ग्वालियर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, काम न करने वाली 19 कंस्ट्रक्शन फर्म ब्लैकलिस्ट

Aman Vaishnav | Mar 09, 2026, 16:55 IST
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ग्वालियर नगर निगम में टेंडर लेकर काम न करने वाले ठेकेदारों पर गाज गिरी है। राज्य सरकार के प्रमुख अभियंता ने 19 कंस्ट्रक्शन फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इन फर्मों पर अब एक से तीन साल तक का कड़ा प्रतिबंध रहेगा।

सरकारी टेंडर लेकर गायब होने वाले ठेकेदारों की अब खैर नहीं है। ग्वालियर में विकास कार्यों के साथ खिलवाड़ करने वाली फर्मों को विभाग ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। प्रमुख अभियंता के इस कड़े फैसले से लापरवाह ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।



क्या है पूरा माजरा?

नगर निगम में टेंडर मिलने के बाद भी काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप एस मिश्रा ने 19 कंस्ट्रक्शन फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब इन फर्मों को अगले 1 से 3 साल तक किसी भी सरकारी टेंडर में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।



काम छोड़ने पर 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट

कुछ फर्में टेंडर जीतकर करोड़ों की योजनाएं ले लेती हैं। वहीं जब उन्हें कार्यादेश मिल जाता है तो वे अनुबंध साइन नहीं करतीं या फिर काम बीच में छोड़कर भाग जाती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि शहर की सड़कें, नाले, स्कूल और सामुदायिक भवन अधर में लटके रह जाते हैं।



उदाहरण के तौर पर राज राजेश्वरी एसोसिएट्स ने वार्ड 30 में स्टॉर्म वाटर ड्रेन का टेंडर 32.77% कम दर पर लिया था। फरवरी 2023 में कार्यादेश मिला लेकिन कई नोटिस के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया था। अब फर्म को 3 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उनकी परफॉर्मेंस सिक्योरिटी भी जब्त कर ली गई है।



ये भी हुईं ब्लैकलिस्ट

समधिया कंस्ट्रक्शन ने भी वार्ड 17 में सीसी रोड का काम 29.32% कम बोली लगाकर जीता था। इसके बाद भी काम शुरू नहीं किया था। इसके बाद उन्हें 2 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था।



वहीं बाबा मोर्धन इंटरप्राइजेज ने वार्ड 1 में सामुदायिक भवन का टेंडर 23.60% कम में जीता था। काम नहीं करने पर उन्हें भी 2 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके अलावा बुंदेला एसोसिएट्स, श्री श्याम हरीशरण इंटरप्राइजेज सहित कई सारी कंपनियां भी इसी लिस्ट में शामिल हैं।



नगरीय प्रशासन के प्रमुख अभियंता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि, अब जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि जो फर्में समय पर काम नहीं करतीं, उनकी धरोहर राशि जब्त कर ली जाएगी। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे ग्वालियर में अब केवल वे फर्में टेंडर ले सकेंगी जो काम समय पर पूरा करेंगी। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।



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