3.5 करोड़ में बना भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल, पहली ही बारिश में डूबा
समझें क्या है पूरा मामला...
- GMC भोपाल के C-ब्लॉक बॉयज हॉस्टल में पहली बारिश में पानी भर गया।
- हॉस्टल का 3.5 करोड़ रुपए में नवीनीकरण मई 2025 में पूरा हुआ था।
- ग्राउंड फ्लोर के कमरों और किचन में रात करीब नौ बजे पानी घुसा गया।
- GMC डीन डॉ. कविता सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।
- छात्रों ने दोषियों पर कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग की है।
पहली बारिश में डूबा GMC हॉस्टल, 3.5 करोड़ पर सवाल
गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल (Gandhi Medical College) के बॉयज हॉस्टल में शनिवार, 27 जून की रात तेज बारिश के बाद पानी भर गया। ग्राउंड फ्लोर के दो कमरों और किचन में रात करीब 9 बजे पानी घुस आया। छत से भी पानी रिसने लगा। बिजली की लाइनें चालू थीं, इसलिए छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया।
3.5 करोड़ खर्च, फिर भी हॉस्टल बना टापू
यह हॉस्टल VIP रोड और अपर लेक के पास स्थित ग्राउंड-प्लस-टू मंजिला इमारत है। बताया जा रहा है कि इस हॉस्टल समेत अन्य ब्लॉकों के नवीनीकरण पर करीब तीन करोड़ 50 लाख रुपए खर्च हुए थे। यह काम मई महीने के आसपास पूरा हुआ था। वहीं, पहली ही भारी बारिश ने सारी हकीकत उजागर कर दी। वॉटरप्रूफिंग और ड्रेनेज दोनों एक साथ फेल हो गए।
अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद निर्माण की गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं हुई। क्या बिना जांच के ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया? यह सवाल छात्रों से लेकर आम नागरिकों तक सबके मन में है।
GMC अधिकारियों का क्या कहना है?
GMC के अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि नवीनीकरण का काम सिर्फ छत की लीकेज ठीक करने के लिए था। पूरे ड्रेनेज सिस्टम को उसमें शामिल नहीं किया गया था।
GMC डीन डॉ. कविता सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। वॉटरप्रूफिंग और मरम्मत का काम सही तरीके से हुआ या नहीं, यह देखा जाएगा। हालांकि छात्र इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हॉस्टल के अंदर भरे पानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मेडिकल छात्र कमरे में भरे पानी के बीच दिखे। भावी डॉक्टरों को इस हाल में देखकर लोगों का गुस्सा भड़क उठा।
वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है। लोग पूछ रहे हैं कि जब मानसून अभी पूरी तरह आया भी नहीं है, तो यह हाल है, अब आगे क्या होगा।
छात्रों की मांग: जांच हो, कार्रवाई हो
छात्रों ने साफ कहा है कि निर्माण की गुणवत्ता और ड्रेनेज व्यवस्था की पूरी जांच होनी चाहिए। यदि किसी की लापरवाही साबित हो तो उस पर कार्रवाई हो। वे यह भी चाहते हैं कि यह सिर्फ एक बार की जांच न हो, बल्कि एक स्थायी समाधान निकाला जाए। हर बारिश में हॉस्टल में पानी भरना किसी के लिए भी मंजूर नहीं है।
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