फर्जी पासपोर्ट मामले में बड़ा खुलासा, बांगलादेशियों का ग्वालियर में मिला दूसरा ठिकाना
Amresh Kushwaha | Sept 21, 2026, 07:44 IST
बांग्लादेशियों का MP में गुप्त ठिकाना
ग्वालियर में फर्जी पासपोर्ट मामले में नया खुलासा हुआ है। डबरा के सिमरिया टेकरी बुद्ध विहार के पते पर 17 फर्जी पासपोर्ट बनवाए गए थे। एजेंट नसीम अख्तर के लैपटॉप से एसटीएफ को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच अब पूरी चेन तक पहुंच गई है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- ग्वालियर में फर्जी पासपोर्ट मामले में नया खुलासा हुआ है।
- बांग्लादेशियों के ठहरने का एक और ठिकाना मिला है।
- डबरा के बुद्ध विहार में बाहरी लोग रुकते थे।
- इसी पते पर 17 फर्जी पासपोर्ट बनवाए गए थे।
- एजेंट नसीम अख्तर के लैपटॉप से कई राज खुले हैं।
क्या है नया खुलासा
यह खुलासा जांच के लिए बड़ा मोड़ माना जा रहा है। क्योंकि इसी बुद्ध विहार के पते पर कई फर्जी पासपोर्ट बनवाए गए थे। एजेंसी अब इस मठ से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि यहां किन लोगों का आना जाना रहा। पूरे मामले ने इलाके में हलचल मचा दी है। स्थानीय लोग भी इस खुलासे से हैरान हैं।
बुद्ध विहार में कौन आता था
यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा। बीते कुछ समय से इनका आना पूरी तरह बंद हो गया है। अब मठ पर भी पहरा लगा दिया गया है। कोई भी अनजान व्यक्ति अब वहां आसानी से नहीं जा सकता।
एसटीएफ (Special Task Force) की जांच में सामने आया कि इसी पते पर 17 फर्जी पासपोर्ट बनाए गए थे। जांच में शामिल किसी भी व्यक्ति का पता डबरा में नहीं मिला। एसटीएफ के मुताबिक सभी संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक हैं। यही वजह है कि यह खुलासा जांच के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
नसीम के लैपटॉप से राज
जांच में पता चला कि सिमरिया टेकरी बुद्ध विहार के पते पर 17 फर्जी पासपोर्ट बने थे। इनमें से पांच पासपोर्ट नसीम ने भोपाल से बनवाए थे। बैतूल में भी पांच संदिग्ध पासपोर्ट बनवाने में उसकी अहम भूमिका सामने आई है। इससे साफ है कि नसीम का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन कौन शामिल था।
17 पासपोर्ट, कोई सुराग नहीं
जिन नामों पर पासपोर्ट बने, उनकी असली पहचान अब तक साफ नहीं हो पाई है। पासपोर्ट बनने के बाद ये लोग कहां गए, इसका भी कोई सुराग नहीं मिला है। एसटीएफ अब तक इस सवाल का जवाब तलाश रही है। जांच टीम मोबाइल नंबरों की डिटेल भी खंगाल रही है। इससे असली लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
अब चेन पर पूरी नजर
अधिकारी से पूछताछ के बाद नेटवर्क की नई परतें खुल सकती हैं। एसटीएफ की नजर अब नगर निगम, आधार केंद्र और पंचायत दफ्तरों पर भी है। इन सभी जगहों से फर्जी दस्तावेज बनाए जाने का शक है। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे फर्जी पासपोर्ट तैयार किए गए थे। जांच एजेंसी अब पूरी चेन को खंगालने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
MP में फर्जी पासपोर्ट कांड: जड़ें पाकिस्तान बॉर्डर तक, 15 पुलिसकर्मियों की पहचान
एमपी के 5 जिलों में फैला था फर्जी पासपोर्ट का जाल, धर्म की आड़ में चलता था खेल
भोपाल में फर्जी आधार-पैन से बन रहे थे बांग्लादेशियों के पासपोर्ट, एसटीएफ का खुलासा
MP में एक पते से बने 20 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट, पहचान छिपाने बौद्ध धर्म का लिया सहारा
राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग, पहले चरण में 9 जिलों में होगी लागू
By Ashish Bhardwaj
जवाहर सर्किल के सब-वे की 20 दुकानें बनीं कबाड़घर: दो बार नीलामी फेल, अब बिजली पर ₹19.97 लाख का नया टेंडर
By Raghvendra Singh Rathore
पांच सितारा शेरेटन ग्रैंड पैलेस होटल ने गंदगी फैलाई, इंदौर नगर निगम ने किया ढाई लाख का स्पॉट फाइन
By Sanjay Gupta
सीएम मोहन यादव ने बोला हमला राहुल गांधी पर हमला, बोले-कांग्रेसी तब न सुधरे और ना अब सुधर रहे
By Sandeep Kumar
छत्तीसगढ़ सचिवालय में प्रमोशन की बड़ी खबर, एक अवर सचिव और दो अनुभाग अधिकारियों को मिली पदोन्नति
By VINAY VERMA
छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले
By VINAY VERMA
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
By Jageshwar prasad