उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग एक वेटिंग अभ्यर्थी पद बढ़ाने के लिए निकालेंगे तिरंगा यात्रा, च्वाइस फिलिंग में भी खेल
Sanjay Gupta | Aug 10, 2024, 12:28 IST
tiranga yatra bhoapal 14 aug
उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग 1 के वेटिंग अभ्यर्थियों अब पद बढ़ाने की मांग को लेकर 14 अगस्त को भोपाल में तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra) का आयोजन करने जा रहे हैं।
INDORE. उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग 1 (Higher Secondary Teacher Varg-1) के वेटिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। अब पद बढ़ाने की मांग के लिए अभ्यर्थी 14 अगस्त को भोपाल में तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra) का आयोजन करने जा रहे हैं। इसके लिए इन्होंने शनिवार को अपने कैंपेन की शुरुआत सोशल मीडिया पर कर दी है। उधर जिन्हें ज्वाइनिंग मिल रही है, इसमें डीपीआई द्वारा च्वाइस फिलिंग (Choice Filling) में कम स्कूल ओपन कर खेल करने के भी आरोप लग रहे हैं।
उधर जो चयनित अभ्यर्थी है उनकी ज्वाइनिंग के साथ ही च्वाइस फिलिंग की शुरूआत हो गई है, लेकिन स्कूल विभाग की च्वाइस फिलिंग में खेल करने के आरोप लग रहे हैं। वहीं ट्राइबल में भी च्वाइस फिलिंग शुरू हुई है जिसे उम्मीदवार सही बता रहे हैं। इनका कहना है कि डीपीआई ने स्कूल शिक्ष विभाग (School Education Department) मे जो च्वाइस फिलिंग शुरू की है, इसमें उन्होंने उतने ही स्कूल ओपन किए हैं जितने मेरिट में हैं। वहीं ट्राइबल विभाग ने जितने मेरिट में अभ्यर्थी है उससे कहीं ज्यादा जिस भी स्कूल में पद खाली है वह सभी ओपन किए हैं। जैसे ट्राइबल की बात करें तो मैथ्स में 57 मेरिट में हैं तो उन्होंने च्वाइस फिलिंग के लिए 636 स्कूल ओपन किए, इसी तरह इंग्शिल में 118 पद है तो 677 स्कूल ओपन किए हैं, जो डीपीआई ने नहीं किया।
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पद खाली, रिजल्ट बेकार, फिर भी भर्ती नहीं वेटिंग अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि सरकार के पास पद खाली नहीं है। हजारों पद खाली है, स्कूलों का रिजल्ट बेकार निकल रहा है क्योंकि शिक्षक नहीं है इसके बाद भी रिक्त पद नहीं भरे जा रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जो युवा पद मांग रहे हैं, वह इस बार दो-दो परीक्षा पास करके आए हैं. यानी अधिक उनकी क्षमता का अधिक आंकलन सरकार कर चुकी है और योग्य युवाओं के आने से रिजल्ट में भी सुधार होगा।
यह है वेटिंग अभ्यर्थियों का कहना
- विभागीय डेटा के अनुसाकर वर्ग 1 के कुल 36853 पद है और इसमें से 21459 खाली है।
- मप्र बोर्ड का रिजल्ट सबसे खराब आया क्योंकि पढ़ाने वाले शिक्षक ही नहीं थे।
- 12वीं बोर्ड में अंग्रेजी में 1.52 लाख, हिंदी में 47 हजार, राजनीतिशास्त्र में 35 हजार, कैमिट्री में 30 हजार बच्चे फेल हुए।
- मप्र की स्कूल शिक्षा का देश में 20वां स्थान है।
- सरकारी स्कूलों की उपेक्षा हो रही हैं, क्योंकि यहां गरीब बच्चे अध्ययनरत है
- बच्चे लगातार स्कूल छोड़ रहे हैं।
- अब स्कूली बच्चे भी शिक्षक कमी के कारण आंदोलन कर रहे हैं, हाल ही में कराडिया ग्राम रतलाम और टिकरी-पिपरी गांव डिंडोरी में यह हुआ।
इधर डीपीआई पर च्वाइस फिलिंग में खेल करने के आरोप
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