चंबल अभयारण्य में रिश्वत का खेल : CCF, DFO सबको बंटता है पैसा ही पैसा!
Sourabh Bhatnagar | Dec 30, 2024, 11:50 IST
thesootr
श्योपुर के राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के अधीक्षक योगेंद्र पारदे के दो विवादित वीडियो सामने आए हैं। इनमें वह वनकर्मियों को चंबल नदी से रेत निकालने और माफिया से मिले पैसों को वरिष्ठ अधिकारियों में बांटने की बातें करते हुए नजर आ रहे हैं।
श्योपुर के राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के अधीक्षक योगेंद्र पारदे के दो विवादित वीडियो सामने आए हैं। इनमें वह वनकर्मियों को चंबल नदी से रेत निकालने और माफिया से मिले पैसों को वरिष्ठ अधिकारियों में बांटने की बातें करते हुए नजर आ रहे हैं। यह मामला तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर रहा है।
पहला वीडियो:
पहले वीडियो में योगेंद्र पारदे ने अपने अधीनस्थ वनकर्मियों को चंबल नदी के घाटों से रेत उत्खनन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, 7 लाख रुपए आएंगे। सीसीएफ (CCF), डीएफओ (DFO), और रेंजर सबको बंटेगा। मेरे पास डेढ़ लाख रुपए बचेंगे।
दूसरा वीडियो:
दूसरे वीडियो में पारदे किसी से फोन पर बात करते हुए कह रहे हैं, अगर पैसे अकेले रखे तो मैं बचूंगा नहीं। गड्ढा मूंदना पड़ेगा या दूसरी जगह ले जाना होगा। मैनेजमेंट है, 10 लोगों को पैसे बांटने होंगे।
एक अन्य ऑडियो क्लिप में पारदे ने एक ग्रामीण को गाली देते हुए कहा कि "तुम रेत निकाल रहे हो तो मगरमच्छ तो कहीं जाएगा। मैं मगरमच्छ से तुम्हें कटवाऊंगा।" यह क्लिप भी विवाद का हिस्सा बन गई है।
पर्यावरण प्रेमी अजीत शर्मा ने कहा, यह पहली बार नहीं है। पारदे पहले भी रिश्वतखोरी के आरोपों में चर्चाओं में रहे हैं। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
ऑडियो में ग्रामीण अधीक्षक पारदे से दलारना गांव में मगरमच्छ घुसने की बात कह रहा है। इस पर वे ग्रामीण को गाली देते हुए कह रहे है कि तुम रेत निकाल रहे हो तो मगरमच्छ तो कहीं जाएगा न। मैं मगरमच्छ से तुम्हें कटवाऊंगा। 4 और मगरमच्छ छोडूंगा।
इस बारे में पर्यावरण प्रेमी एवं समाजसेवी अजीत शर्मा का कहना है कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य विभाग की अधीक्षक योगेंद्र पारदे का इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। बल्कि, वह पूर्व में भी इस तरह की रिश्वतखोरी को लेकर चर्चाओं में रहे हैं। वीडियो भी सामने आ गए, फिर भी जिम्मेदार कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं।
जब इस मामले में एक स्थानीय पत्रकार ने पारदे से बात की, तो उन्होंने कहा, "आप पॉजिटिव खबर लगा देना। वीडियो-ऑडियो हफ्ते भर पुराना है।" वहीं, डीएफओ सुजीत पाटिल ने कहा कि उन्हें भोपाल से वरिष्ठ अधिकारियों के फोन आए हैं और मामले की जांच करवाई जाएगी।
वीडियो में क्या कहा गया?
पहले वीडियो में योगेंद्र पारदे ने अपने अधीनस्थ वनकर्मियों को चंबल नदी के घाटों से रेत उत्खनन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, 7 लाख रुपए आएंगे। सीसीएफ (CCF), डीएफओ (DFO), और रेंजर सबको बंटेगा। मेरे पास डेढ़ लाख रुपए बचेंगे।
दूसरा वीडियो:
दूसरे वीडियो में पारदे किसी से फोन पर बात करते हुए कह रहे हैं, अगर पैसे अकेले रखे तो मैं बचूंगा नहीं। गड्ढा मूंदना पड़ेगा या दूसरी जगह ले जाना होगा। मैनेजमेंट है, 10 लोगों को पैसे बांटने होंगे।
सबको बंटेग, तब मेरे पास कुछ बचेगा
➡ श्योपुर के राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के अधीक्षक योगेंद्र पारदे के दो विवादित वीडियो सामने आए हैं। इनमें वह वनकर्मियों को चंबल नदी से रेत निकालने और माफिया से मिले पैसों को वरिष्ठ अधिकारियों में बांटने की बातें करते हुए नजर आ रहे हैं।
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— TheSootr (@TheSootr) December 30, 2024
स्थानीय विवाद और धमकी
समाजसेवी का आरोप
ग्रामीण से कहा-मगरमच्छ से तुम्हें कटवाऊंगा
समाजसेवी ने कहा- पहले से रिश्वतखोरी में लिप्त
प्रशासन की प्रतिक्रिया
FAQ
- रेत उत्खनन से संबंधित विवाद क्या है?
राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के अधिकारी पर रेत उत्खनन और पैसे बांटने के निर्देश देने का आरोप है। - वीडियो में क्या बात की गई है?
वीडियो में अधिकारी ने रेत से 7 लाख कमाने और पैसों को वरिष्ठ अधिकारियों में बांटने की बात कही। - क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?
डीएफओ ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। - समाजसेवियों ने क्या कहा?
समाजसेवियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। - क्या यह मामला न्यायालय में जाएगा?
अभी तक इस मामले में न्यायालय की कोई जानकारी नहीं है। जांच के बाद ही निर्णय होगा।
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