई या पुनर्वास किया जा चुका है ।
याचिककर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का उदाहरण देते हुए निवेदन किया कि मध्यप्रदेश मे हाथियों के रहवासी क्षेत्र मे आने कि समस्या नई है, पर छतीसगढ़ जैसे राज्य इससे लंबे समय से निपट रहे हैं। तो हाथियों के पुनर्वास के लिए मध्यप्रदेश कि कमेटी को बाहरी विशेषज्ञों से सलाह ली जानी चाहिए । मध्यप्रदेश कि स्टेट कमेटी का जवाब आने बाद कोर्ट ने इस सुझाव को मानने का आश्वाशन दिया है।
3c3ff75a-799
जबलपुर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
2017 से वापस जंगल मे नहीं छोड़ा 1 भी हाथी
dfcb3730-c14
मध्य प्रदेश की सीमा में ही आते ही पकड़ लिया हाथी
30 सालों मे पकड़े हाथियों की पेश करें रिपोर्ट
बाहरी विशेषज्ञों से भी ली जाएगी सलाह
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari