भागीरथपुरा कांड : इंदौर में दूषित पानी से 30वीं मौत, मचा हड़कंप
Rahul Dave | Jan 28, 2026, 18:36 IST
bhagirathpura scandal
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। 62 वर्षीय लक्ष्मी रजक की मौत के साथ मृतकों की संख्या 30 तक पहुंच गई है।
News In Short
- भागीरथपुरा में दूषित पानी से 30वीं मौत।
- लक्ष्मी रजक की किडनी फेल होने से इलाज के दौरान मौत।
- फिलहाल 6 मरीज अस्पताल में भर्ती, 1 वेंटिलेटर पर।
- हाईकोर्ट ने सरकार की कमेटी खारिज की।
- पूर्व जज सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में जांच आयोग।
- चार हफ्ते में अंतरिम रिपोर्ट, अगली सुनवाई 5 मार्च 2026।
News In Detail
इससे पहले मंगलवार को भागीरथपुरा निवासी खूबचंद की भी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए अंत्येष्टि से पहले शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया था। वर्तमान में 6 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें 3 आईसीयू में हैं और एक मरीज वेंटिलेटर पर है।
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हाईकोर्ट का सख्त रुख
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शुरुआत से ही मौतों के आंकड़ों पर टकराव
कानूनी जानकारों के अनुसार, मौतों की संख्या कम दिखाना केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि जवाबदेही से बचने का तरीका भी हो सकता है। यही वजह है कि कोर्ट ने डेथ ऑडिट और मेडिकल रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।
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वन मैन जांच आयोग का गठन
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में वन मैन जांच आयोग का गठन किया है।
आयोग को सिविल कोर्ट जैसे अधिकार
4 सप्ताह में अंतरिम रिपोर्ट
अगली सुनवाई: 5 मार्च 2026
जांच आयोग किन बिंदुओं की करेगा पड़ताल
आयोग जांच करेगा
वास्तविक मौतों की संख्या और कारण।
बीमारी की प्रकृति और इलाज की पर्याप्तता।
जल आपूर्ति से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी।
पीड़ित परिवारों को मुआवजे की राशि।
सूत्र Alert | मेडिकल रिपोर्ट भी जांच के घेरे में
आगे क्या | असर
मौतों के असली आंकड़े सामने आ सकते हैं।
पीड़ित परिवारों को मुआवजा और न्याय की उम्मीद।
जल आपूर्ति व्यवस्था पर व्यापक सुधार के निर्देश संभव।
निष्कर्ष
भागीरथपुरा कांड अब केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा जीवन और मृत्यु का मामला बन चुका है। इंदौर हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच आयोग गठित किया है। अब उम्मीद है कि दोषियों की जवाबदेही तय होगी। पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सकेगा।
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