इंदौर नगर निगम का विवादित प्रस्ताव- अतिक्रमणकारियों से वसूलेंगे संपत्तिकर, होगा रद्द
इंदौर नगर निगम की माली हालत खराब है। इसे सुधारने के लिए अब निगम अधिकारियों ने एक अनोखा प्रस्ताव रख दिया है। इसके तहत सरकारी व निगम की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के नाम से संपत्तिकर खाते खोले जाएंगे और इनसे संपत्तिकर वसूला जाएगा। हालांकि यह कहा गया है कि इससे कब्जाधारी को मालिकाना हक नहीं मिलेगा और कब्जा वैध नहीं माना जाएगा।
क्यों है यह विवादित प्रस्ताव?
राजस्व नियमों में साफ है कि यदि तीन माह तक किसी संपत्ति पर कोई कब्जाधारी रहता है और इसके औपचारिक सबूत होते हैं, तो फिर कब्जा हटाने की एक अलग प्रक्रिया होती है। मामला स्वामित्व तक आ जाता है। यह खाते खोलकर निगम खुद उन्हें एक ऐसी रसीद दे रहा है कि संबंधित व्यक्ति औपचारिक कब्जाधारी है।
इससे आगे जाकर कानूनी जटिलता और बढ़ेगी। यदि कब्जा लंबे समय (सालों) तक टिका रहा, तो फिर संपत्ति भी हाथ से निकलने का खतरा बढ़ेगा। वहीं, निगम अधिकारियों ने इन बिंदुओं पर ज्यादा गौर न करते हुए मात्र कुछ करोड़ का टैक्स जुटाने के लिए सैंकड़ों करोड़ की संपत्ति दांव पर लगाने वाला प्रस्ताव तैयार कर दिया।
लेकिन प्रस्ताव नहीं होगा पास
वहीं इस मामले में द सूत्र की राजनीतिक प्रतिनिधियों से हुई चर्चा में तय हुआ कि वे इसके लिए तैयार नहीं हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद कानूनविद रहे हैं और एएजी भी रहे हैं, ऐसे में उन्हें कानून की खासी समझ है। बताया जा रहा है कि वह इस प्रस्ताव से खुश नहीं हैं और इसे पास करने के मूड में नहीं हैं। यानी यह तय है कि अधिकारियों का यह विवादित प्रस्ताव रद्द होगा।
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर नगर निगम अब 1 लाख राशि तक के चेक नहीं लेगा, वजह 15 रुपए के भी चेक बाउंस
इंदौर नगर निगम ने कचरा गाड़ी के शराबी ड्राइवर पर कसी नकेल, तैनात किए 60 ब्रेथ एनालाइजर
इंदौर नगर निगम MIC मेंबर राजेश उदावत पर विधवा महिला के गंभीर आरोप, HC में केस
इंदौर नगर निगम में नामांतरण घोटाला! आधी रात अधिकारियों की ID से संपत्ति खातों में हेरफेर