पूर्व जज गिरिबाला की जमानत का CBI करेगी विरोध, केस डायरी पेश करने कोर्ट ने दिया एक हफ्ते का समय

Neel Tiwari | Sept 15, 2026, 13:45 IST
पूर्व जज गिरिबाला की जमानत
ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत मामले में केस डायरी पेश करने के साथ ही CBI जमानत का विरोध भी करेगी। मंगलवार को सुनवाई में CBI ने केस डायरी पेश करने का समय मांगा। 22 सितंबर को CBI केस डायरी के साथ जमानत पर आपत्ति रखेगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी।
  • मई 2026 में ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
  • पिता ने दहेज और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • निचली अदालत गिरिबाला की नियमित जमानत खारिज कर चुकी है।
  • अब CBI केस डायरी पेश करने के साथ जमानत का विरोध करेगी।

गिरिबाला की जमानत पर CBI का विरोध

ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर CBI विरोध करेगी। मंगलवार 15 सितंबर को हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई जस्टिस अजय निरंकारी की सिंगल बेंच में हुई।



CBI की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा। CBI जमानत के खिलाफ अपनी आपत्ति भी दर्ज कराना चाहती है।



इसके लिए CBI ने कोर्ट से एक सप्ताह का समय मांगा। अब 22 सितंबर को केस फिर सुनवाई के लिए लिस्ट होगा। उस दिन केस डायरी के साथ CBI अपना पक्ष रखेगी।



टॉप ऑफ द लिस्ट रखने की मांग खारिज

गिरिबाला सिंह की ओर से कई अधिवक्ता कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने मामले को टॉप ऑफ द लिस्ट रखने की मांग की। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।



कोर्ट ने कहा कि मामला कॉज लिस्ट के क्रम से सुना जाएगा। इसके बाद अधिवक्ता मामले को मेंशन कर सकते हैं। ऐसे में 22 सितंबर को सुनवाई की स्थिति कॉज लिस्ट तय करेगी। CBI अब जमानत आवेदन के खिलाफ अपनी आपत्ति रखेगी।



निचली अदालत पहले ही जमानत खारिज कर चुकी

इस मामले की शुरुआत में ही पहले निचली अदालत से गिरिबाला को जमानत मिल गई थी। बाद में सरकार और ट्विशा के पिता के द्वारा इसके विरोध में याचिका लगाई गई। हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट के जमानत आदेश को रद्द किया था।



इसके बाद पूर्व जज गिरी बाला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। गिरिबाला की जमानत फिर निचली अदालत पहुंची थी। भोपाल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जमानत खारिज की थी।



यह आदेश 25 जुलाई 2026 को जारी किया गया था। अदालत ने केस में कई महत्वपूर्ण परिस्थितियों पर गौर किया था। इसमें व्हाट्सऐप चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी शामिल थे।



अदालत ने गवाहों और सबूत प्रभावित होने की आशंका भी जताई थी। गिरिबाला पहले भोपाल में प्रिंसिपल जिला एवं सत्र जज रह चुकी हैं। सेवानिवृत्ति के बाद वह उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष थीं।



ट्विशा की मौत के बाद बढ़ा मामला

बता दें कि ट्विशा शर्मा की शादी समर्थ सिंह से 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी नोएडा में हुई थी और ट्विशा की उम्र 33 साल थी। उनके पिता नवनिधि शर्मा ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।



नवनिधि शर्मा का कहना है कि शादी में उन्होंने खर्च और दहेज दिया था। आपत्ति में शादी के दौरान दो लाख रुपए देने का भी जिक्र है। आरोप है कि शादी के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हुई। ट्विशा पर लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया गया।



गर्भावस्था में भी लगाए गंभीर आरोप

आपत्ति के अनुसार ट्विशा मई 2026 में गर्भवती थीं। आरोप है कि उनकी गर्भावस्था को लेकर सवाल उठाए गए। समर्थ और गिरिबाला ने बच्चे की पितृत्व पर सवाल किए। ट्विशा पर गर्भपात के लिए दबाव बनाने का भी आरोप है।



पिता ने आपत्ति में शारीरिक प्रताड़ना का भी उल्लेख किया है। 22 अप्रैल को परिवार को वैवाहिक घर जाना पड़ा था। आरोप है कि तब समर्थ ने दोबारा ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया था।



मौत से पहले परिवार से हुई थी फोन पर बात

12 मई 2026 की रात ट्विशा परिवार से फोन पर बात कर रही थीं। रात करीब 9:41 बजे परिवार से उनकी बातचीत हुई थी। इसी दौरान समर्थ के आने पर कॉल कट गई।



रात करीब 10:35 बजे परिवार को फोन आया। यह फोन गिरिबाला के मोबाइल से आया था। परिवार को बताया गया कि ट्विशा अब नहीं रहीं। उनकी मौत शादी के करीब पांच महीने बाद हुई थी।



FIR के बाद CBI ने संभाली जांच

मामले में कटारा हिल्स थाने में FIR दर्ज हुई थी। FIR नंबर 0133/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में CBI ने भी मामले में RC दर्ज की। CBI ने 25 मई 2026 को RC0522026S0004/2026 दर्ज की थी।



मामले में BNS की कई धाराएं लगाई गई हैं। इसमें दहेज प्रतिषेध कानून की धाराएं भी शामिल हैं। फिलहाल CBI की जांच जारी है और चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है।



पिता ने जमानत के खिलाफ दर्ज कराई आपत्ति

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने जमानत पर लिखित आपत्ति दाखिल की है। यह आपत्ति 7 अगस्त 2026 को दाखिल की गई थी। उनकी ओर से अधिवक्ता पीयूष तिवारी पैरवी कर रहे है। आपत्ति में गिरिबाला की भूमिका की जांच की मांग की गई है।



पिता ने केस में साजिश की जांच पर भी जोर दिया है। मोबाइल और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की मांग भी रखी गई है। आपत्ति में गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई गई है।



अब 22 सितंबर को CBI रखेगी अपना पक्ष

अब इस मामले में CBI की भूमिका अहम हो गई है। CBI अगली सुनवाई में केस डायरी पेश करेगी। इसके साथ ही जमानत आवेदन पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगी।



गिरिबाला सिंह की जमानत पर इसी पक्ष के बाद सुनवाई आगे बढ़ेगी। हाई कोर्ट ने फिलहाल मामले को 22 सितंबर के लिए लिस्ट किया है। अब सभी की नजर अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई पर रहेगी।



ट्विशा शर्मा केस से जुड़ी खबरें पढ़िए...

ट्विशा केस: पूर्व जज गिरिबाला अब इस आधार पर मांगेंगी बेल, सुनवाई 10 अगस्त को



ट्विशा शर्मा केस को AIIMS बोर्ड ने बताया आत्महत्या, CBI चार्जशीट की धाराओं पर उठे सवाल



जिम बेल्ट से हुई थी ट्विशा शर्मा की हत्या? एम्स रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा



ट्विशा शर्मा सुसाइड केस: सबूत को कार में रखकर घूमते रहे SI, केस डायरी भी लीक



ट्विशा शर्मा मर्डर केस: सीबीआई की जांच हुई तेज, गर्भपात करने वाली डॉक्टर से की पूछताछ



Tags:
  • CBI
  • ट्विशा शर्मा सुसाइड केस
  • ट्विशा शर्मा मर्डर केस
  • पूर्व जज गिरिबाला सिंह
  • समर्थ सिंह
  • ट्विशा शर्मा केस
  • जस्टिस अजय निरंकारी