भोपाल के कमला नेहरु हॉस्पिटल में मरीजों का वार्ड तोड़ निजी कंपनी का PET-CT सेंटर खोलने की तैयारी
Sanjay Sharma | May 22, 2026, 23:22 IST
22-3
भोपाल के कमला नेहरु गैस राहत अस्पताल में निजी कंपनी के PET-CT सेंटर का विरोध शुरू हो गया है। गैस पीड़ित संगठन निजी फर्म के पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी-कंप्यूटेड टोमोग्राफी सेंटर को जगह देने से नाराज है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से भी की गई है।
News in Short
- KNH में PET-CT सेंटर के विरोध में गैस पीड़ित संगठनों ने CM को लिखा पत्र
- आरोप: टेंडर GMC के नाम था, KNH को जगह देना शर्तों का उल्लंघन
- कहा- KNH गैस पीड़ितों के लिए बना, यहां निजी कंपनी को जगह देना गलत
- PET-CT के लिए रेडियोधर्मी बंकर से मरीजों, गर्भवती महिलाओं को खतरा
- मांग: प्रस्ताव तुरंत रद्द हो, सेंटर GMC में ही बने, KNH का ऑडिट हो
News in Detail
अस्पताल में पीपीपी मोड पर PET-CT सेंटर खोलने को लेकर लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। गैस पीड़ित संगठन सरकार से शिकायत करने के बाद कोर्ट जाने की तैयारी भी कर रहे हैं। संगठनों ने सीएम डॉ. मोहन यादव और स्वास्थ्य मंत्री से प्राइवेट फर्म SIAMS को सेंटर के लिए आवंटित जगह रद्द करने की मांग की है। वहीं संगठनों ने इसे टेंडर की शर्तों की अनदेखी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताया है।
विरोध के ये हैं बड़े कारण
- टेंडर की मूल शर्तों का उल्लंघन : MPHSC के टेंडर में लिखा था कि भोपाल का PET-CT सेंटर गांधी मेडिकल कॉलेज GMC में बनेगा। जबकि अचानक इसे कमलानेहरु हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जा रहा है।
- गैस पीड़ितों से छिनेगी राहत : कमला नेहरु हॉस्पिटल यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी पीड़ितों को मुफ्त सुपर-स्पेशिलिटी इलाज देने के लिए बनाया गया है। सेंटर बनाने के लिए इमरजेंसी और रजिस्ट्रेशन वार्ड हटाया जा रहा हे।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी : सुप्रीम कोर्ट ने 9 अगस्त 2012 को गैस पीड़ितों को मुफ्त इलाज देना राज्य का संवैधानिक दायित्व बताया था। निजी कंपनी का सेंटर स्थापित होने से यहां सुविधाओं का निजीकरण हो जाएगा।
- रेडियोधर्मी बंकर से खतरा : PET-CT के लिए रेडियोधर्मी पदार्थों का बंकर बनेगा। इससे गैस त्रासदी प्रभावित मरीज, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के साथ ही यहां के स्टॉफ पर रेडियोएक्टिव किरणों का बुरा असर होगा।
जीएमसी में प्रबंधन के बेहतर इंतजाम
FAQs
गैस पीड़ित संगठनों का कहना है कि MPHSC टेंडर के अनुसार सेंटर GMC में बनना था। KNH गैस पीड़ितों के लिए बना है। यहां PPP मोड पर निजी कंपनी को जगह देना टेंडर और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।
2. CM से क्या मांग की गई है?
19 मई 2026 को CM को पत्र भेजकर मांग की गई कि KNH में PET-CT सेंटर का प्रस्ताव तुरंत रद्द हो। सेंटर GMC में बने। KNH का ऑडिट हो। बंकर बनाने से पहले जनसुनवाई हो।
3. PET-CT सेंटर बनने से गैस पीड़ितों को क्या नुकसान होगा?
संगठनों के मुताबिक सेंटर के लिए इमरजेंसी वार्ड और पंजीकरण कक्ष हटेगा। रेडियोधर्मी बंकर से खतरा होगा। OPD-वार्ड प्रभावित होंगे। KNH का 60% हिस्सा पहले ही GMC के पास है। 48 विशेषज्ञ पद खाली हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
नीमच में फर्जी वारिस बनकर जमीन हड़पी, EOW ने दर्ज किया केस
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें: एमपी में राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव
मध्य प्रदेश में कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री, नीट और नर्सिंग घोटाले के खिलाफ भोपाल में जुटे यूथ
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari