जिस गुना कैश कांड में SP नप गए, उसकी SDOP से जांच करवाने पर उठे सवाल
News In Short
- गुना में एक व्यापारी की कार से करीब 1 करोड़ रुपए नकद मिले और पुलिस पर 20 लाख की डील का आरोप लगा।
- CM के निर्देश पर SP अंकित सोनी को रविवार को तत्काल हटाया गया।
- जांच SDOP (Sub Divisional Officer of Police) जाखड़ को सौंपी गई जो SP से जूनियर रैंक के अधिकारी हैं।
- बड़ा सवाल यह है कि जब SP खुद मामले में कटघरे में हैं तो उनसे जूनियर अफसर की जांच कितनी निष्पक्ष होगी।
- जानकार मान रहे हैं कि निष्पक्ष जांच के लिए ADG रैंक के वरिष्ठ अधिकारी को जांच सौंपी जानी चाहिए थी।
News In Detail
कार में मिले थे एक करोड़, फिर हुई डील
गुना जिले में 19 मार्च को धरनावदा थाने की पुलिस ने गुजरात से जुड़े एक व्यापारी की कार से करीब एक करोड़ रुपए नकद बरामद किए। यह रकम मिलते ही मामला संवेदनशील हो गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इस मामले को दबाने के लिए व्यापारी से 20 लाख रुपए में डील कर ली।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में गुजरात के एक IPS अधिकारी के रिश्तेदार का इन्वाल्वमेंट भी है। आईपीएस प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। कथित तौर पर जो 20 लाख रुपए लिए गए थे, वे बाद में वापस भी लौटा दिए गए। इसीलिए अब तक कोई फरियादी सामने नहीं आया है। पुलिस गाड़ी के नंबर के आधार पर शिकायतकर्ता की तलाश कर रही है।
SP अंकित सोनी हटाए, हितिका वासल नई SP
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 22 मार्च को तत्काल कार्रवाई करते हुए SP अंकित सोनी को पद से हटा दिया। सोनी 2017 बैच के IPS अधिकारी हैं। उनकी जगह पुलिस मुख्यालय भोपाल भेज दिया गया।
उनकी जगह हितिका वसल को गुना का नया SP नियुक्त किया गया है। हितिका गुना जिले की पहली महिला SP होंगी। यह नियुक्ति भी अपने आप में एक बड़ा बदलाव है।
इधर SDOP को जांच, सवाल ADG पर अड़ा
क्या सिर्फ नाम के लिए हो रही जांच?
मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन के जानकार कहते हैं कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में जांच हमेशा उच्च रैंक के अधिकारी से होनी चाहिए। यहां ADG रैंक का अधिकारी सबसे उपयुक्त होता। ADG न केवल SP से वरिष्ठ होते हैं, बल्कि उनके पास व्यापक अधिकार और संसाधन भी होते हैं।
जब जांच अधिकारी खुद आरोपी अफसर से जूनियर हो तो निष्पक्षता की उम्मीद कैसे रखी जाए? क्या यह जांच सिर्फ कागजी खानापूर्ति के लिए है? ये सवाल आम जनता के मन में उठ रहे हैं और अब तक इनका कोई जवाब नहीं आया है।
FAQ
- गुना कैश कांड में जांच SDOP को क्यों सौंपी गई, ADG से क्यों नहीं?
यह इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है। SDOP रैंक का अधिकारी SP से जूनियर होता है। जब SP खुद इस मामले में कटघरे में हैं, तब जूनियर अधिकारी से जांच कराना निष्पक्षता के सिद्धांत के खिलाफ माना जाता है। जानकारों का मानना है कि ADG रैंक के वरिष्ठ अधिकारी से जांच होती तो नतीजे ज्यादा विश्वसनीय और निष्पक्ष होते। अभी तक इस फैसले पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी गई है। - गुना कैश कांड में 20 लाख की डील का पूरा मामला क्या है?
19 मार्च को गुना के धरनावदा थाने की पुलिस ने गुजरात से जुड़े एक व्यापारी की कार से करीब 1 करोड़ रुपए नकद बरामद किए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मामला दबाने के लिए व्यापारी से 20 लाख रुपए में सौदा किया। कहा जा रहा है कि यह रकम बाद में वापस भी लौटाई गई। मामले में गुजरात के एक IPS अधिकारी के रिश्तेदार का नाम भी आया है। चार पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। - हितिका वासल कौन हैं और गुना में उनकी नियुक्ति क्यों खास है?
हितिका वासल IPS अधिकारी हैं जिन्हें SP अंकित सोनी की जगह गुना का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वे गुना जिले की पहली महिला SP होंगी। CM मोहन यादव ने रविवार को यह नियुक्ति की। इससे पहले इस पद पर कोई महिला अधिकारी नहीं रही थी।
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