इंदौर नगर निगम ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भेजी गलत जानकारी, डिप्टी कमिश्नर सस्पेंड

Sanjay Gupta | Mar 03, 2026, 18:20 IST
Share
indore-municipal-corporation-kailash-vijayvargiya-conspiracy-officers-suspended
Photograph: (the sootr)

इंदौर नगर निगम के अधिकारियों ने विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को गलत आंकड़े दिए। मामला बढ़ने पर डिप्टी कमिश्नर समेत कई सस्पेंड हुए। क्या यह कोई गहरी साजिश है?

News in Short

  • इंदौर नगर निगम ने विधानसभा में खाली पदों की गलत जानकारी मंत्री को सौंपी।
  • कचरा गाड़ियों के लिए केवल 3 ड्राइवर होने का झूठा दावा रिपोर्ट में किया।
  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सदन में गलत आंकड़ों के कारण विरोध झेलना पड़ा।
  • लापरवाही पर राज्य शासन ने डिप्टी कमिश्नर शैलेष अवस्थी को तुरंत सस्पेंड कर दिया।
  • स्थापना शाखा के अधीक्षक भी निलंबित हुए और एक लिपिक की सेवा समाप्त की।

Intro

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ क्या अधिकारी षड्यंत्र कर रहे हैं। भागीरथपुरा मामले में मौतों के बाद अब नगर निगम इंदौर के अधिकारियों ने रिक्त पद और पदस्थ कर्मचारियों की गलत जानकारी दी।

News in Detail

INDORE. मप्र की विधानसभा में 20 फरवरी को इंदौर विधानसभा पांच के विधायक महेंद्र हार्डिया ने इंदौर नगर निगम को लेकर जानकारी मांगी थी। इसमें रिक्त व भरे हुए पदों की जानकारी चाही गई थी। इंदौर नगर निगम से आई जानकारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उपलब्ध कराई, लेकिन यह गलत निकली।

इस पर बवाल हुआ और आखिरकार राज्य शासन ने जिम्मेदार डिप्टी कमिशनर को सस्पेंड कर दिया। वहीं, इंदौर निगम ने भी अधीक्षक को सस्पेंड किया। इसके पहले भागीरथपुरा में मौतों की गलत जानकारी देने पर मंत्री जमकर भड़के थे। इस पर विपक्ष ने उन्हें घेर दिया था। ऐसे में फिर सवाल उठ रहा है कि क्या मंत्री के खिलाफ अधिकारी ही अब षड्यंत्र कर रहे हैं।

9c34b810-f62
9c34b810-f62


अफसर कर रहे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ षड्यंत्र!

सूत्र ने जताई थी षडयंत्र की आशंका

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की नाराजगी के बाद लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। लेकिन द सूत्र इस मामले में पहले ही किसी षड्यंत्र की आशंका जता चुका था। 23 फरवरी को द सूत्र ने बताया था कि किस प्रकार अधिकारियों ने विधानसभा में रखने के लिए इंदौर नगर निगम से जुड़ी गलत जानकारियां मंत्री को दीं। इन गलत जानकारियों पर बाद में सदन में हंगामा भी हुआ। इस प्रकरण के बाद से ही नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय खासे नाराज बताए जा रहे थे।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में नगर निगम द्वारा प्रस्तुत जानकारी में त्रुटि पाए जाने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। नगर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि कुछ पदों के रिक्त और भरे होने संबंधी जानकारी कार्यालय स्तर से गलत जानकारी हो गई थी।



इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई गई और दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठाए गए। इस मामले में संबंधित ओएस (ऑफिस सुपरिंटेंडेंट) स्थापना शाखा हरीश श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। लिपिक अतुल वाजपेयी की सेवा समाप्त की गई है। जबकि डिप्टी कमिश्नर शैलेष अवस्थी को राज्य शासन द्वारा सस्पेंड किया गया है।

नगर निगम इंदौर के अधिकारियों ने यह भेजी जानकारी

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम के अधिकारियों द्वारा भेजी गई जानकारी विधानसभा में दी। इसमें बताया कि इंदौर नगर निगम में सफाई संरक्षक के पद रिक्त है। जबकि 3900 स्वीकृत पदों पर 1200 से अधिक संरक्षक और 2400 से ज्यादा विनियमित कर्मचारी पदस्थ है।

यह भी बताया कि..

  • इंदौर नगर निगम में 6312 पद स्वीकृत हैं। इनमें से केवल 1493 भरे हुए हैं और 4819 रिक्त हैं।
  • मुख्य स्वच्छता अधिकारी का पद उन्होंने भरा बताया जबकि यह पद खाली पड़ा है। इसी तरह उन्होंने मुख्य नगर निवेशक का पद भी भरा बताया जबकि वह भी खाली है।
  • मंत्री ने 24 राजस्व निरीक्षकों के पदों में से 8 भरे और 16 रिक्त बताए, लेकिन इसमें प्रभारियों के तौर पर विनियमित कर्मचारी ही जिम्मा संभाल रहे हैं।
  • मंत्री ने उप राजस्व निरीक्षकों के 49 पदों में 5 भरे बताए, दूसरे अधिकारी प्रभार संभाल रहे हैं। सहायक राजस्व निरीक्षकों के 195 पदों में से 115 भरे बताए गए, लेकिन यहां भी विनियमित और मस्टर रोल के कर्मचारी ही है।
  • निगम के पास 1200 से अधिक वाहन हैं। मंत्री विजयवर्गीय ने विधानसभा में कहा कि निगम में केवल 3 ड्राइवर हैं, वो भी हल्के वाहनों के लिए। ड्राइवरों के 20 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 17 लंबे समय से खाली हैं।

इंदौर के ही विधायक हार्डिया का था सवाल

इंदौर विधानसभा पांच के विधायक महेंद्र हार्डिया ने 20 फरवरी को सवाल पूछा था। इसमें इंदौर नगर निगम में रिक्त और भरे पदों की जानकारी मांगी थी। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी दी थी।

यह खबरें भी पढ़ें...

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नई बोरिंग पर लगाई थी रोक, बेटे आकाश बोले- हर वॉर्ड में बोरिंग के लिए 8 लाख देंगे

अमित शाह के ऑफिस से रात को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को आया फोन, दिल्ली पहुंचे, सीएम भी शाह से मिले

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड से मौत पर तीन सवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अलग-अलग जवाब

इंदौर में बजरबट्टू सम्मेलन मुश्किल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नहीं हो रहे शामिल, महापौर भी गेर में नहीं जाएंगे

Tags:
  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
  • इंदौर नगर निगम
  • विधायक महेंद्र हार्डिया
  • विधानसभा सत्र
  • सस्पेंड
  • भागीरथपुरा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज