इंदौर-देवास नेशनल हाईवे पर फिर गड्ढे, हाईकोर्ट इंदौर बेंच बोली, ये तो जानलेवा है
इंदौर-देवास नेशनल हाईवे पर पहले भी दो दिन तक लंबा ट्रैफिक जाम लग चुका है। इसके चलते मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद हाईवे की हालत में सुधार नहीं हुआ है। इस मामले को लेकर मातृ फाउंडेशन की ओर से अमेय बजाज ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर बेंचमें याचिका दायर की है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई में यह बोला नेशनल हाईवे
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने कोर्ट में कहा कि जिस ठेकेदार कंपनी को सड़क की जिम्मेदारी दी गई थी, उसे हटा दिया गया है। इसलिए अब इस मामले में याचिका की जरूरत नहीं रह गई है।
इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि मामला सिर्फ ठेकेदार को हटाने का नहीं है। याचिका में सड़क से जुड़े 10 अलग-अलग मुद्दे उठाए गए हैं। असली समस्या हाईवे की खराब हालत है, जिसका समाधान जरूरी है।
वहीं एनएचएआई ने कोर्ट को बताया कि इंदौर-देवास बायपासकी मरम्मत और सुधार का काम अभी चल रहा है।
याचिकाकर्ता ने पेश कर दी गड्ढों की फोटो
याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच के सामने बायपास की तस्वीरें रखीं। तस्वीरों में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे साफ नजर आ रहे थे।
इसे देखकर एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह तो जानलेवा स्थिति है। बेंच ने कहा कि साल 2023 में भी हाईकोर्ट सड़क सुधार के निर्देश दे चुका है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट भी नेशनल हाईवे की खराब हालत सुधारने के आदेश दे चुका है। इसके बावजूद सड़क की हालत में सुधार नहीं होना चिंता की बात है।
टोल टैक्स खत्म करने की मांग
याचिकाकर्ता ने इस पर कहा कि जब हालत ऐसे हैं तो टोल टैक्स नहीं वसूला जाना चाहिए। इस पर बेंच ने कहा कि इस पर अगली सुनवाई (Indore News) में पक्ष सुना जाएगा। अभी सात दिन के भीतर गड्ढे खत्म किए जाएं। वहीं अथॉरिटी लगातार कोर्ट में सभी समस्याएं खत्म होने का आश्वासन दे रहा है।
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