इंदौर नगर निगम MIC मेंबर राजेश उदावत पर विधवा महिला के गंभीर आरोप, HC में केस
INDORE. तिलकनगर एरिया में रहने वाली विधवा महिला ने MIC मेंबर व वार्ड 49 के पार्षद राजेश उदावत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह महिला मंगलश्री अपार्टमेंट में वन बीएचके के फ्लैट में रहती है। नगर निगम ने 11 जुलाई को इसे सीज किया है। इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए यह आरोप लगे हैं। अधिवक्ता अजय मिश्रा ने तर्क रखे। इस पर बुधवार को जस्टिस संदीप भट्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
फ्लैट के लिए धमका रहे उदावत
याचिका में आरोप है कि उनके द्वारा 16 सितंबर 25 को कर्ज लेकर यह फ्लैट लिया गया। लेकिन बाद में राजेश उदावत आए और धमकाया गया। इसमें पता चला कि यह फ्लैट उदावत अपनी डॉक्टर बेटी के क्लिनिक के लिए लेना चाहते थे। लेकिन जब डील नहीं जमी तो सौदा निरस्त हो गया और यह फ्लैट महिला ने खरीद लिया। यहां पर उन्होंने महिलाओं को ब्यूटी पार्लर कोर्स सिखाने का काम शुरू किया।
पहले अवैध निर्माण का नोटिस जारी कराया
महिला ने आरोप लगाए हैं कि उदावत ने पहले दबाव बनाने के लिए जोन 10 के भवन अधिकारी के जरिए 26 अप्रैल को नोटिस दिलवाया। इसमें कहा गया कि निर्माण गलत किया गया। इस पर निगम में नोटिस पर जवाब दिया गया और बताया कि उन्होंने फ्लैट नहीं बनाया, यह तो बिल्डर ने बनाया। इस पर निगम अधिकारी ने कहा कि नोटिस गलती से आ गया।
इसके बाद दूसरा नोटिस और फिर सील किया
याचिका में कहा गया है कि इसके बाद उदावत नहीं माने और फिर उन्होंने 27 जून को दूसरा नोटिस दिलवाया। यह नोटिस आवासीय भवन में व्यावसायिक गतिविधि करने को लेकर था। महिला ने बताया कि ब्यूटी पार्लर के संबंध में इस तरह के प्रतिबंध नहीं है और वहीं कॉलोनी में ही आवासीय भवन में क्लिनिक, पार्लर सभी कुछ संचालित है। लेकिन उन्हें ही नोटिस दिया गया। इसकी शिकायत कलेक्टर इंदौर को भी की। लेकिन इसी बीच निगम की टीम ने 11 जुलाई को फ्लैट ही सील कर दिया। यह सब उदावत के दबाव के कारण हुआ।
पूरे शहर में चल रही गतिविधियां
इस मामले में निगम की तेजी चौंकाने वाली है। एक के बाद एक नोटिस और वह भी अलग-अलग कारण से। इसके बाद नोटिस के 15 दिन में ही विधवा महिला जिसके दो बच्चे हैं। उनके फ्लैट को सील कर दिया गया। जबकि पूरे शहर में इस तरह की गतिविधियां हो रही है। आवासीय प्लॉट पर तो होटल, व्यावसायिक मल्टी तक बनी है।
क्या बोल रहे हैं उदावत
उदावत ने इस मामले में 'द सूत्र' से कहा कि मेरी इसमें कोई भूमिका नहीं है। रहवासियों ने निगमायुक्त से जनसुनवाई में शिकायत की थी और इसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
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