17 साल पुराने आदेश में बदलाव, सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है उच्च वेतनमान

Aman Vaishnav | Jan 24, 2026, 09:52 IST
padonnati changes
वित्त विभाग ने 17 साल पुराने आदेश में बदलाव किया है। अब सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति अस्वीकार करने के बाद भी उच्च वेतनमान मिलने की संभावना है। यह बदलाव करीब 3 से 4 लाख कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगा।

News In Short

  • कर्मचारियों को अब पदोन्नति अस्वीकार करने के बाद भी वेतनमान मिल सकता है।
  • उच्च वेतनमान का लाभ करीब 3 से 4 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा।
  • वर्ग 3 और वर्ग 4 के कर्मचारी अधिक प्रभावित होंगे, विशेषकर ट्रांसफर के कारण।
  • कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, शिक्षक वेतन वृद्धि के लिए दूर-दराज के स्कूलों में नहीं जाते हैं।

News In Detail

कर्मचारियों को पदोन्नति पर बड़ी राहत

वित्त विभाग ने 17 साल पुराने आदेश में बदलाव किया है। 2008 में दिए गए आदेश के अनुसार, यदि सरकारी कर्मचारी पहले उच्चतर वेतनमान लेते हैं और फिर पदोन्नति से मना कर देते हैं, तो उन्हें बाद में उच्चतर वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा। अब इस आदेश में स्पष्टीकरण जारी किया गया है।



वित्त विभाग ने अब नए निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, यदि सरकारी कर्मचारी बाद में पदोन्नति स्वीकार कर लेते हैं, तो उन्हें उच्च वेतनमान देने पर भी विचार किया जा सकता है। इसका फायदा करीब 3 से 4 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा।



ट्रांसफर के डर से नो प्रमोशन

कई बार वर्ग 3 और वर्ग 4 के कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने के बजाय वे उच्चतर वेतनमान ले लेते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ट्रांसफर होता है, क्योंकि पदोन्नति मिलने पर उन्हें दूसरी जगह जाना पड़ सकता है। इसके अलावा, अधिकार और कार्यक्षेत्र की वजह से भी वे पदोन्नति की बजाय वेतन बढ़वाना पसंद करते हैं।



कर्मचारियों के लिए नया वेतन नियम

अब तक 2008 के आदेश के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी अपनी पदोन्नति को मना करता था, तो उसे बाद में उच्च वेतनमान नहीं दिया जाता था। उसे उच्च वेतनमान के लाभ वापस करने की भी जरूरत नहीं होती थी।



अब नए स्पष्टीकरण के अनुसार, यदि कर्मचारी पदोन्नति को अस्वीकार कर देता है, तो उसे उच्च वेतनमान नहीं मिलेगा। हालांकि, बाद में वह पदोन्नति स्वीकार कर लेता है, तो पुराने नियमों के तहत उसकी पात्रता के हिसाब से उच्च वेतनमान दिया जाएगा।



उच्च वेतनमान लेने की कोशिश

एलडीसी से यूडीसी, वन रक्षक से वनपाल, और शिक्षकों के मामले के अलावा राजस्व विभाग में पटवारी से राजस्व निरीक्षक तक की पदोन्नति के मामले ज्यादा देखे जाते हैं।



ये स्थिति ज्यादातर वर्ग 3 के नियमित कर्मचारियों के साथ होती है। कर्मचारी संगठनों के मुताबिक कई बार शिक्षक उच्च वेतनमान लेने की कोशिश करते हैं, ताकि उन्हें दूर-दराज के स्कूलों में न जाना पड़े।



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