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News in Short
- भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 31 मौतें हो चुकी हैं।
- 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी की 21 दिन वेंटिलेटर पर होने के बाद मौत।
- दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त और गंभीर बीमारियों का प्रकोप है।
- स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही और पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
- इलाज के बावजूद कई लोग अपनी जान गवां रहे हैं।
News in Detail
भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैली बीमारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी की मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से मौत का आंकड़ा बढ़कर 31 हो गया है। एकनाथ करीब 21 दिन से वेंटीलेटर पर थे।
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दो दिन पहले हुई थी दो मौत
इससे पहले बुधवार को लक्ष्मी रजक नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 75 वर्षीय खूबचंद (पिता गन्नुदास) ने दम तोड़ दिया था।
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संक्रमण ने त्रासदी का रूप लिया
अब दूषित पानी से फैल रही बीमारियों के कारण एक गंभीर संकट का शिकार हो गया है। पिछले कुछ हफ्तों से यह क्षेत्र संक्रमण की चपेट में आकर धीरे-धीरे एक भीषण त्रासदी का रूप ले चुका है। हर दिन यहां से किसी न किसी की मौत की खबर मिल रही है। यह समस्या थमने का नाम नहीं ले रही।
दूषित पानी: मुख्य कारण
यहां की अधिकांश मौतों का कारण दूषित जल आपूर्ति को बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जल आपूर्ति में गंदगी और विषाक्त तत्वों की भारी मात्रा है, जिससे उल्टी-दस्त, बुखार और अन्य गंभीर बीमारियों का प्रकोप फैल रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं का संकट
भागीरथपुरा में स्वास्थ्य सेवाएं भी पूरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। भले ही अब अस्पतालों में मरीजों की भीड़ कम हो गई है, लेकिन अभी भी कहीं-कहीं पर मरीज सामने आ रहे हैं। हालात यह है कि इलाज के बावजूद कई लोग अपनी जान गवा रहे हैं, जिससे चिंता और बढ़ रही है।
इसलिए पैदा हुआ संकट
स्थानीय लोग इसे प्रशासन की लापरवाही का परिणाम मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पानी की गुणवत्ता की सही जांच नहीं की गई। स्वच्छता पर ध्यान न देने से यह संकट पैदा हुआ है।
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पूर्व में चपेट में आकर हो रही मौत
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। आने वाले समय में जल आपूर्ति को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम प्रयासरत है। लेकिन, जो लोग दूषित पानी की चपेट में आए हैं, वे मौत का शिकार हो रहे हैं।
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स्थानीय जागरूकता और सुरक्षा
इस संकट के बीच, भागीरथपुरा के निवासियों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। पानी को उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर स्वच्छता अभियान की आवश्यकता महसूस हो रही है। इसके अलावा, बीमारियों से बचने के लिए स्थानीय निवासियों को हैंडवाश और हाइजीन के बारे में अधिक जानकारी दी जा रही है।
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