सरकारी जमीन को निजी दिखाकर करोड़ों का मुआवजा ले बैठे गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भैया
The Sootr | Jun 13, 2025, 11:15 IST
Gopal Bhargava-SON-Abhishek -sagar-maanai-project-compensation-scam
गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव पर मैनाई जलाशय परियोजना के तहत सरकारी जमीन खरीदकर मुआवजा लेने का आरोप है। कम कीमत पर खरीदी गई जमीनों पर बाद में मोटा मुआवजा लिया गया।
मध्य प्रदेश के सागर की मैनाई जलाशय परियोजना में सरकारी भूमि के मुआवजे में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। एक प्रतिष्ठित दैनिक अखबार में छपी खबर के अनुसार, पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव पर इसे लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। अभिषेक पर आरोप है कि उन्होंने रहली तहसील के धोनाई गांव में पट्टे की जमीनें मामूली कीमत पर खरीदीं और फिर छह महीने के भीतर इन पर मुआवजा ले लिया। यह मुआवजा करीब 50 लाख रुपए तक होने का अनुमान है, और इसमें सरकारी भूमि का फायदा उठाने की बात कही जा रही है।
खबर यह भी...पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिषेक भार्गव ने धोनाई गांव के खसरा नंबर 449/7 की एक हेक्टेयर जमीन 26 मई 2011 को दामोदर अहिरवार से मात्र 25,000 रुपए में खरीदी। इसके बाद, 18 नवंबर 2011 को इस पर मुआवजा तय किया गया, जिसकी राशि 2 लाख 26 हजार 570 रुपए थी। यह वही पैटर्न था, जिसे अन्य खसरों में भी अपनाया गया।
खबर यह भी...कागजों पर करोड़ों की जमीन : आदिवासियों के नाम पर खनिज माफिया कर रहा मनी लॉन्ड्रिंग, कहां है ED-CBI?
इस पूरे मामले पर अभिषेक भार्गव ने स्पष्ट किया कि, "मेरे द्वारा जो भी जमीन खरीदी गई, वह सब सही थी। गलत काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता है।" उनका कहना है कि उनके द्वारा की गई सारी खरीदारी वैध थी और इसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें
📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
मुआवजे के बाद की मिली बड़ी रकम
आरोप है कि अभिषेक भार्गव ने जिन जमीनों की खरीदारी की, वे मैनाई जलाशय परियोजना के दायरे में आ गई थीं। इन जमीनों की खरीद के बाद उन्होंने सरकार से मुआवजा लिया। खबर के अनुसार, अभिषेक भार्गव ने 18 हेक्टेयर (45 एकड़) जमीन विभिन्न व्यक्तियों से खरीदी। इन जमीनों पर मुआवजा पाने की प्रक्रिया महज छह महीने के भीतर पूरी हुई।
दस्तावेजों में दर्ज जानकारी
सरकारी भूमि पर हुए सौदे
यह भी आरोप है कि अभिषेक भार्गव द्वारा खरीदी गई कुछ जमीनें पहले सरकारी रिकॉर्ड में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज थीं। 21 नवंबर 2011 को रहली के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में 41 खसरे निजी भूमि के रूप में दिखाए गए थे, ताकि मुआवजा प्राप्त किया जा सके। इस मामले में मुआवजे की कुल राशि 1 करोड़ 45 लाख 20 हजार रुपए तक पहुंची, जिनमें से 20 खसरे पहले सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थे। इन खसरों की पहचान और उन्हें निजी भूमि के रूप में दर्शाने के बाद मुआवजे का दावा किया गया, जिससे यह मामला और भी विवादास्पद हो गया है।
अभिषेक भार्गव ने कहा- मैंने कुछ गलत नहीं किया
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें
📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari