एग्रीमेंट पर बार-बार बिकी भूदान की जमीन, सब-रजिस्ट्रार बिना देखे करते रहे पंजीयन
News in Short
- भूदान की जमीन बार-बार बिकी, राजस्व विभाग सोता रहा
- एक ही जमीन के 10 अनुबंध, सब-रजिस्ट्रार ने किए पंजीकृत
- कलेक्टर की अनुमति न मिलने पर भी बेचने की कोशिश हुई
- रजिस्ट्री टलने के बाद भी अधिकारियों ने अनदेखी की
- लाखों लेने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई, मामला पुलिस तक पहुंचा
News in Detail
गुना के जगनपुर में भूदान की जमीन फिर बेचने का मामला सामने आया है। इस जमीन को पहले भी 10 बार बेचने की कोशिश हुई। सब-रजिस्ट्रार ने आंख बंद कर कई बार अनुबंध रजिस्टर किए। कलेक्टर ने कभी विक्रय की अनुमति नहीं दी। 27 साल में इस जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में कई बार बेचा गया। किसी भी हिस्से की रजिस्ट्री नहीं हो पाई।
ऐसे होता रहा जमीन का सौदा
जगनपुर के पटवारी हल्का 77 की 12 बीघा भूदान जमीन 60 साल पहले मिली थी। यह जवाहर सिंह और दीवान सिंह सहरिया को मिली थी। यह जमीन परिवार के भरण पोषण के लिए थी। इसे बेचने का हक नहीं था। फिर भी वारिसों ने टुकड़ों में बेचकर लाखों वसूले।
सब-रजिस्ट्रार की भूमिका पर सवाल
एक ही सर्वे नंबर पर बार-बार अनुबंध हुए। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय ने इन्हें पंजीकृत भी कर दिया। हर अनुबंध पर सब-रजिस्ट्रार के साइन हैं। सबसे ज्यादा साइन अनिल गोयल के हैं। जिला पंजीयक गोवर्धन प्रसाद बोले- सब-रजिस्ट्रार को पड़ताल करनी चाहिए। हमारा काम राजस्व वसूली का है। चूक कैसे हुई, जांच करेंगे।
कालोनाइजर से भी किया अनुबंध
वारिसों ने सरकारी जमीन बेचकर कमाई का जरिया बना लिया। अब वे कानूनी उलझन में फंस गए हैं। कुछ महीने पहले एक कालोनाइजर से 84 लाख लेकर अनुबंध किया। पैसे लेकर भी रजिस्ट्री नहीं हुई। मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच में पता चला कि जमीन पहले भी कई बार बेची गई। एक ही हिस्से के लिए कई लोगों से अनुबंध हुआ।
12 बीघा पर 59 बीघा के सौदे
सहरिया परिवार को 12 बीघा जमीन मिली थी। पर 1999 से 2026 तक 59 बीघा से ज्यादा के अनुबंध हुए। करीब सवा 2 करोड़ वसूले गए। इतनी ही राशि बकाया रह गई। यह राशि रजिस्ट्री पर मिलनी थी। जमीन आवासीय क्षेत्र में है। इसलिए कॉलोनाइजर भी लाखों देकर अनुबंध करते गए।
पुलिस केस के बाद जागा प्रशासन
सालों से सोया प्रशासन अब जागा है। पुलिस ने केस दर्ज किया। अब राजस्व विभाग जांच की बात कर रहा है। गुना कलेक्टर किशोर कन्याल का कहना है किअनुमति बिना भूदान की जमीन नहीं बेच सकते। अनुबंध करना भी गलत है। रिकॉर्ड विभागों के पास है। जांच कराएंगे।
FAQs
गुना के जगनपुर में भूदान जमीन को लेकर क्या फर्जीवाड़ा हुआ है?
12 बीघा भूदान जमीन का 1999 से 2026 तक 10 लोगों से एग्रीमेंट हुआ। हर बार लिखा कि कलेक्टर की अनुमति बाद रजिस्ट्री होगी। 27 साल में अनुमति नहीं मिली। खरीदारों के करोड़ों फंसे।
क्या भूदान की जमीन बेची जा सकती है?
नहीं। कलेक्टर किशोर कन्याल बोले- अनुमति बिना भूदान की जमीन नहीं बेच सकते। यह खेती के लिए दी जाती है। एक से ज्यादा अनुबंध करना अपराध है।
सब-रजिस्ट्रार की भूमिका पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
एक ही सर्वे नंबर पर बार-बार अनुबंध हुए। सब-रजिस्ट्रार ने पंजीकृत कर दिए। हर अनुबंध पर साइन हैं। सबसे ज्यादा साइन अनिल गोयल के हैं। जिला पंजीयक बोले- जांच कराएंगे।
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