जीतू यादव के MIC में आने से नाराज पार्षद कमलेश कालरा धरने पर, विधायक गौड़ चुप
इंदौर वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कालरा के घर जनवरी 2025 में हुए हमले के बाद जीतू यादव को एमआईसी से हटा दिया गया था। साथ ही एमपी बीजेपी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित भी कर दिया था। बाद में पुलिस से क्लीन चिट मिलने के बाद बीजेपी ने 18 अगस्त को उनकी पार्टी में वापसी कर ली।
इसके बाद 11 सितंबर को उन्हें फिर से एमआईसी मेंबर बना दिया गया। इसी फैसले से नाराज इंदौर बीजेपी केकमलेश कालरा परिवार के साथ राजबाड़ा पहुंचे और मां अहिल्या की प्रतिमा के नीचे मुंह पर काली पट्टी बांधकर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में वार्ड 69 की पार्षद नीता रामबाबू राठौर भी धरना स्थल पर पहुंचीं।
क्या बोल रहे हैं कालरा
कालरा का कहना है कि जीतू यादव (jitu yadav bjp) की वापसी से पहले पार्टी ने उनका पक्ष नहीं सुना। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब विधानसभा 2 और 4 की नहीं, बल्कि उनके स्वाभिमान की है। यह उनकी व्यक्तिगत लड़ाई है।
कालरा ने कहा कि मामला अभी कोर्ट में चल रहा है, इसके बावजूद पार्टी ने जीतू को एमआईसी मेंबर बना दिया और उनकी बात सुने बिना एकतरफा फैसला ले लिया। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को मुख्यमंत्री मोहन यादव तक ले जाएंगे और जरूरत पड़ी तो दिल्ली पीएमओ तक भी जाएंगे।
विधायक चुप, कालरा बोले पहले सभी ने साथ दिया
वहीं जनवरी 2025 में जब कालरा के घर हमला हुआ था, तब विधायक मालिनी गौड़ ही उनके परिवार को लेकर पार्टी कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने कार्रवाई की मांग उठाई थी और उनके दबाव के बाद ही जीतू यादव को पार्टी से बाहर किया गया था। हालांकि, इस बार पूरे मामले में विधायक की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है। वह अभी तक कालरा के धरना स्थल पर भी नहीं पहुंची हैं।
इस पर कालरा का कहना है कि उस समय घटना के बाद सभी ने उनका साथ दिया था, लेकिन अब तक पार्टी की ओर से उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अब यह उनकी व्यक्तिगत लड़ाई है। विधायक मालिनी गौड़ से उनकी अभी कोई बात नहीं हुई है। वहीं विधायक रमेश मेंदोला से बातचीत को लेकर कालरा ने कहा कि उनकी आज तक उनसे कोई चर्चा नहीं हुई है।
बीजेपी छोड़ने के सवाल पर क्या बोले कालरा
वहीं बीजेपी छोड़ने के सवाल पर कालरा ने कहा कि अभी वह पार्टी के सभी स्तर के नेताओं से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि वे उन लोगों से भी मिलेंगे, जिन्होंने पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई है और अपनी बात रखेंगे। कालरा ने साफ कहा कि फिलहाल वह पार्टी छोड़ने नहीं जा रहे हैं।
क्या इसलिए विधायक चुप
इस पूरे मामले (jitu yadav vs kamlesh kalra) में विधायक मालिनी गौड़ की चुप्पी कालरा और उनके समर्थकों को खल रही है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या हाल ही में उनकी विधानसभा में संघ और उनके करीबी नेताओं के बीच हुए विवाद की वजह से वह इस मुद्दे पर खुलकर सामने नहीं आ रही हैं।
इस विवाद में उनके प्रतिनिधि वीरेंद्र शेंडगे, पीए प्रणय चित्तौड़ा समेत कुछ अन्य लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। पार्टी ने शेंडगे को बाहर करने का नोटिस भी दिया था। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत से मामला सुलझा लिया गया। इसके बाद पुलिस ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की और पार्टी ने भी किसी को बाहर नहीं किया।
ऐसे में माना जा रहा है कि अगर विधायक गौड़ अब कालरा के मुद्दे को जोर-शोर से उठाती हैं तो शेंडगे वाला मामला भी फिर से चर्चा में आ सकता है। एमआईसी इंदौर
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