GAD के एक आदेश से छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं, कई कॉलेजों की फीस तय नहीं, काउंसलिंग में हो रही परेशान

Amresh Kushwaha | Oct 17, 2026, 08:19 IST
Share
GAD के एक आदेश से खड़ा हुआ विवाद!
GAD के एक आदेश से खड़ा हुआ विवाद!

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अस्पष्ट आदेश के कारण प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति की बैठक एक महीने बाद भी नहीं हो पाई है। आदेश में सदस्य-सचिव का पद जोड़ दिया गया है, जबकि कानून में ऐसा कोई पद नहीं है। इस उलझन के कारण फीस तय करने वाली समिति का काम ठप पड़ा है।

निजी आयुष कॉलेजों की फीस तय नहीं होने से छात्रों को काउंसलिंग में परेशानी हो रही है। अब सभी को AFRC की बैठक का इंतजार है।

एएफआरसी की बैठक क्यों नहीं हुई

मध्यप्रदेश के निजी प्रोफेशनल कॉलेजों की फीस तय करने वाली व्यवस्था फंस गई है। वजह जीएडी (General Administration Department) का एक अस्पष्ट आदेश है। इस आदेश के बाद AFRC meeting अब तक नहीं हो सकी है।

आदेश 16 सितंबर को जारी हुआ था। इसमें प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति (एएफआरसी) के पुनर्गठन की बात थी। एएफआरसी (Admission and Fee Regulatory Committee) निजी कॉलेजों की फीस तय करती है। पुनर्गठन के आदेश को एक महीना बीत चुका है। एएफआरसी की बैठक नहीं हुई, इसलिए फीस निर्धारण समिति ठप है।

एक्ट में नहीं, फिर भी जुड़ा पद

आदेश में सबसे बड़ी गड़बड़ी सदस्य-सचिव का पद है। प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति एक्ट 2007 में यह पद है ही नहीं। फिर भी जीएडी ने समिति में यह पद जोड़ दिया था।

यह पद तकनीकी शिक्षा विभाग के संचालक या अतिरिक्त संचालक के लिए रखा गया है। पहले समिति में सिर्फ सदस्य हुआ करता था।

अब तक ओएसडी (OSD - Officer on Special Duty) सचिव का काम देखते रहे हैं। ये तकनीकी शिक्षा विभाग से नियुक्त होते हैं। 16 सितंबर के आदेश में शासन ने संचालक को सीधे सदस्य-सचिव लिख दिया था।

अफसरी छोड़ सियासत में उतरे IAS-IPS: दिव्या मित्तल से अर्जुन राम मेघवाल तक, जानें नौकरशाहों का राजनीतिक सफर | IAS-IPS Leave Bureaucracy for Politics: From Divya Mittal to Arjun Ram Meghwal, Know the Political Journey of Bureaucrats
अफसरी के ग्लैमर पर भारी राजनीति की चकाचौंध, कई IAS-IPS ने नौकरी छोड़ चुनी सियासत, इनमें एमपी, सीजी और राजस्थान के नौकरशाह
16 Oct 2026 ,
By Arun Tiwari
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में काम करने वाले कई अधिकारी अपनी नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रख चुके हैं। इनमें कुछ ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय किया, जबकि कुछ को चुनावी राजनीति में संघर्ष करना पड़ा। अब इस सूची में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का नाम भी जुड़ गया है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में काम करने वाले कई अधिकारी अपनी नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रख चुके हैं। इनमें कुछ ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय किया, जबकि कुछ को चुनावी राजनीति में संघर्ष करना पड़ा। अब इस सूची में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का नाम भी जुड़ गया है।

गलती पकड़ में आई, फिर क्या हुआ

गलती सामने आने के बाद जीएडी को पत्र भेजे गए थे। पहले समिति के नवनियुक्त चेयरमैन ने पत्र लिखा था। फिर चेयरमैन के ओएसडी ने भी पत्र भेजा था। लेकिन अब तक आदेश में सुधार नहीं हुआ है। समिति की बैठक भी अटकी हुई है।

कानूनी अड़चन कहां फंसी

विधि और वित्त विभाग के प्रतिनिधियों को लेकर भी आदेश साफ नहीं है। आदेश में सचिव या अतिरिक्त सचिव, दोनों विकल्प दे दिए गए। इसलिए तय नहीं है कि बैठक में अधिकृत सदस्य कौन होगा।

वित्त विभाग की तरफ से अतिरिक्त सचिव भेजने पर सहमति आ गई है। पदों की उलझन दूर किए बिना बैठक हुई, तो अड़चन आ सकती है।

लिव-इन पार्टनर ने नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर शव मगरमच्छों वाली नदी में फेंका, खुद लिखाई गुमशुदगी | Live-in partner murdered nursing officer, dumped body in crocodile-infested river, filed missing person report himself
नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका शव, लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश, फिर दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
16 Oct 2026 ,
By Manya Jain
मध्यप्रदेश के भिंड में नर्सिंग ऑफिसर की हत्या का मामला सामने आया है। महिला को लिव-इन पार्टनर ने शॉपिंग के बहाने उत्तर प्रदेश ले जाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव मगरमच्छों वाली नदी में फेंक दिया। आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए गुमशुदगी भी दर्ज कराई। लेकिन पूछताछ में उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस अब नदी में महिला का शव ढूंढ रही है।
मध्यप्रदेश के भिंड में नर्सिंग ऑफिसर की हत्या का मामला सामने आया है। महिला को लिव-इन पार्टनर ने शॉपिंग के बहाने उत्तर प्रदेश ले जाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव मगरमच्छों वाली नदी में फेंक दिया। आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए गुमशुदगी भी दर्ज कराई। लेकिन पूछताछ में उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस अब नदी में महिला का शव ढूंढ रही है।

ओएसडी का बयान

समिति के ओएसडी डॉ. अनिल शिवानी ने देरी की वजह तकनीकी बताई है। उन्होंने कहा:

तकनीकी कारणों से अब तक बैठक नहीं हो पाई है। सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगा गया है। वहां से जो भी मार्गदर्शन आएगा, उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी और उसका पालन किया जाएगा।
By: - डॉ. अनिल शिवानी, ओएसडी, प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति
अब सबकी नजर जीएडी के जवाब पर है। रास्ता खुलने तक बैठक का इंतजार रहेगा।

छात्रों और अभिभावकों पर असर

इस देरी का सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों को हो रहा है। उलझन का असर सीधे दाखिला प्रक्रिया पर पड़ा है। आयुष विभाग के अलग-अलग पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग चल रही है। इसमें शामिल होने वाले विद्यार्थी परेशान हैं।

सबसे गंभीर बात है कि कई निजी आयुष कॉलेजों की फीस तय नहीं हुई है। निजी आयुष कॉलेज फीस का पता न होने से छात्र उलझन में हैं। उन्हें पता ही नहीं कि कितना पैसा देना होगा।

बिना फीस जाने छात्र च्वाइस लॉकिंग और रिपोर्टिंग करने को मजबूर हैं। यानी वे कॉलेज चुन रहे हैं। लेकिन खर्च का अंदाजा उन्हें नहीं है।

छात्रों और अभिभावकों को डर सता रहा है। उन्हें लगता है कि दाखिले के बाद प्रबंधन मनमानी फीस थोप सकता है।

सोचिए, फीस पता ही न हो तो परिवार पैसे का इंतजाम कैसे करेगा।

27% आरक्षण बहाली के लिए ओबीसी महासभा का आंदोलन तेज: 28 अक्टूबर को संभागों में प्रदर्शन, नवंबर में भोपाल में महाआंदोलन | OBC Mahasabha's movement intensifies for 27% reservation restoration: Demonstrations in divisions on October 28, Grand movement in Bhopal in November
27% आरक्षण की बहाली के लिए ओबीसी महासभा का आंदोलन तेज, 28 अक्टूबर को संभागों में प्रदर्शन का ऐलान
15 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण की मांग फिर तेज हो गई है। ओबीसी महासभा ने 15 अक्टूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। संगठन ने 13% होल्ड वाले अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग भी उठाई है। सरकार से नया अध्यादेश लाने की मांग की गई है। अब 28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर प्रदर्शन होंगे। नवंबर में भोपाल में बड़े आंदोलन की तैयारी है।
मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण की मांग फिर तेज हो गई है। ओबीसी महासभा ने 15 अक्टूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। संगठन ने 13% होल्ड वाले अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग भी उठाई है। सरकार से नया अध्यादेश लाने की मांग की गई है। अब 28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर प्रदर्शन होंगे। नवंबर में भोपाल में बड़े आंदोलन की तैयारी है।

आगे क्या होगा

अब गेंद सामान्य प्रशासन विभाग के पाले में है। फैसला वहीं से आना है। वहां से मार्गदर्शन आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। समिति की बैठक भी उसी के बाद संभव है।

MP fee regulatory committee की बैठक होगी, तभी मध्यप्रदेश निजी कॉलेज फीस निर्धारण बढ़ेगा। तब तक MP private college fee का सवाल अनसुलझा रहेगा।
Tags:
  • fee regulatory committee
  • general administration department
  • सामान्य प्रशासन विभाग
  • प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति
  • मध्यप्रदेश
  • ओएसडी डॉ. अनिल शिवानी
  • निजी आयुष कॉलेज
  • निजी आयुष कॉलेज फीस
  • MP fee regulatory committee
  • MP private college fee
News Strike : MP में गांव अंधेरे में, जयविलास पैलेस के मीटरों पर सवाल, बिजली संकट की पूरी पड़ताल

By Harish Divekar

News Strike : MP में गांव अंधेरे में, जयविलास पैलेस के मीटरों पर सवाल, बिजली संकट की पूरी पड़ताल
पहले पास, फिर फेल! रिजल्ट की उलझन में फंसे छात्र, देर रात तक चलता रहा RDVV में प्रदर्शन

By Neel Tiwari

पहले पास, फिर फेल! रिजल्ट की उलझन में फंसे छात्र, देर रात तक चलता रहा RDVV में प्रदर्शन
27% OBC आरक्षण पर दायर SLP में स्टे या अंतरिम राहत की मांग नहीं होने का दावा, OBC वर्ग के अधिवक्ताओं ने ही उठाए सवाल

By Neel Tiwari

27% OBC आरक्षण पर दायर SLP में स्टे या अंतरिम राहत की मांग नहीं होने का दावा, OBC वर्ग के अधिवक्ताओं ने ही उठाए सवाल
27% आरक्षण पर सरकार को घेरने की तैयारी, जबलपुर के भेड़ाघाट में दो दिन जुटेंगे OBC संगठन

By Neel Tiwari

27% आरक्षण पर सरकार को घेरने की तैयारी, जबलपुर के भेड़ाघाट में दो दिन जुटेंगे OBC संगठन
MP में 237 पर्यावरण मंजूरियों पर सवाल, SEIAA अध्यक्ष ने मुख्य सचिव से की अफसरों के निलंबन और CBI जांच की मांग

By Sumit Kumar

MP में 237 पर्यावरण मंजूरियों पर सवाल, SEIAA अध्यक्ष ने मुख्य सचिव से की अफसरों के निलंबन और CBI जांच की मांग
सरकारी डॉक्टर कर रहा था MD ड्रग्स की सप्लाई, 4 किलो कच्ची एमडी बरामद, लाखों का कैश और कार जब्त

By Jageshwar prasad

सरकारी डॉक्टर कर रहा था MD ड्रग्स की सप्लाई, 4 किलो कच्ची एमडी बरामद, लाखों का कैश और कार जब्त
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें...27 फीसदी OBC आरक्षण मामले में SC पहुंची सरकार, विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन पर सवाल!

By Sandeep Kumar

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें...27 फीसदी OBC आरक्षण मामले में SC पहुंची सरकार, विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन पर सवाल!