तानसेन की नगरी बनेगी दुनिया का नया संगीत पर्यटन केंद्र
समझें क्या हैं पूरा मामला
- ग्वालियर के मोती महल में हाईटेक म्यूजियम ऑफ म्यूजिक बनेगा।
- ग्वालियर के ऐतिहासिक मोती महल में म्यूजियम ऑफ म्यूजिक बनेगा।
- यहां तानसेन और ग्वालियर घराने की धरोहर प्रदर्शित होगी।
- MP टूरिज्म बोर्ड ने इसके लिए एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे हैं।
- प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तारीख 13 अगस्त है।
- यह परियोजना ग्वालियर को संगीत पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
तानसेन की कर्मभूमि को नई पहचान
ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन (Tansen) की कर्मभूमि रहा है। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक प्रमुख धरोहर भी है। अब इस शहर को जल्द नई सांस्कृतिक पहचान मिलने जा रही है। शहर के ऐतिहासिक मोती महल (Moti Mahal) परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं वाला म्यूजियम ऑफ म्यूजिक विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना में मोती महल का मूल ऐतिहासिक स्वरूप सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही इसे आधुनिक तकनीक से सुसज्जित संगीत संग्रहालय में बदला जाएगा। यहां ग्वालियर की संगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत देश-विदेश के पर्यटकों के सामने आकर्षक ढंग से प्रस्तुत होगी।
सांस्कृतिक पर्यटन का नया केंद्र बनेगा
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (MP Tourism Board) ने इच्छुक एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। चयनित एजेंसी मोती महल (Moti Mahal) के संरक्षण कार्य के साथ-साथ संग्रहालय के निर्माण, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभालेगी।
परियोजना का मकसद सिर्फ ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण करना नहीं है। इसका उद्देश्य मोती महल को आधुनिक सांस्कृतिक, शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।
यूनेस्को के दर्जे के बाद बढ़ा महत्व
ग्वालियर को यूनेस्को से 'सिटी ऑफ म्यूजिक (Museum of Music)' का दर्जा मिल चुका है। इसके बाद इस परियोजना की अहमियत और बढ़ गई है। संग्रहालय बनने के बाद पर्यटक भारतीय शास्त्रीय संगीत की विकास यात्रा को करीब से समझ सकेंगे। वे ग्वालियर घराने की परंपरा और तानसेन जैसे संगीत विभूतियों के योगदान को भी एक ही जगह देख सकेंगे।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से ग्वालियर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक पर्यटनमें नई पहचान मिलेगी। शहर में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा संगीत के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए यह महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र बनेगा।
कब तक पूरी होगी प्रक्रिया
इच्छुक एजेंसियां 13 अगस्त शाम 5 बजे तक अपने प्रस्ताव जमा कर सकेंगी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को काम सौंपा जाएगा। इसके बाद मोती महल परिसर में म्यूजियम ऑफ म्यूजिक का निर्माण कार्य शुरू होगा। यह परियोजना ग्वालियर को विश्वस्तरीय संगीत पर्यटन केंद्र (World-class music tourism hub) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें..
ग्वालियर कोर्ट के मांगने पर भी पूरी संपत्ति का ब्योरा छिपा रहा सिंधिया परिवार
सोशल मीडिया पर मीठी और प्यारी बातें कर रही कंगाल, अकेले ग्वालियर में 23 करोड़ साफ
MP नगर निगम में एल्डरमैन नियुक्त, इंदौर समेत जबलपुर, ग्वालियर होल्ड पर
ग्वालियर में अवैध खनन पर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, 16 खदानों पर तत्काल रोक