BJP का हर कार्यकर्ता CM, भौंकने वालों की चिंता नहीं- पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव
समझें क्या है पूरा मामला...
- रहली से 9 बार के विधायक गोपाल भार्गव का बयान चर्चा में है।
- उन्होंने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री जैसा होता है।
- यह बयान उनके निवास बोर्ड पर लगे विवादित पंपलेट के बाद आया है।
- पंपलेट में उन्हें स्वघोषित मुख्यमंत्री लिखकर निशाना बनाया गया था।
- भार्गव ने कार्यक्रम में आलोचकों पर भी तीखा जवाब दिया।
सागर जिले की रहली विधानसभा से लगातार 9 बार विधायक रहे पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यह टिप्पणी उन्होंने रहली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी थी।
क्या कहा गोपाल भार्गव ने
गोपाल भार्गव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता खुद को मुख्यमंत्री से कम नहीं समझता। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि हर कार्यकर्ता प्रधानमंत्री होता है। इसलिए इसके लिए किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि पार्टी में हर कार्यकर्ता का अपना महत्व है।
आलोचकों पर भी बोला हमला
अपने बयान में भार्गव ने आलोचकों पर भी तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि लोग तो ऐसे ही भौंकते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हाथी अपनी मस्त चाल में चलता रहता है। कुत्ते उसके पीछे लगे रहते हैं। उनका कहना था कि ऐसे कुत्तों की कोई चिंता नहीं करता। उन्होंने एक और उदाहरण देते हुए कहा कि दो या चार चींटियां मिलकर भी गन्ने को नहीं खींच सकतीं।
लोकतंत्र और बराबरी पर भी दिया बयान
भार्गव ने आगे कहा कि जो लोग कोशिश कर रहे हैं, उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र है और सभी लोग बराबर हैं। उनके मुताबिक कोई सेवक के रूप में काम करता है तो कोई जनप्रतिनिधि के रूप में। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी में हर व्यक्ति की अपनी भूमिका होती है।
कहां हुआ यह कार्यक्रम
यह बयान गोपाल भार्गव ने दो दिन पहले रहली में दिया था। वे वीर दुर्गादास राठौर जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के मंच से उन्होंने यह टिप्पणी की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह बयान सुर्खियों में आ गया।
निवास बोर्ड पर लगा था विवादित पंपलेट
इस बयान के पीछे की कहानी कुछ दिन पहले शुरू हुई थी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में एक व्यक्ति गोपाल भार्गव के गढ़ाकोटा स्थित निवास गणनायक के बाहर पहुंचा था। वहां सड़क पर लगे निवास बोर्ड पर उसने एक पंपलेट चिपका दिया। इस पंपलेट पर स्वघोषित मुख्यमंत्री लिखा हुआ था।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से फैल गया। इसके बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने इसी वीडियो का जिक्र भी किया। इसके तुरंत बाद पूर्व मंत्री भार्गव ने अपना बयान दिया।
गोपाल भार्गव का राजनीतिक कद
गोपाल भार्गव मध्यप्रदेश की राजनीति में एक जाना पहचाना नाम हैं। वे रहली विधानसभा सीट से लगातार 9 बार विधायक चुने गए हैं। इतने लंबे समय तक एक सीट से जीतना आसान नहीं होता। वे प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनका अनुभव और राजनीतिक पकड़ पार्टी में मजबूत मानी जाती है।
बयान के बाद अलग अलग प्रतिक्रियाएं
भार्गव के इस बयान के बाद अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे पार्टी कार्यकर्ताओं के हौसले बढ़ाने वाला बयान बता रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे विवादित पंपलेट का सीधा जवाब मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर बहस भी शुरू हो गई है।
पहले भी चर्चा में रहे हैं भार्गव के बयान
गोपाल भार्गव के बयान पहले भी सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनकी बेबाक बोलने की शैली उन्हें अक्सर चर्चा में ला देती है। वे अपनी बात सीधे और बिना लाग लपेट के रखने के लिए जाने जाते हैं। इस बार का बयान भी उनकी उसी शैली का उदाहरण माना जा रहा है।
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