भागीरथपुरा दूषित पानी कांड से मौत पर तीन सवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अलग-अलग जवाब

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से आखिर कितनी मौत हुई। इसे लेकर विधानसभा में फिर तीन सवाल में दो अलग-अलग जवाब सामने आए हैं। आइए जानते हैं क्या पूरा मामला...

author-image
Sanjay Gupta
New Update
bhagirathpura

INDORE. इंदौर में 29 दिसंबर को सामने आए भागीथरपुरा दूषित पानी कांड में मौतों की असल संख्या आज भी पहली है। अभी तक यहां विविध दावों के अनुसार 35 मौत हो चुकी है। लेकिन मप्र शासन के अनुसार मौतों की संख्या अलग है।

मप्र विधानसभा में मौतों की संख्या की जानकारी गलत बताने के आरोप लगाकर कांग्रेस के विधायक पहले ही हंगामा कर चुके हैं। अब शुक्रवार को फिर इसे लेकर तीन सवाल हुए और दो अलग-अलग जवाब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिए गए। 

इन विधायकों ने लगाए सवाल

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर विधायक डॉ. हीरालाल अलावा, सोहनलाल बाल्मीक और अजय सिंह ने सवाल लगाए। इसमे मौतों की संख्या की जानकारी मांगी गई और आगे यह भी पूछा गया कि इसका कारण क्या रहा, मौतों पर पोस्टमार्टम हुआ या नहीं। 

भागीरथपुरा कांड में क्या जाति देखकर IAS पर तय हुई कार्रवाई, उमंग सिंघार के गंभीर आरोप

Bhagitharpura

मंत्री कैलाश विजजयवर्गीय के ये जवाब

इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिए। इसमें विधायक अलावा के सवाल के जवाब में मंत्री ने 22 मौत की बात कही। वहीं बाल्मीक और सिंह के सवाल के जवाब में कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने दूषित पानी से 20 मौत की पुष्टि की है। साथ ही बताया कि 459 लोगों का उपचार किया गया।  

मौत का कारण एक्यूट डायरियल डिजीज बताया है। साथ ही कहा है कि पुलिस द्वारा दस्तावेज देने पर चिन्हित केस का पोस्टमार्टम किया गया। डेथ आडिट एनालिस कराया गया है। मंत्री ने बताया कि जनवरी 2025 से अभी तक नगर निगम इंदौर द्वारा 84142 पानी सैंपल की जांच की गई है। अमृत 2.0 के तहत पानी की लाइन बदलने का काम किया जा रहा है यह लाइन 635 किमी लंबी है। 

मध्य प्रदेश विधानसभा में थाली लेकर पहुंचे कांग्रेसी, भागीरथपुरा कांड पर सरकार को घेरा

Bhagitharpura

मौत की संख्या पर हो चुका है बवाल

इसके पहले जयवर्धन सिंह के सवाल पर जवाब पर विधानसभा में बवाल हो चुका है। इसमें सिंह के आरोप थे कि विधानसभा में गलत जानकारी दी जा रही है। इसी बात को लेकर बाद में मंत्री विभागीय अधिकारियों पर भड़के थे और कहा कि गलत जानकारी क्यों दी जा रही है। इसमें अधिकारियों ने मंत्री को बताया था कि आपके द्वारा पूरा जवाब नहीं देखा गया। दूषित पानी से 20 मौत, 8 मौत अन्य बीमारियों से व चार मौत दूषित पानी के साथ अन्य कारणों से भी हुई है। 

भागीरथपुरा कांड: दूषित पानी से 31वीं मौत, 21 दिन से थे वेंटिलेटर पर

Bhagitharpura

इंदौर भागीरथपुरा कांड पर कांग्रेस का फिर धरना, एक करोड़ मुआवजे और जिम्मेदारों पर केस की मांग

हाईकोर्ट में इतनी मौत मानी थी

हाईकोर्ट इंदौर में भी यह केस चल रहा है। इसमें 27 जनवरी की सुनवाई में शासन ने 16 मौत दूषित पानी से मानी थी। वहीं कहा था कि चार मौत पर असमंजस है और तीन मौत दूषित पानी से नहीं हुई है। हालांकि डेथ आडिट रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े हो गए थे। इसके बाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस सुशील गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच कमीशन गठित कर दिया। आयोग द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।

जयवर्धन सिंह कैलाश विजयवर्गीय हीरालाल अलावा दूषित पानी भागीरथपुरा भागीरथपुरा कांड
Advertisment