एमपी की बेटी वसुंधरा बनेगी भारत की आवाज: कॉमनवेल्थ आसियान शिखर सम्मेलन में देश का करेंगी प्रतिनिधित्व
मध्य प्रदेश के सतना से आने वाली युवा शोधार्थी वसुंधरा सिंह अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। कॉमनवेल्थ आसियान शिखर सम्मेलन में वे देश की युवा नेतृत्व की मजबूत आवाज बनेंगी।
यह सम्मेलन कॉमनवेल्थ एशिया यूथ लीडरशिप समिट-2024 के बाद युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहा है। यहां कॉमनवेल्थ एशिया यूथ एलायंस की स्थापना हुई थी। वसुंधरा की इस उपलब्धि से विंध्य क्षेत्र एक बार फिर गौरव महसूस कर रहा है।
28 अक्टूबर को कुआलालंपुर में होगा आयोजन
पूर्व सांसद की पोती की है संगठन में मजबूत पकड़
वसुंधरा सिंह सतना लोकसभा के पूर्व सांसद दिवंगत रामानंद सिंह की पोती और राजवंत सिंह की बेटी हैं। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं।
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय छात्रा प्रमुख के रूप में वे सक्रिय हैं। उनका सफर नरसिंहपुर के विभाग संगठन मंत्री से शुरू हुआ, फिर प्रांत छात्रा प्रमुख और जिला संगठन प्रमुख बनीं। कटनी में पूर्णकालिक कार्यकर्ता के तौर पर उनके काम ने उन्हें सामाजिक और वैचारिक स्तर पर मजबूत बनाया।
कॉमनवेल्थ आसियान शिखर सम्मेलन की खबर पर एक नजर...वसुंधरा सिंह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी: कॉमनवेल्थ आसियान शिखर सम्मेलन में एमपी की बेटी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की आवाज बनेंगी।28 अक्टूबर को कुआलालंपुर में सम्मेलन: मलेशिया में प्रधानमंत्री, मंत्री और युवा नेता जुटेंगे, विषय नवाचार और सतत विकास। पूर्व सांसद की पोती और ABVP नेता: सतना की वसुंधरा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय सदस्य, क्षेत्रीय छात्रा प्रमुख। विंध्य की पहली प्रतिनिधि: क्षेत्रीय सहयोग, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भारत की बात रखेंगी। युवाओं के लिए नया अवसर: कॉमनवेल्थ एशिया यूथ एलायंस की स्थापना के बाद यह सम्मेलन भारत के गौरव को बढ़ाएगा। |
ये खबर भी पढ़िए...MP News: सरकार की बड़ी सौगात, अब सिर्फ 5 रुपए में किसानों को मिलेगा बिजली कनेक्शन
विंध्य क्षेत्र की पहली प्रतिनिधि
वसुंधरा विंध्य क्षेत्र की पहली और एकमात्र प्रतिनिधि हैं जिन्हें यह सम्मान मिला है। सम्मेलन का विषय है सहयोग, नवाचार और भविष्य की साझेदारी। वहीं क्षेत्रीय सहयोग, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, शोध, तकनीक और सतत विकास पर चर्चा होगी। यह उपलब्धि सिर्फ मध्य प्रदेश नहीं, पूरे भारत के लिए गर्व की बात है।