अफसर कर रहे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ षड्यंत्र!

क्या सूबे के सबसे कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ कोई षड्यंत्र हो रहा है? क्या प्रदेश के अफसर किसी के इशारे पर विजयवर्गीय के खिलाफ काम कर रहे हैं? ये हम नहीं कह रहे, ऐसे आरोप खुद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लगाए हैं।

author-image
Sourabh Bhatnagar
New Update
kailash vijayvargiya

क्या है पूरा मामला

सूत्र बता रहे हैं कि विधानसभा में हुए घटनाक्रम से मंत्रीजी खासे नाराज हैं। विभाग के अफसरों का गला सूख रहा है और पार्टी संगठन उनके गुस्से को ठंडा करने में जुटा है। पूरी कहानी क्या है, सिर्फ हम आपको बताते हैं…

भागीरथपुरा कांड पर अफसरों ने करवा दी किरकिरी

दरअसल 20 फरवरी को विधानसभा में भागीरथपुरा कांड पर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा थी। नगरीय प्रशासन मंत्री होने के नाते कैलाश विजयवर्गीय को ही इस पर जवाब देना था।

विधानसभा में विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा कांड पर नैतिक जिम्मेदारी भी ली और विस्तार से बताया कि यह किस तरह से सामूहिक चूक है। उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में 20 लोगों की मौतें हुई हैं।

जयवर्धन ने लगा दिया झूठ बोलने का आरोप

इधर, स्थगन प्रस्ताव के दौरान ही, कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कैलाश विजयवर्गीय पर गलत आंकड़े देने का आरोप लगा दिया।

जयवर्धन ने कहा कि, मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न क्रमांक 1625 में मंत्रीजी ने बताया है कि भागीरथपुरा में कुल 20 मौतें हुई हैं। लिखित उत्तर के पहले पेज पर 20 मौतों का उल्लेख है और इसी के परिशिष्ट में 32 मौतों की बात कही जा रही है।

जयवर्धन यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि कल 19 फरवरी को भी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को दिए गए उत्तर में 20 मौतों की बात की गई है।

मंत्री सदन में गलत जानकारी दे रहे हैं। सदन में इस बात पर चर्चा होना चाहिए कि सरकार सही आंकड़ा क्यों नहीं दे पा रही है? अब तक सिर्फ 20 पीड़ित परिजनों तक ही मुआवजा क्यों पहुंचा है?

और तोमर के कक्ष में बिफर गए कैलाश

विभाग के अफसरों द्वारा ठीक से ब्रीफिंग नहीं मिलने के कारण कैलाश विजयवर्गीय नाराज हो गए। बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के कक्ष में उन्होंने इस पर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी। इस दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि मंत्री इस कदर नाराज थे कि उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों पर उनके खिलाफ षड्यंत्र करने के आरोप लगा दिए। कहा कि, अफसर उनको घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

कैलाश विजयवर्गीय की नाराजगी देख तोमर ने नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे को बुलवा लिया। तोमर ने संजय दुबे से कहा कि- इतना संवेदनशील मामला है। आपकी ओर से मंत्रीजी को ये कैसा जवाब लिखा गया है? कुछ भी साफ नहीं है।

इसी बीच कैलाश विजयवर्गीय भड़क गए। उन्होंने गुस्से में कहा कि जवाब किसने बनाया था, उसको सस्पेंड कीजिए।

इस पर एसीएस संजय दुबे ने कहा कि जवाब तो मेरे साइन से ही आया है, इसलिए मुझे ही सस्पेंड कीजिए।

इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि क्या आप पढ़ते नहीं हैं? आपके गलत जवाब के कारण विपक्ष मुझ पर हमलावर हुआ।

आईएएस संजय दुबे ने कहा कि हमारी गलती नहीं है। जवाब तो सही बना है, आपने ठीक से पढ़ा और समझा ही नहीं। उन्होंने बताया कि जवाब में साफ लिखा है कि 20 लोगों की मौत दूषित पानी के कारण हुई है।

इसके अलावा 8 लोगों की मौत का कारण पानी नहीं, बल्कि दूसरी बीमारियां या दूसरे कारण थे, जबकि 4 मौतों का कारण दूषित पानी के साथ ही अन्य बीमारियां भी माना गया है। ये कारण पीएम रिपोर्ट में आए हैं।

… तो पर्ची क्यों नहीं भेजी?

इस पर मंत्री बोले कि, जब विपक्ष आंकड़ों पर सवाल उठा रहा था तो आपने सदन (एमपी विधानसभा) में पर्ची भेजकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की? इस दौरान काफी बहसा बहसी हुई। मंत्री काफी भड़क रहे थे। हालांकि आखिर में प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के समझाने पर मामला शांत हुआ।

काफी जवाब-तलब और बहस के बाद लुब्बे लुबाब यही निकला कि जवाब तो सही लिखा गया है, बस मंत्रीजी ने जल्दबाजी में उसे ठीक से पढ़ा नहीं और ना ही अफसरों ने उनको सही तरीके से ब्रीफ किया।

इससे मंत्री सदन में अकेले पड़ गए। विपक्ष के सवालों का सही जवाब नहीं दे पाए। शायद इसी वजह से मंत्री को लगा कि अफसर ही उनको जान-बूझकर विपक्ष के सामने उलझा रहे हैं। इसीलिए उन्होंने अपना गुस्सा विस अध्यक्ष के सामने उनके कमरे में निकाला।

मगर बड़ा सवाल ये भी है…

बता दें कि जब भी कोई मंत्री अपना जवाब पेश करता है तो सहायता के लिए उस विभाग के अफसर सदन में उपस्थित रहते हैं। कोई त्रुटी होने पर वह मंत्री को पर्ची भिजवाकर जवाब सही करवाता है।

ऐसे में जब नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री जवाब दे रहे थे तो उनको पर्ची क्यों नहीं भिजवाई गई?

कैलाश विजयवर्गीय से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें...

इंदौर में विधायक गोलू के सवाल पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माने कान्ह किनारे निर्माण अवैध, क्या चलेगा बुलडोजर

इंदौर में 3.90 लाख मतदाता हुए कम, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ विधायक मेंदोला, हार्डिया को झटका

भोपाल में सीएम मोहन यादव से मिले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, रात को राजनीतिक रिटायरमेंट पर ये कहा

कैबिनेट मीटिंग के समय कहां थे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, खुद किया खुलासा

भागीरथपुरा कांड एमपी विधानसभा हेमंत खंडेलवाल आईएएस संजय दुबे कैलाश विजयवर्गीय विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह
Advertisment