गौरव तनेजा ने लॉन्च किया दुनिया का पहला प्रोटीन कंडोम, सोशल मीडिया पर उठे सवाल
गौरव तनेजा ने लॉन्च किया प्रोटीन कंडोम
मशहूर फिटनेस इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर गौरव तनेजा, को फ्लाइंग बीस्ट नाम से जाना जाता है। गौरव ने अपने सप्लीमेंट ब्रांड बीस्ट लाइफ के जरिए दावा किया है कि, उन्होंने दुनिया का पहला प्रोटीन कंडोम लांच किया है।
इस घोषणा की जानकारी उन्होंने अपने इंस्टाग्राम और ब्रांड पेज पर एक वायरल पोस्ट के जरिए दी है। इसमें कंडोम पर प्रोटीन लिखा हुआ दिखाया गया है।
यह लॉन्च 2026 की शुरुआत में हुआ और सोशल मीडिया पर तुरंत हलचल मचा दी है। इंटरनेट यूजर्स ने जहां इसे चुटकिला और अप्रैल फूल से पहले का प्रैंक माना है। वहीं कुछ लोग इसे फिटनेस इंडस्ट्री में एक नई तकनीकी तरह देखने लगे।
लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
बीस्ट लाइफ की ओर से किए गए लॉन्च पोस्ट पर रिएक्शन बहुत मिक्स हैं। कई यूजर्स ने कमेंट्स में लिखा कि यह सिर्फ मार्केटिंग ट्रिक या अप्रैल फूल जैसा प्रैंक है। क्योंकि 1 अप्रैल से पहले ही इस तरह का दावा सामने आया है।
वहीं अन्य लोगों ने इसे फिटनेस और सेक्सुअल हेल्थ में एक अनोखा प्रयोग बताया। साथ ही जानना चाहा कि यह प्रोडक्ट असल में कैसे काम करेगा।
कुछ टिप्पणीकारों ने इस उत्पाद की जरूरत भी सवालिया बताई है। क्योंकि प्रोटीन सप्लीमेंट पहले से ही ऑरल फॉर्म में आसानी से उपलब्ध हैं। इसलिए इस नए कंडोम की मेडिकल और बायोलॉजिकल रूप से जरूरत और उपयोगिता पर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है।
यह असली प्रोडक्ट है या महज प्रैंक?
अभी तक बीस्ट लाइफ या फेमस यूट्यूबर गौरव तनेजा के ऑफिशियल बयान में इस प्रोडक्ट के बारे में ज्यादा तकनीकी या वैज्ञानिक जानकारी नहीं दी गई है। न ही यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि प्रोटीन कंडोम का मतलब क्या है।
क्या यह कंडोम में प्रोटीन कोटिंग, बीजन या किसी लोकल डिलीवरी सिस्टम से जुड़ा है, या फिर यह सिर्फ एक चुटीला नाम है।
मीडिया रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट रिएक्शन के मुताबिक अधिकतर लोग इसे एक एडवरटाइजिंग या ट्रेंड सेटिंग स्टंट मान रहे हैं। इसका मकसद नई प्रोडक्ट लाइन या ब्रांड को चर्चा में लाना है।
अगर यह उत्पाद असल में बाजार में आता है तो इसे भारत और अन्य देशों में मेडिकल डिवाइस और ह्यूमन सेक्सुअल हेल्थ रेगुलेशन के तहत अलग से मंजूरी लेनी पड़ेगी।
फिटनेस इंडस्ट्री में ऐसे नए उत्पादों की दिशा
प्रोटीन कंडोम जैसा नाम सुनकर यह सवाल दिमाग में आता है कि, फिटनेस ब्रांड अब सिर्फ पाउडर और बार तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि सेक्सुअल हेल्थ, रिकवरी और इंटिमेसी से जुड़े प्रोडक्ट्स को भी टारगेट कर रहे हैं।
इस तरह के एक्सपेरिमेंट में ब्रांड आमतौर पर याद रखना चाहते हैं कि, ऐसे उत्पादों की सेफ्टी, फोर्मूलेशन और इफेक्टिवनेस पर वैज्ञानिक रिसर्च और लाइसेंस जरूरी होता है।
यह प्रोटीन कंडोम वाकई वैज्ञानिक रूप से लॉजिकल और रेग्युलेटेड तरीके से बनाया जाता है, तो इसे फिटनेस और मेल हेल्थ केटेगरी में एक नया सब‑कैटेगरी बनने का मौका मिल सकता है।
जब तक कंपनी तकनीकी डिटेल्स, टेस्टिंग और रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं दिखाती, यह अधिकतर लोगों की नजर में एक वायरल कंसेप्ट ही रहेगा।
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OMG! 200 साल पहले भी होता था कंडोम का उपयोग, भेड़ की आंत से बनाया जाता था