सफाई में इंदौर को मिले हैं 99.75 फीसदी अंक, सूरत, और दूसरे शहर यहां रहे पीछे
Sanjay Gupta | Jul 17, 2025, 15:27 IST
indor cleaness city
इंदौर को 99.75% अंक मिले, जिसमें आठ में से सात मानकों पर 100% स्कोर और सोर्स सेग्रीगेशन में 98% अंक मिले। सूरत, नवी मुंबई और विजयवाड़ा जैसे दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए इंदौर सिरमौर बना।
केंद्रीय शहरी मंत्रालय द्वारा स्वच्छता के लिए 17 जुलाई को अवार्ड की घोषणा की गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हाथों से नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त शिवम वर्मा ने सुपर स्वच्छ लीग में पहले पायदान पर रहने का अवार्ड हासिल किया। टीम के साथ अपर आयुक्त व सफाई कार्य के प्रभारी अभिलाष मिश्रा, एमआईसी मेंबर व सफाई मित्र भी दिल्ली गए हैं।
अंक घोषित नहीं, लेकिन इस तरह
सफाई के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए थे। इसमें 100 फीसदी में से इंदौर को कुल 99.75 फीसदी अंक हासिल हुए हैं, जबकि सूरत 99 फीसदी अंक हासिल कर पाया।
कुल आठ मानकों में से सात मानकों (डोर टू डोर, वेस्ट जनरेशन वर्सेस प्रोसेसिंग, रेमेडिएशन ऑफ डंप साइट, रेजिडेंशियल एरिया की स्वच्छता, मार्केट एरिया की स्वच्छता, जल स्रोतों की सफाई और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई) में इंदौर और सूरत दोनों ने 100 में से 100 अंक प्राप्त किए।
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सोर्स सेग्रिगेशन श्रेणी में इंदौर को 98 फीसदी और सूरत को 92 फीसदी अंक मिले। यहीं पर इंदौर ने सूरत को पीछे छोड़ दिया, जबकि बीते साल 2023 के अवार्ड में दोनों संयुक्त रूप से नंबर वन थे।
वहीं स्वच्छता अवार्ड में लीग से बाहर अहमदाबाद नंबर वन आया है और उसे कुल 99.25 फीसदी अंक मिले हैं। उसने भी सोर्स सेग्रिगेशन में 94 फीसदी अंक प्राप्त किए। यानी हर दृष्टिकोण से इंदौर ही सिरमौर है-हर कसौटी पर नंबर वन।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय – मंत्री ने कहा कि इंदौर स्वच्छता का गुरु और पथ-प्रदर्शक है। पीएम नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन में कदमताल करते हुए इंदौर ने लगातार आठवीं बार स्वच्छता में शीर्ष स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव के कुशल नेतृत्व ने असंभव को संभव कर दिखाया। यह इंदौरवासियों की चेतना का दर्पण है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव – उन्होंने कहा कि इस सफलता के लिए सफाई मित्र और इंदौर की जनता जिम्मेदार है। सभी के अथक प्रयास से यह संभव हुआ है और इंदौर हमेशा सिरमौर रहेगा।
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निगमायुक्त शिवम वर्मा – उन्होंने कहा कि सभी को बधाई। इंदौर इस बार सुपर स्वच्छ लीग का सिरमौर है, जो अब अन्य शहरों को ट्रेन करेगा। इसमें जनता की भागीदारी सबसे अहम है। निगम की टीम भी जनता के साथ मिलकर काम कर रही है। हम अन्य शहरों को भी गाइड करेंगे। इंदौर हमेशा नंबर वन रहेगा।
संभागायुक्त दीपक सिंह – उन्होंने कहा कि यह जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व, जनता की भागीदारी और सफाई मित्रों की मेहनत का परिणाम है। अब इंदौर को ग्रीन इंदौर पर काम करना है और साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर भी, ताकि सभी शांति से रह सकें।
कलेक्टर आशीष सिंह – निगमायुक्त रहते हुए दो बार नंबर वन का तमगा हासिल कर चुके कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यह सभी की मेहनत का फल है—जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन, सफाई मित्रों की मेहनत और जनता की भागीदारी। लगातार इंदौर के नंबर वन आने के कारण ही यह स्वच्छ लीग शुरू हुई और इंदौर इसमें भी सिरमौर रहा।
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अंक घोषित नहीं, लेकिन इस तरह इंदौर सिरमौर
बार-बार इंदौर और दूसरे शहरों के सफाई में आगे रहने के चलते इस बार बीते तीन सालों में टॉप थ्री में आने वाले शहरों की सुपर स्वच्छ लीग शुरू की गई थी। इसमें दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंदौर, सूरत, नवी मुंबई और विजयवाड़ा को रखा गया था। इंदौर को अवार्ड के लिए पहले नंबर पर बुलाया गया, फिर सूरत को, और इसके बाद नवी मुंबई और विजयवाड़ा को बुलाया।
इंदौर को 99.75 अंक, सूरत को 99 फीसदी अंक
कुल आठ मानकों में से सात मानकों (डोर टू डोर, वेस्ट जनरेशन वर्सेस प्रोसेसिंग, रेमेडिएशन ऑफ डंप साइट, रेजिडेंशियल एरिया की स्वच्छता, मार्केट एरिया की स्वच्छता, जल स्रोतों की सफाई और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई) में इंदौर और सूरत दोनों ने 100 में से 100 अंक प्राप्त किए।
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सोर्स सेग्रिगेशन श्रेणी में इंदौर को 98 फीसदी और सूरत को 92 फीसदी अंक मिले। यहीं पर इंदौर ने सूरत को पीछे छोड़ दिया, जबकि बीते साल 2023 के अवार्ड में दोनों संयुक्त रूप से नंबर वन थे।
वहीं स्वच्छता अवार्ड में लीग से बाहर अहमदाबाद नंबर वन आया है और उसे कुल 99.25 फीसदी अंक मिले हैं। उसने भी सोर्स सेग्रिगेशन में 94 फीसदी अंक प्राप्त किए। यानी हर दृष्टिकोण से इंदौर ही सिरमौर है-हर कसौटी पर नंबर वन।
अब इंदौर को नई चुनौतियां निभानी हैं
महापौर पुष्यमित्र भार्गव – उन्होंने कहा कि इस सफलता के लिए सफाई मित्र और इंदौर की जनता जिम्मेदार है। सभी के अथक प्रयास से यह संभव हुआ है और इंदौर हमेशा सिरमौर रहेगा।
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निगमायुक्त शिवम वर्मा – उन्होंने कहा कि सभी को बधाई। इंदौर इस बार सुपर स्वच्छ लीग का सिरमौर है, जो अब अन्य शहरों को ट्रेन करेगा। इसमें जनता की भागीदारी सबसे अहम है। निगम की टीम भी जनता के साथ मिलकर काम कर रही है। हम अन्य शहरों को भी गाइड करेंगे। इंदौर हमेशा नंबर वन रहेगा।
संभागायुक्त दीपक सिंह – उन्होंने कहा कि यह जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व, जनता की भागीदारी और सफाई मित्रों की मेहनत का परिणाम है। अब इंदौर को ग्रीन इंदौर पर काम करना है और साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर भी, ताकि सभी शांति से रह सकें।
कलेक्टर आशीष सिंह – निगमायुक्त रहते हुए दो बार नंबर वन का तमगा हासिल कर चुके कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यह सभी की मेहनत का फल है—जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन, सफाई मित्रों की मेहनत और जनता की भागीदारी। लगातार इंदौर के नंबर वन आने के कारण ही यह स्वच्छ लीग शुरू हुई और इंदौर इसमें भी सिरमौर रहा।
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