आईएएस आशीष सिंह, जिन्होंने देश के दिल को जीत लिया
The Sootr | Dec 16, 2024, 11:54 IST
thesootr
आईएएस आशीष सिंह, 2010 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। इंदौर कलेक्टर के रूप में उन्होंने स्वच्छता, महाकाल लोक और कचरा निपटान जैसे कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
चलता रहूंगा पथ पर, चलने में माहिर बन जाऊंगा या तो मंजिल मिल जाएगी या अच्छा मुसाफिर बन जाऊंगा।
आशीष सिंह का जन्म 29 नवंबर 1984 को उत्तरप्रदेश के हरदोई जिले में हुआ। संडीला तहसील के तेरवा गांव में जन्मे आशीष के पिता शिक्षक थे। उनकी तमन्ना भी यही थी कि बेटा प्रशासनिक सेवा में जाए और समाज में बड़े पैमाने पर बदलाव लाए। पिता की दिली इच्छा पूरी करने के लिए आशीष ने प्रारंभिक पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल से की। इसके बाद वे कानपुर आ गए। सीएसजेएम यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ आर्ट्स में दाखिला लिया और सफर पर बढ़ चले।
करियर...
यूपीएससी में सफलता हासिल करने के बाद उनके जीवन के वास्तविक सफर की शुरुआत 30 अगस्त 2010 से हुई। जूनियर स्कैल में उनकी ट्रेनिंग की शुरुआत हुई और 12 जुलाई 2012 तक ट्रेनिंग चलती रही। 6 जून 2011 को उन्हें कटनी में असिस्टेंट कलेक्टर बनाया गया। 6 अक्टूबर 2013 तक वे इसी पद पर तैनात रहे। इसके बाद बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित अनुविभाग में एसडीएम के रूप में एक साल सेवाएं दीं। फिर आई वह घड़ी, जब उनकी मंजिल साफ दिखाई देने लगी। 7 अक्टूबर 2013 को इंदौर में जिला पंचायत सीईओ का पद संभाला। इस दौरान इंदौर जिले के गांवों को उन्होंने बखूबी समझा और ग्रामीणों के हित में काम किए। 28 फरवरी 2016 तक उन्होंने खुद को गांवों से ऐसा जोड़ा कि हर विषय, समस्याएं खुद समाधान बनती चली गईं और इंदौर ग्रामीण जिला देश का दूसरा 'खुले में शौच से मुक्त' (ODF) जिला बना। इसके बाद वे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे। यहां पहले सिंहस्थ में अपर आयुक्त के रूप में सेवाएं दीं और फिर नगर निगम के कमिश्नर का पद संभाला और 20 जून 2017 तक शहर की सूरत बदलने की दिशा में काम किया।
मालवा की मिट्टी में ही देवास से रूबरू
thesootr
मालवा की मिट्टी को समझने के दौरान ही आशीष सिंह पहली बार 21 जून 2017 को देवास कलेक्टर बने। वे मालवा की मौलिक समस्याओं से रूबरू हो चुके थे। यही कारण रहा कि करीब 12 माह की देवास में पदस्थापना के दौरान विकास की योजनाओं को तेज गति दी। इसके बाद 1 मई 2018 को देवास में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ। 2 मई 2018 से 5 मई 2020 तक उन्होंने इंदौर में नगरीय निकाय में कमिश्नर की भूमिका भी निभाई और इंदौर को दो बार स्वच्छता में देश में नंबर एक बनाया। बिना किसी शासकीय खर्च के गीले कचरे के निबटान के लिए सीएनजी बनाने का गोवर्धन प्लांट और सूखे कचरे का निगम को आय देने वाला प्लांट देश में पहली बार उनके द्वारा लगाया गया। जिसकी तारीफ इस बार संसद के बजट में भी की गई।
बाबा ने फिर बुलाया, कोरोना की चुनौतियां कीं पार
प्रोजेक्ट महाकाल लोक
इंदौर में कचरे का पहाड़ का निपटारा
कौन बनेगा करोड़पति में आशीष सिंह ने जीते थे 12.5 लाख
राजधानी भोपाल की बागडोर संभाली और फिर इंदौर में हो गए तैनात
पढ़ते और सुनते हैं गजल
FAQ
आईएएस आशीष सिंह कौन हैं?
आईएएस आशीष सिंह 2010 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के अधिकारी हैं, जो वर्तमान में इंदौर कलेक्टर के पद पर तैनात हैं।- आशीष सिंह का जन्म कहां हुआ था?
आशीष सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के संडीला तहसील के तेरवा गांव में हुआ था। - महाकाल लोक प्रोजेक्ट में आशीष सिंह की क्या भूमिका रही?
आशीष सिंह ने महाकाल लोक प्रोजेक्ट को नए सिरे से रिडिजाइन कर 1100 करोड़ की योजना बनाई और उसे सफलतापूर्वक पूरा किया। - इंदौर को स्वच्छता में नंबर एक बनाने में आशीष सिंह का योगदान क्या है?
आशीष सिंह ने इंदौर के कचरे के निपटान के लिए कई योजनाएं चलाईं, जिनमें गोवर्धन प्लांट और ट्रेंचिंग ग्राउंड की सफाई प्रमुख हैं। कौन बनेगा करोड़पति में आशीष सिंह ने कितनी धनराशि जीती थी?
आशीष सिंह ने केबीसी के कर्मवीर एपिसोड में 12.5 लाख रुपये की धनराशि जीती थी।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari