हर थाने पर हो ध्वनि प्रदूषण मापक यंत्र, निगम कचरा गाड़ियों के स्वच्छता गीत की आवाज करे कम- इंदौर हाईकोर्ट
Sanjay Gupta | Oct 26, 2026, 19:34 IST
इंदौर में अब नहीं चलेगा तेज शोर! हाईकोर्ट सख्त
Indore. इंदौर में ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि हर पुलिस थाने में आवाज मापने वाली मशीन दी जाए। ध्वनि प्रदूषण की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी हों। इसके लिए वॉलंटियर्स की नियुक्ति भी की जाए। हाईकोर्ट ने नगर निगम की कचरा गाड़ियों को लेकर भी निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने इन गाड़ियों में बजने वाले स्वच्छता गीत की आवाज 75 फीसदी कम करने को कहा है। इस मामले में अमिताभ उपाध्याय और चिन्मय मिश्रा ने जनहित याचिका लगाई है। उनकी ओर से अधिवक्ता अभिनव धनोतकर ने कोर्ट में पक्ष रखा।
सुनवाई के बाद जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस अजय कुमार पिल्लई की बेंच ने आदेश जारी किए। कोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर आदेशों के पालन की रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।
हर थाने में दिए जाएं
हाईकोर्ट ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए आवाज मापने वाली मशीनें उपयोगी होंगी। ये मशीनें उन पुलिसकर्मियों को दी जाएं जो ध्वनि प्रदूषण की शिकायतें देखते हैं। कोर्ट ने इंदौर के हर पुलिस थाने में ऐसी मशीनें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि हर पुलिस थाने का एक संपर्क नंबर भी जारी किया जाए। इस नंबर पर लोग ध्वनि प्रदूषण की शिकायत कर सकेंगे। इन नंबरों को अखबारों और इंदौर पुलिस की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए। इससे लोग शोर की शिकायत सीधे संबंधित पुलिसकर्मी से कर सकेंगे। उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
इंदौर हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि नवरात्रि और दशहरा के दौरान शहर में जमकर ध्वनि प्रदूषण हुआ। कोर्ट ने भी इस परेशानी को महसूस किया। अफसोस की बात है कि पुलिस इसे रोकने में बेबस नजर आई। शोर करने वालों पर भी पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी।
हाईकोर्ट ने कलेक्टर और संभागायुक्त समेत पुलिस कमिश्नर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि शहर के सभी पुलिस थानों में ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों का रिकॉर्ड रखा जाए। पुलिस के पास आई शिकायतों और उन पर हुई सुनवाई की जानकारी भी कोर्ट में पेश की जाए।
हाईकोर्ट ने कहा कि कई बार लोग पुलिस के चक्कर में पड़ने से बचते हैं। इस वजह से ध्वनि प्रदूषण की शिकायत नहीं कर पाते। कोर्ट ने पुलिस को हर वार्ड में दो वॉलंटियर्स नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। ये वॉलंटियर्स ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों पर नजर रखेंगे। शोर होने पर उसका वीडियो भी बनाएंगे। इसके बाद संबंधित पुलिस थाने को जानकारी देंगे। इससे पुलिस को शिकायतों पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
हाईकोर्ट ने नगर निगम की कचरा गाड़ियों में बजने वाले स्वच्छता गीत पर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि इस गीत से लोगों को कचरा डालने की जानकारी मिलती है। यह बात सही है। मगर गाड़ियों में बजने वाले गीत की आवाज काफी तेज है।
हाईकोर्ट ने नगर निगम को आवाज कम करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि आवाज तय मानकों के अनुसार होनी चाहिए। इसे मौजूदा स्तर से कम से कम 75 फीसदी घटाया जाए। यानी आवाज सिर्फ 25 फीसदी रखी जाए।
हाईकोर्ट ने आदेश की कॉपी निगम के वकील ऋषि तिवारी को देने को कहा है। इससे आदेश का पालन कराया जा सकेगा। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।
सुनवाई के बाद जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस अजय कुमार पिल्लई की बेंच ने आदेश जारी किए। कोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर आदेशों के पालन की रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।
हर थाने में दिए जाएं ध्वनि प्रदूषण मापक यंत्र
हाईकोर्ट ने कहा कि हर पुलिस थाने का एक संपर्क नंबर भी जारी किया जाए। इस नंबर पर लोग ध्वनि प्रदूषण की शिकायत कर सकेंगे। इन नंबरों को अखबारों और इंदौर पुलिस की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए। इससे लोग शोर की शिकायत सीधे संबंधित पुलिसकर्मी से कर सकेंगे। उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
नवरात्रि, दशहरे पर असहाय दिखी पुलिस
हाईकोर्ट ने कलेक्टर और संभागायुक्त समेत पुलिस कमिश्नर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि शहर के सभी पुलिस थानों में ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों का रिकॉर्ड रखा जाए। पुलिस के पास आई शिकायतों और उन पर हुई सुनवाई की जानकारी भी कोर्ट में पेश की जाए।
हर वार्ड से दो वोलंटियर्स लिए जाएं
निगम कचरा गाड़ी पर कम करें आवाज
हाईकोर्ट ने नगर निगम को आवाज कम करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि आवाज तय मानकों के अनुसार होनी चाहिए। इसे मौजूदा स्तर से कम से कम 75 फीसदी घटाया जाए। यानी आवाज सिर्फ 25 फीसदी रखी जाए।
हाईकोर्ट ने आदेश की कॉपी निगम के वकील ऋषि तिवारी को देने को कहा है। इससे आदेश का पालन कराया जा सकेगा। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।
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